Luv Kush Ramlila 2026: Lok Sabha Speaker Om Birla performs Ganesh Puja at Luv Kush Ramlila 2026 opening ceremony at Red Fort Ground Delhi : PHOTO : TEAM TTB
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर 2026। दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में रविवार को लव कुश रामलीला कमेटी के वार्षिक आयोजन का शुभारंभ हुआ। Luv Kush Ramlila 2026 के पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गणेश पूजन किया। लव कुश रामलीला दिल्ली के शुभारंभ पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। वहीं, लाल किला रामलीला में भगवान शिव-पार्वती, नारद मोह और रावण से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया गया। कार्यक्रम के अंत में रसराज जी महाराज की भजन संध्या आयोजित हुई।
खबर की 5 बड़ी बातें
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गणेश पूजन कर रामलीला का शुभारंभ किया।
- काशी, मथुरा और दिल्ली के पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया।
- अभिनेता पेंटल ने नारद की भूमिका निभाकर दर्शकों की सराहना पाई।
- रसराज जी महाराज की भजन संध्या में रामभक्त भावविभोर हुए।
- 12 अक्टूबर को श्रीराम जन्म, ताड़का वध और सुबाहु वध का मंचन होगा।
ओम बिरला ने किया गणेश पूजन
कमेटी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, Luv Kush Ramlila 2026 का शुभारंभ वैदिक परंपराओं के साथ किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने काशी, मथुरा और दिल्ली से आए विद्वान पंडितों की मौजूदगी में विधि-विधान से गणेश पूजन किया। दिल्ली रामलीला 2026 के इस आयोजन में क्षेत्रीय सांसद प्रवीण खंडेलवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। वहीं, रामलीला गणेश पूजन के दौरान मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ आयोजन की शुरुआत की गई।
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धार्मिक परंपरा के अनुसार किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। Luv Kush Ramlila 2026 में इसी परंपरा का पालन करते हुए पहले गणेश पूजन और फिर रामायण से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया गया। लाल किला मैदान दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना है। साथ ही, लव कुश रामलीला कमेटी हर वर्ष रामकथा के विभिन्न प्रसंगों को रंगमंच के माध्यम से प्रस्तुत करती है।
शिव-पार्वती और नारद मोह का मंचन
कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि Luv Kush Ramlila 2026 के प्रथम दिन भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा नारद मोह, विश्वमोहिनी स्वयंवर, रावण-कुंभकर्ण की तपस्या और रावण-वेदवती संवाद का मंचन भी हुआ। लव कुश रामलीला के पहले दिन कलाकारों ने पौराणिक पात्रों के माध्यम से कथा को आगे बढ़ाया। वहीं, रामायण मंचन दिल्ली में संवाद, अभिनय और धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से दर्शकों को कथा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
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नारद मोह का प्रसंग रामकथा की प्रारंभिक घटनाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। Luv Kush Ramlila 2026 के मंच पर इस प्रसंग को प्रस्तुत करने का उद्देश्य दर्शकों को कथा की पृष्ठभूमि से परिचित कराना था। नारद मोह रामलीला में अहंकार, मोह और उससे जुड़ी घटनाओं को दर्शाया जाता है। वहीं, विश्वमोहिनी स्वयंवर का प्रसंग भगवान विष्णु और देवर्षि नारद से जुड़ी पौराणिक कथा को आगे बढ़ाता है।
इसके अलावा रावण और कुंभकर्ण की तपस्या से जुड़ा प्रसंग भी दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया। Luv Kush Ramlila 2026 में कलाकारों ने रावण के व्यक्तित्व और कथा के प्रारंभिक घटनाक्रम को अभिनय के जरिए दिखाया। रावण-कुंभकर्ण तपस्या के साथ रावण-वेदवती संवाद का मंचन भी हुआ। वहीं, रामलीला का पहला दिन रामायण की आगे आने वाली घटनाओं की पृष्ठभूमि तैयार करने पर केंद्रित रहा।
नारद बने अभिनेता पेंटल
प्रथम दिन के मंचन का एक प्रमुख आकर्षण जाने-माने फिल्म अभिनेता पेंटल का अभिनय रहा। Luv Kush Ramlila 2026 में उन्होंने देवर्षि नारद की भूमिका निभाई। कमेटी के मुताबिक, अभिनेता पेंटल नारद की भूमिका में दर्शकों की सराहना पाने में सफल रहे। वहीं, लाल किला रामलीला मंचन में उनके अभिनय ने नारद मोह प्रसंग को खास बनाया।
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अभिनेता पेंटल हिंदी फिल्म जगत में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और सैकड़ों फिल्मों में काम कर चुके हैं। Luv Kush Ramlila 2026 में उनकी भागीदारी ने मंचन में फिल्म जगत की उपस्थिति को भी रेखांकित किया। लव कुश रामलीला कमेटी के अनुसार, उन्होंने अपनी अभिनय शैली से नारद के पात्र को प्रस्तुत किया। साथ ही, दिल्ली की प्रसिद्ध रामलीला में फिल्म और रंगमंच के कलाकारों की भागीदारी आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रही है।
रसराज जी महाराज की भजन संध्या
रामलीला मंचन के बाद रसराज जी महाराज की भजन संध्या आयोजित की गई। Luv Kush Ramlila 2026 के इस कार्यक्रम में उन्होंने भगवान श्रीराम को समर्पित भजनों की प्रस्तुति दी। कमेटी के अनुसार, रसराज जी महाराज भजन संध्या के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्ति संगीत में भावविभोर दिखाई दिए। वहीं, रामलीला लाल किला दिल्ली के परिसर में रामभक्ति से जुड़ा सांस्कृतिक वातावरण बना रहा।
