UCC 2029 latest update on Gujarat and Assam Uniform Civil Code bills
UCC 2029: समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code को लेकर राज्यों में प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है। गुजरात और असम के UCC विधेयकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल चुकी है। गुजरात के UCC Bill 2026 को 17 सितंबर को मंजूरी मिली थी। इसे 1 अक्टूबर को राज्य के असाधारण राजपत्र में प्रकाशित किया गया। असम के UCC को 29 सितंबर को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। अब दोनों राज्यों में नियम बनाने और कानून लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस बीच UCC 2029 को लेकर केंद्र का लक्ष्य भी चर्चा में है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 सितंबर 2026 को कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले BJP-NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू करने का लक्ष्य है। ऐसे में सवाल है कि जिन राज्यों में अभी कमेटी या ड्राफ्ट की प्रक्रिया चल रही है, वहां कानून बनने में कितना समय लग सकता है।
UCC 2029 का लक्ष्य क्या है?
अमित शाह ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि कई राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है। उन्होंने भरोसा जताया कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले BJP-NDA शासित 21 राज्यों में इसे लागू किया जाएगा। यह बयान केंद्र के स्तर पर तय की गई कोई वैधानिक समयसीमा नहीं है। यह सरकार और गठबंधन का घोषित राजनीतिक लक्ष्य है।
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UCC 2029 की चर्चा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अलग-अलग राज्यों में प्रक्रिया अलग चरणों में है। कहीं कानून लागू हो चुका है। कहीं राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। कुछ राज्यों में विधानसभा से बिल पास हो चुका है। वहीं कुछ राज्य अभी ड्राफ्ट तैयार करने या उसकी समीक्षा के चरण में हैं।
उत्तराखंड ने सबसे पहले लागू किया UCC
उत्तराखंड UCC लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना। राज्य विधानसभा ने फरवरी 2024 में UCC Bill पास किया था। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिली और 27 जनवरी 2025 से राज्य में UCC लागू कर दिया गया।
उत्तराखंड की प्रक्रिया में कमेटी की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रही। 27 मई 2022 को रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी। समिति ने फरवरी 2024 में अपनी रिपोर्ट और ड्राफ्ट सरकार को सौंपा। इसके बाद विधानसभा में बिल आया। इस टाइमलाइन को देखें तो कमेटी बनने से विधानसभा से बिल पास होने तक करीब 20 महीने का समय लगा। हालांकि हर राज्य में यही अवधि लगे, यह जरूरी नहीं है।
गुजरात में कमेटी से राष्ट्रपति की मंजूरी तक का सफर
गुजरात में 4 फरवरी 2025 को पांच सदस्यीय UCC समिति बनाई गई थी। इसकी अध्यक्षता भी रंजना प्रकाश देसाई ने की। समिति ने लोगों और विभिन्न संगठनों से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की।
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इसके बाद गुजरात विधानसभा ने 24 मार्च 2026 को UCC Bill 2026 पास किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 17 सितंबर को इसे मंजूरी दी। 1 अक्टूबर को कानून राजपत्र में प्रकाशित हुआ।
गुजरात के मामले में कमेटी बनने से विधानसभा में बिल पास होने तक करीब 13 महीने लगे। अब राज्य सरकार को इसके नियमों को अधिसूचित करना है। इसके बाद कानून के प्रभावी होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
असम में प्रक्रिया और तेज हुई
असम का मामला भी अब महत्वपूर्ण हो गया है। राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक सूची के अनुसार Assam Uniform Civil Code, 2026 को 29 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। इसके साथ उत्तराखंड के बाद गुजरात और असम ऐसे राज्य बन गए हैं, जहां UCC विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है।
