Lal Bahadur Shastri Jayanti: PM Narendra Modi pays tribute to former PM Lal Bahadur Shastri on his birth anniversary
Lal Bahadur Shastri Jayanti: भारत के इतिहास में 2 अक्टूबर का दिन दो महान हस्तियों की जयंती के तौर पर खास महत्व रखता है। इसी दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री (Former Prime Minister) लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri Jayanti) का जन्म हुआ था। उनकी जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन, सादगी और देश के प्रति उनके समर्पण को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी की सादगी और देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी लोगों को गहराई से प्रेरित करती है।
Read : ULFA से मुकाबले की पूरी कहानी, असम से पुलिस सुधार तक ऐसे चली संघर्ष यात्रा
पीएम मोदी ने Lal Bahadur Shastri Jayanti पर दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पीएम मोदी ने शास्त्री जी की सादगी और देश के प्रति उनके समर्पण को वास्तव में प्रेरणादायक बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और देश के प्रति उनका समर्पण आज भी बहुत प्रेरणादायक है। प्रधानमंत्री ने उनके व्यक्तित्व की एक खास बात पर भी जोर दिया कि, उनका बाहरी व्यवहार बेहद सरल और विनम्र था, लेकिन उनके भीतर जबरदस्त इच्छाशक्ति थी।
सादगी और मजबूत इच्छाशक्ति की मिसाल
भारतीय राजनीति में लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri Jayanti) को एक ऐसे नेता के तौर पर याद किया जाता है जिनका सार्वजनिक जीवन सादगी और कर्तव्य-भावना से भरा था। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो संदेश में उनके व्यक्तित्व के इसी खास पहलू का जिक्र किया। पीएम मोदी के अनुसार, शास्त्री जी शांत, सरल और विनम्र दिखते थे, लेकिन उनका संकल्प असाधारण रूप से मजबूत था। यही अनोखा मेल उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान बन गया।
शास्त्री जी का जीवन इस बात का उदाहरण था कि नेतृत्व का मतलब सिर्फ ऊंचा पद पाना या दिखावा करना नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण पर आधारित होता है। उनके छोटे से कार्यकाल में लिए गए फैसलों और उनके सार्वजनिक संदेशों ने उन्हें भारतीय इतिहास में एक खास जगह दिलाई।
Read: UPSC के 100 साल… कभी 83 में सिर्फ 3 महिलाएं, अब 958 में 299, सिविल सर्विस में ऐसे बदली तस्वीर
Lal Bahadur Shastri का जन्म और शुरुआती जीवन
लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुगलसराय में हुआ था। यह वाराणसी (Varanasi) से लगभग सात मील दूर बसा एक छोटा सा रेलवे कस्बा था। उनके पिता स्कूल टीचर थे और जब शास्त्री जी डेढ़ साल के ही थे, तब उनका निधन हो गया, इसके बाद उनकी मां ने बच्चों की परवरिश की। आर्थिक तंगी के बावजूद, शास्त्री जी ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और बाद में आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए।
प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी के अनुसार, जवानी के दिनों में देश की आजादी के संघर्ष से प्रेरित होकर वे राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय हो गए। उनका जीवन संघर्ष, अनुशासन और जन-सेवा की भावना से भरा था। यही कारण है कि बाद के वर्षों में उन्हें भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में गिना जाने लगा।
देश के प्रधानमंत्री के तौर पर की सेवा
लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri Jayanti) ने 9 जून, 1964 को भारत के प्रधानमंत्री का पद संभाला और 11 जनवरी, 1966 तक इस पद पर रहे। हालांकि प्रधानमंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल काफी छोटा था, लेकिन उस दौरान देश को कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
शास्त्री जी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और खाद्य आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दों पर खास जोर दिया। उनका मशहूर नारा, ‘जय जवान, जय किसान’, जिसने सैनिकों और किसानों की अहम भूमिकाओं को उजागर किया, आज भी उनके सार्वजनिक जीवन की सबसे यादगार निशानियों में से एक है।
इस संदेश ने उस समय देश की दो अहम जरूरतों राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना को पूरा किया। नतीजतन, आज भी जब किसानों और सैनिकों के योगदान को याद किया जाता है, तो लाल बहादुर शास्त्री का जिक्र जरूर होता है।
Read: दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बाद EC ने लिया बड़ा फैसला, जानें पूरा मामला
पीएम मोदी ने किया शास्त्री जी की विरासत को याद (Lal Bahadur Shastri Jayanti)
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की भलाई के लिए शास्त्री जी का समर्पण उनके प्रधानमंत्री के तौर पर छोटे से कार्यकाल में भी साफ दिखता था। उनके सरल स्वभाव और मजबूत इरादों को याद करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि हर भारतीय उन्हें याद करते हुए सम्मान से अपना सिर झुकाता है।
यह श्रद्धांजलि ऐसे समय में दी जा रही है जब देश 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री, दोनों की जयंती मनाता है। पूरे देश में उनकी जयंती पर उनके जीवन और योगदान को याद किया जाता है।
ताशकंद से जुड़ी थी शास्त्री जी की अंतिम यात्रा (Lal Bahadur Shastri Jayanti)
लाल बहादुर शास्त्री का निधन 11 जनवरी, 1966 को ताशकंद में हुआ था। वह भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एक समझौते के बाद ताशकंद में थे। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी उनके निधन की तारीख 11 जनवरी, 1966 दर्ज है।
शास्त्री जी की विरासत को 2026 में भी विशेष रूप से याद किया गया। अगस्त 2026 में, प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में शास्त्री स्मारक पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। PIB के अनुसार, ताशकंद में शास्त्री जी के नाम पर सड़कें, स्कूल और एक भारतीय सांस्कृतिक केंद्र भी हैं।
ALSO READ: Today Haryana News| The World News Insights | TV TODAY BHARAT NEWS | LATEST BOLLYWOOD NEWS
लाल बहादुर शास्त्री को आज भी किया जाता है याद
भारतीय सार्वजनिक जीवन में लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri Jayanti) का जीवन सादगी, जिम्मेदारी और देश सेवा का प्रतीक है। उनकी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम उनके आदर्शों और योगदान को याद करने का काम करते हैं।
पीएम मोदी की हालिया श्रद्धांजलि में उनके व्यक्तित्व की दो मुख्य खूबियों पर भी जोर दिया गया कि, सादगी और मजबूत इरादा। यह संदेश शास्त्री जी की सार्वजनिक छवि को उजागर करता है, जिसमें विनम्रता और मजबूत नेतृत्व का मेल दिखता है।
हालांकि प्रधानमंत्री के तौर पर लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri Jayanti) का कार्यकाल लंबा नहीं था, लेकिन भारतीय इतिहास में उनका स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। उनका सफर संघर्ष से शुरू हुआ और देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुंचा, आज देश उनकी जयंती पर उन्हें सम्मान के साथ याद करता है।
UTTAR PRADESH |UTTARAKHAND UPDATE |CM YOGI BREAKING |EXPLAINER TV TODAY BHARAT|WEB STORY |NATIONAL NEWS TODAY | Business Bharat