रसराज जी महाराज को हनुमान भक्ति और धार्मिक भजनों की प्रस्तुतियों के लिए जाना जाता है। Luv Kush Ramlila 2026 में उनकी भजन संध्या को पहले दिन के मंचन के बाद आयोजित किया गया। श्रीराम भजन संध्या में संगीत के माध्यम से भगवान राम की आराधना की गई। इसके अलावा, रामभक्ति कार्यक्रम दिल्ली में शामिल श्रद्धालुओं को रामकथा के मंचन के साथ भक्ति संगीत सुनने का अवसर मिला।
खास बात यह है कि आयोजन समिति ने रामलीला के साथ भक्ति संगीत को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया है। Luv Kush Ramlila 2026 में धार्मिक मंचन के बाद भजनों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को एक अलग सांस्कृतिक स्वरूप दिया। रसराज जी महाराज के भजन श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण रहे। साथ ही, लाल किला मैदान की रामलीला में मंचन और भक्ति संगीत के जरिए लोगों को धार्मिक परंपराओं से जोड़ा गया।
अर्जुन कुमार ने श्रद्धालुओं का जताया आभार
कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने आयोजन में शामिल हुए श्रद्धालुओं और रामभक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया। Luv Kush Ramlila 2026 के पहले दिन की समाप्ति पर उन्होंने परिवारों के साथ पहुंचे लोगों का धन्यवाद किया। लव कुश रामलीला कमेटी दिल्ली ने आगामी कार्यक्रमों में भी श्रद्धालुओं को शामिल होने का आमंत्रण दिया। वहीं, रामलीला कार्यक्रम 2026 के अंतर्गत आने वाले दिनों में भगवान श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
अर्जुन कुमार के मुताबिक, रामलीला भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। Luv Kush Ramlila 2026 के दौरान परिवारों को एक साथ रामायण की कथा देखने का अवसर मिलेगा। दिल्ली लाल किला रामलीला बच्चों और युवाओं को रामायण के पात्रों तथा जीवन मूल्यों से परिचित कराने का माध्यम है। साथ ही, भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को रंगमंच के जरिए प्रस्तुत करना इस आयोजन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
12 अक्टूबर को होगा श्रीराम जन्म का मंचन
कमेटी ने दूसरे दिन के कार्यक्रम की जानकारी भी जारी की है। Luv Kush Ramlila 2026 में सोमवार, 12 अक्टूबर को पुत्रेष्टि यज्ञ, भगवान श्रीराम के जन्म और नामकरण संस्कार का मंचन किया जाएगा। लव कुश रामलीला दूसरे दिन के कार्यक्रम में महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा से जुड़े प्रसंग भी शामिल हैं। इसके अलावा, राम जन्म रामलीला मंचन दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण रहेगा।
रामायण की कथा में राजा दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ और भगवान श्रीराम के जन्म का विशेष महत्व है। Luv Kush Ramlila 2026 में इन प्रसंगों को दूसरे दिन प्रस्तुत करने की योजना है। श्रीराम जन्म प्रसंग के बाद नामकरण संस्कार और महर्षि विश्वामित्र से जुड़ी घटनाओं का मंचन होगा। वहीं, ताड़का वध और सुबाहु वध से जुड़े प्रसंग भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
इस तरह पहले दिन नारद मोह और रावण से जुड़े प्रसंगों के बाद कथा अगले चरण में प्रवेश करेगी। Luv Kush Ramlila 2026 के दूसरे दिन भगवान श्रीराम के बाल्यकाल और महर्षि विश्वामित्र के साथ जुड़े घटनाक्रम को प्रमुखता दी जाएगी। रामलीला 12 अक्टूबर 2026 का कार्यक्रम धार्मिक कथा के क्रम को आगे बढ़ाएगा। वहीं, लाल किला रामलीला दिल्ली में दर्शक आने वाले दिनों में रामायण के अन्य प्रमुख प्रसंग भी देख सकेंगे।
21 अक्टूबर तक चलेगा रामलीला आयोजन
लव कुश रामलीला कमेटी ने इस वर्ष 11 से 21 अक्टूबर तक रामलीला मंचन का कार्यक्रम निर्धारित किया है। Luv Kush Ramlila 2026 में 20 अक्टूबर को दशहरा उत्सव मनाया जाएगा। दिल्ली दशहरा 2026 के लिए विशेष तैयारियों की जानकारी पहले ही दी जा चुकी है। वहीं, लव कुश रामलीला लाल किला का समापन 21 अक्टूबर को भरत मिलाप और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के मंचन के साथ प्रस्तावित है।
आयोजन समिति की पूर्व घोषणाओं के अनुसार, इस बार आधुनिक डिजिटल मंच का उपयोग और कई फिल्मी कलाकारों की भागीदारी भी कार्यक्रम की विशेषताओं में शामिल है। Luv Kush Ramlila 2026 में तकनीकी प्रस्तुतियों के साथ पारंपरिक रामकथा को मंचित करने की तैयारी की गई थी। लव कुश रामलीला कार्यक्रम दिल्ली के प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है। इसके अलावा, रामलीला दशहरा दिल्ली के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
गणेश पूजन, पौराणिक प्रसंगों के मंचन और भजन संध्या के साथ कार्यक्रम का पहला दिन संपन्न हुआ। Luv Kush Ramlila 2026 के आयोजन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की उपस्थिति, अभिनेता पेंटल का अभिनय और रसराज जी महाराज की भजन प्रस्तुति विशेष आकर्षण रहे। दिल्ली रामलीला समाचार में अब दूसरे दिन होने वाले श्रीराम जन्म और ताड़का वध जैसे प्रसंगों पर नजर रहेगी। वहीं, लाल किला मैदान दिल्ली में 21 अक्टूबर तक रामकथा का मंचन निर्धारित है।
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