असम विधानसभा ने मई 2026 में UCC Bill पास किया था। अब राज्य में भी नियम और लागू करने से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे UCC 2029 की तस्वीर में एक और बड़ा बदलाव आया है। कुछ सप्ताह पहले गुजरात, असम और मध्य प्रदेश के बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के इंतजार में थे। अब गुजरात और असम की संवैधानिक प्रक्रिया का यह चरण पूरा हो चुका है।
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मध्य प्रदेश में विधानसभा से पास हो चुका बिल
मध्य प्रदेश ने जुलाई 2026 में UCC Bill विधानसभा से पास किया। बिल 21 जुलाई को विपक्ष के विरोध के बीच पारित हुआ था। इसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों के लिए प्रावधान हैं। अनुसूचित जनजातियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। अगस्त में रिपोर्टों के मुताबिक यह राष्ट्रपति के विचाराधीन था। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही राज्य में कानून को लागू करने की अगली प्रक्रिया पूरी होगी।
मध्य प्रदेश का उदाहरण बताता है कि कमेटी से विधानसभा तक पहुंचने की प्रक्रिया कुछ राज्यों में काफी तेजी से पूरी हो सकती है। हालांकि राष्ट्रपति की मंजूरी और उसके बाद नियम बनाने में अलग समय लग सकता है।
राजस्थान में बिल विधानसभा के सामने
राजस्थान में UCC की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। राज्य कैबिनेट ने 13 अगस्त 2026 को UCC Bill 2026 के ड्राफ्ट को मंजूरी दी थी। प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
राजस्थान विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार Rajasthan Uniform Civil Code Bill, 2026 को 21 अगस्त 2026 को पेश किया गया था। अभी विधानसभा के रिकॉर्ड में इसके पास होने की तारीख दर्ज नहीं है। इसका मतलब है कि राजस्थान अभी राष्ट्रपति की मंजूरी वाले चरण से पहले है।
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महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल कहां हैं?
कुछ अन्य राज्यों में प्रक्रिया अभी ड्राफ्ट या समीक्षा के स्तर पर है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में UCC से जुड़ी समितियों या समीक्षा प्रक्रिया पर काम हुआ है।
इन राज्यों के लिए UCC 2029 का लक्ष्य इसलिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि कमेटी की रिपोर्ट के बाद भी कई संवैधानिक और विधायी चरण पूरे करने होंगे। ड्राफ्ट तैयार करना, कैबिनेट से मंजूरी, विधानसभा में चर्चा और पारित होना इसके प्रमुख चरण हैं। जहां राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी हो, वहां बिल को राजभवन और फिर राष्ट्रपति के स्तर पर भी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
कमेटी से कानून लागू होने तक कितना समय?
अब तक के उदाहरणों से कोई एक निश्चित टाइमलाइन तय नहीं की जा सकती। उत्तराखंड में कमेटी बनने से विधानसभा में बिल पास होने तक करीब 20 महीने लगे। गुजरात में करीब 13 महीने लगे। मध्य प्रदेश में कमेटी बनने के बाद विधानसभा तक पहुंचने की प्रक्रिया काफी कम समय में पूरी हुई।
इसलिए अगले राज्यों में यह अवधि कुछ महीनों से लेकर दो साल या उससे अधिक भी हो सकती है। यह पूरी तरह राज्य की विधायी प्रक्रिया, ड्राफ्ट की जटिलता, विधानसभा के कार्यक्रम और अन्य संवैधानिक चरणों पर निर्भर करेगा। इसके बाद नियम बनाना भी जरूरी है। गुजरात के मामले में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद भी राज्य सरकार को नियम अधिसूचित करने हैं।
2029 तक 21 राज्यों का लक्ष्य कितना आगे बढ़ा?
फिलहाल तस्वीर कई चरणों में बंटी हुई है। उत्तराखंड में UCC लागू है। गुजरात और असम के बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। मध्य प्रदेश का बिल विधानसभा से पास हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है। राजस्थान में बिल विधानसभा में पेश हो चुका है।
दूसरी ओर कुछ राज्यों में अभी ड्राफ्ट और समीक्षा की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में UCC 2029 का लक्ष्य पूरा करने के लिए बाकी राज्यों को अगले ढाई साल के भीतर कई चरण पूरे करने होंगे।
हालांकि किसी राज्य में UCC कब लागू होगा, इसकी सटीक तारीख केवल संबंधित राज्य सरकार की विधायी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए अभी उपलब्ध टाइमलाइन के आधार पर केवल संभावित अवधि का आकलन किया जा सकता है, निश्चित तारीख नहीं।
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