Mayawati vs Akhilesh: मायावती और अखिलेश यादव की तस्वीर, धनराज नथवानी के राज्यसभा टिकट पर सियासी विवाद । PHOTO: ANI
Mayawati vs Akhilesh: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मायावती अखिलेश यादव के बीच एक बार फिर जुबानी सियासी जंग तेज हो गई है। इस बार मुद्दा समाजवादी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार हैं। Mayawati vs Akhilesh की इस नई राजनीतिक बहस के केंद्र में Dhanraj Nathwani हैं, जिन्हें समाजवादी पार्टी (SP) ने Rajya Sabha के लिए उम्मीदवार बनाया है। बसपा प्रमुख मायावती ने इस फैसले को लेकर सपा के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक की राजनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा वोट तो PDA के नाम पर मांगती है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन में परिवार और संपन्न लोगों को प्राथमिकता देती है।
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Highlights
- सपा ने धनराज परिमल नथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया।
- रामगोपाल यादव भी सपा के राज्यसभा उम्मीदवार हैं।
- मायावती ने सपा के PDA दावे पर सवाल उठाया।
- बसपा प्रमुख ने परिवारवाद और धनबल का आरोप लगाया।
- सपा ने अपने उम्मीदवारों के चयन का बचाव किया है।
धनराज नथवानी को टिकट सवाल क्यों ?
मायावती अखिलेश यादव की ताजा राजनीतिक खींचतान तब सामने आई, जब समाजवादी पार्टी (SP) ने रामगोपाल यादव के साथ धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया। Mayawati vs Akhilesh विवाद में Dhanraj Nathwani का नाम इसलिए चर्चा में आया क्योंकि वह कॉरपोरेट जगत से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक वह रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में Rajya Sabha चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया।
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मायावती ने PDA को लेकर क्या कहा?
मायावती-अखिलेश यादव विवाद में बसपा (BSP) प्रमुख ने सीधे सपा के PDA फॉर्मूले को निशाने पर लिया है। Mayawati vs Akhilesh की इस बहस में मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी छोटे या बड़े चुनाव में बड़े पूंजीपतियों और करीबी रिश्तेदारों को टिकट देने के बजाय पार्टी में काम करने वाले गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर वर्गों के कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देती है। उन्होंने Dhanraj Nathwani की उम्मीदवारी और सपा के Rajya Sabha प्रत्याशियों का उदाहरण देकर पार्टी के PDA दावे पर सवाल उठाया।
रामगोपाल यादव को लेकर निशाना
मायावती अखिलेश यादव के बीच जारी इस राजनीतिक बयानबाजी में रामगोपाल यादव (RAMGOPAL YADAV) का नाम भी प्रमुखता से सामने आया। Mayawati vs Akhilesh बहस में मायावती ने कहा कि सपा ने रामगोपाल यादव को एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है और उन्हें अखिलेश यादव का करीबी रिश्तेदार बताते हुए परिवारवाद का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने Dhanraj Nathwani को दूसरे उम्मीदवार बनाए जाने पर सवाल उठाया। हालांकि Rajya Sabha उम्मीदवार चुनना किसी भी राजनीतिक दल का संगठनात्मक और राजनीतिक फैसला होता है और सपा अपने चयन को उचित बता रही है।
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‘PDA का वोट, टिकट किसे?’ मायावती का सवाल
मायावती अखिलेश यादव की इस राजनीतिक लड़ाई का सबसे अहम हिस्सा PDA की परिभाषा को लेकर है। Mayawati vs Akhilesh चर्चा में मायावती का आरोप है कि समाजवादी पार्टी चुनावों में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के समर्थन की बात करती है, लेकिन टिकट बांटने में सपा की तरीका इसके खिलाफ दिखाई देता है। उन्होंने Dhanraj Nathwani की उम्मीदवारी के आधार पर सपा पर बड़े उद्योग जगत से जुड़े लोगों को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। Rajya Sabha उम्मीदवारों को लेकर यही मुद्दा अब बसपा और सपा के बीच नई राजनीतिक बहस बन गया है।
धनराज नथवानी कौन हैं?
मायावती-अखिलेश यादव विवाद के बीच जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह धनराज परिमल नथवानी का है। Mayawati vs Akhilesh की मौजूदा बहस में Dhanraj Nathwani का कॉरपोरेट और खेल प्रशासन से जुड़ा परिचय भी चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज में वरिष्ठ पद पर हैं और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे हैं। वह परिमल नथवानी के बेटे हैं, जो खुद राज्यसभा से जुड़े रहे हैं। सपा द्वारा उन्हें उत्तर प्रदेश से Rajya Sabha उम्मीदवार बनाए जाने को राजनीतिक हलकों में अप्रत्याशित चयन के रूप में देखा गया।
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तीसरे उम्मीदवार पर भी राजनीतिक चर्चा
मायावती और अखिलेश यादव की बयानबाजी केवल घोषित उम्मीदवारों तक सीमित नहीं रही। Mayawati vs Akhilesh विवाद में मायावती ने संभावित तीसरे उम्मीदवार पर भी टिप्पणी की और दावा किया कि तीसरा प्रत्याशी ‘फेस सेविंग’ के लिए हो सकता है। यह मायावती का राजनीतिक आकलन है, कोई स्थापित तथ्य नहीं। इसी बीच सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा है कि पार्टी Dhanraj Nathwani और रामगोपाल यादव के बाद तीसरा Rajya Sabha उम्मीदवार भी उतारेगी और उसके नाम पर पार्टी निर्णय करेगी।
सपा ने क्या जवाब दिया?
मायावती अखिलेश यादव के राजनीतिक मुकाबले के बीच समाजवादी पार्टी ने बसपा प्रमुख के आरोपों से असहमति जताई है। Mayawati vs Akhilesh विवाद पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सपा ने अपने उम्मीदवारों के चयन का बचाव किया और इसे अपने राजनीतिक एवं समाजवादी दृष्टिकोण के अनुरूप बताया। ऐसे में Dhanraj Nathwani की उम्मीदवारी पर बसपा की आलोचना और सपा का बचाव दोनों राजनीतिक पक्ष हैं। अंतिम तौर पर Rajya Sabha उम्मीदवारों का चुनाव विधायकों के मतदान और निर्धारित चुनावी प्रक्रिया से तय होगा।
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यूपी की राजनीति में क्यों अहम है यह विवाद?
मायावती और अखिलेश यादव के बीच यह ताजा टकराव केवल एक उम्मीदवार तक सीमित नहीं है। Mayawati vs Akhilesh की इस बहस में PDA, दलित-पिछड़ा प्रतिनिधित्व, परिवारवाद और कॉरपोरेट जगत से जुड़े उम्मीदवारों जैसे मुद्दे एक साथ सामने आए हैं। बसपा इन मुद्दों के जरिए सपा की सामाजिक न्याय की राजनीति पर सवाल उठा रही है, जबकि सपा अपने उम्मीदवार चयन को अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत देखती है। Dhanraj Nathwani की Rajya Sabha उम्मीदवारी ने इसलिए उत्तर प्रदेश की राजनीति में उम्मीदवार चयन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर एक नई बहस जरूर शुरू कर दी है।
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