CM Yogi speaks on the transformed face of Ayodhya; explains how the glory of the 'Ram-nagari' (city of Ram) was restored ahead of the 10th Deepotsav (Pic-x)
Ayodhya Deepotsav 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने 10वें दीपोत्सव (Ayodhya Deepotsav 2026) से पहले अयोध्या में 2017 के बाद हुए बदलावों का जिक्र किया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने कहा कि रामनगरी अपनी पुरानी शान वापस पा रही है। उनके मुताबिक, इस साल दीपोत्सव में लाखों मिट्टी के दीयों, रामायण की झांकियों, भव्य जुलूसों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक (Ayodhya Deepotsav 2026) पहचान दिखाई देगी।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि भव्य राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, सजे हुए रामपथ, विकसित घाटों और आधुनिक सुविधाओं ने शहर की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाई है। योगी ने दीपोत्सव (Ayodhya Deepotsav 2026) को आस्था, सांस्कृतिक गौरव और विकसित भारत के संकल्प से भी जोड़ा।
10वें दीपोत्सव के लिए तैयार अयोध्या
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘सप्त पुरियों (सात पवित्र शहरों) में सबसे आगे, श्री अयोध्या धाम अपने 10वें भव्य और दिव्य दीपोत्सव का स्वागत करने के लिए बहुत उत्साहित है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘लाखों मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगाता सरयू का किनारा, रामायण के प्रसंगों को जीवंत करती मनमोहक झांकियां, भव्य जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस त्योहार के दौरान त्रेता युग की यादें ताजा कर देंगे।
हर दीया भगवान श्री राम के प्रति असीम भक्ति का प्रतीक होगा और हर लौ हमारी सनातन संस्कृति की महिमा का बखान करेगी।’ दीपोत्सव के दौरान सरयू तट पर दीये जलाने के साथ रामायण से जुड़े प्रसंगों को झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दिखाया जाएगा। इस आयोजन में अयोध्या की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को खास तौर पर सामने लाने की तैयारी है। (Ayodhya Deepotsav 2026)
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2017 से पहले अयोध्या की अनदेखी का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साल 2017 से पहले अयोध्या की स्थिति को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय रामनगरी को वह महत्व नहीं मिला, जिसकी उसे जरूरत थी। इस दौरान उन्होंने रामभक्तों पर गोली चलाने और हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने से जुड़ी घटनाओं का भी जिक्र किया। (Ayodhya Deepotsav 2026)
योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘हालांकि, साल 2017 से पहले, भगवान श्री राम की प्रिय नगरी अयोध्या जी अनदेखी, अव्यवस्था और बदहाली का दर्द झेल रही थी। ‘राम की अयोध्या’ के विकास की किसी सरकार को क्या चिंता हो सकती है, जब उसने बेगुनाह राम भक्तों पर गोली चलाने का आदेश दिया हो और पवित्र श्री हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज अदा करवाने का पाप किया हो?’ यह कहते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या में 2017 के बाद हुए विकास और सांस्कृतिक बदलावों को अपनी सरकार (Ayodhya Deepotsav 2026) के कामकाज से जोड़ा।
राम मंदिर से एयरपोर्ट तक, विकास कार्यों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के प्रयासों से अयोध्या में विकास के कई काम हुए हैं। उन्होंने भव्य श्री राम मंदिर (Ram Mandir), महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Maharishi Valmiki International Airport), रामपथ, विकसित घाटों और आधुनिक सुविधाओं का उल्लेख किया। CM योगी ने लिखा, ‘भगवान श्री राम की कृपा से, साल 2017 के बाद श्री अयोध्या जी में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की एक नई सुबह हुई।’ उन्होंने आगे कहा, ‘आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में और डबल इंजन सरकार के प्रयासों से, राम की नगरी अपनी प्राचीन शान वापस पा रही है।
भव्य और दिव्य श्री राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सुसज्जित रामपथ, नए विकसित घाट, आधुनिक सुविधाएं और सोलर सिटी के रूप में इसके उभरने ने आज अयोध्या को आस्था और आधुनिकता के एक अद्भुत संगम में बदल दिया है।’ मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन विकास कार्यों से अयोध्या में धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा मिला है। उन्होंने शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का (Ayodhya Deepotsav 2026) भी जिक्र किया।
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1.71 लाख दीयों से शुरू हुआ था दीपोत्सव का सफर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव की शुरुआत को याद करते हुए बताया कि साल 2017 में यह आयोजन 1.71 लाख दीयों के साथ शुरू हुआ था। उनके अनुसार, समय के साथ यह उत्सव देश और दुनिया के रामभक्तों की आस्था का बड़ा प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा, ‘2017 में 1.71 लाख दीयों से शुरू हुआ दीपोत्सव का सफ़र आज देश और दुनिया भर के करोड़ों राम भक्तों की गहरी भक्ति और जोश का प्रतीक बन गया है। (Ayodhya Deepotsav 2026)
हर साल की तरह इस साल भी राम भक्त दीये जलाने में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए तैयार हैं।’ दीपोत्सव के दौरान दीये जलाने का आयोजन अयोध्या की पहचान का अहम हिस्सा बन चुका है। इस साल भी बड़ी संख्या में दीये जलाने की तैयारी है। हालांकि, इस आयोजन में कितने दीये जलाए जाएंगे और कौन-सा रिकॉर्ड बनेगा, इसकी अंतिम जानकारी आयोजन से जुड़ी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। (Ayodhya Deepotsav 2026)
दीपोत्सव को सांस्कृतिक गौरव और विकसित भारत से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अयोध्या की पुरानी पहचान और सांस्कृतिक गौरव से जुड़ा उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि यह उन पीढ़ियों की इच्छा को दिखाता है, जो अयोध्या को उसके पुराने वैभव में देखने का सपना संजोए हुए थीं। योगी आदित्यनाथ ने लिखा, ‘यह दीपोत्सव उन पीढ़ियों के सपनों की चमक है, जिन्होंने सदियों से अपने राम की अयोध्या को उसके त्रेता युग के वैभव में देखने की लालसा संजोई थी। (Ayodhya Deepotsav 2026)
आज, हर दीया तुष्टिकरण के अंधेरे पर विश्वास की जीत, सांस्कृतिक स्वाभिमान की जागृति और एक विकसित भारत (विकसित भारत) बनाने के पक्के वादे के रूप में जलाया जा रहा है।’इस तरह 10वें दीपोत्सव से पहले मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हुए विकास, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता से सामने रखा है। अब इस आयोजन में सरयू तट की रोशनी, रामायण की झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए रामनगरी की छवि दिखाने (Ayodhya Deepotsav 2026) की तैयारी है।
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