Mental Health Confab 2026: 1300 young people in Delhi spoke openly about mental health (Pic-PR)
Mental Health Confab 2026: दिल्ली में युवाओं की मानसिक सेहत और उनकी परेशानियों पर खुलकर बात करने के लिए मेंटल हेल्थ कॉन्फैब 2026 का आयोजन किया गया। 4 अक्टूबर को नई दिल्ली के विश्व युवा केंद्र में हुए इस कार्यक्रम में करीब 1,300 लोगों ने हिस्सा लिया। इसका मकसद युवाओं को ऐसा माहौल देना था, जहां वे बिना किसी डर या झिझक के अपनी भावनाएं साझा कर सकें और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर (Mental Health Confab 2026) बात कर सकें।
यह कार्यक्रम यूथ फॉर मेंटल हेल्थ (YMH) की ओर से आयोजित किया गया। यह इस साल हुए आयोजन का पांचवां संस्करण था। खास बात यह रही कि इसे छात्रों ने छात्रों के लिए तैयार किया था। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर चर्चा के साथ नुक्कड़ नाटक, कार्यशालाएं, नृत्य के जरिए भावनाएं जाहिर करने की गतिविधियां और अपनी कहानियां (Mental Health Confab 2026) साझा करने के लिए वीडियो बूथ जैसी कई गतिविधियां रखी गईं।
छह अलग-अलग जगहों पर युवाओं को मिला अपनी बात कहने का मौका
मेंटल हेल्थ कॉन्फैब 2026 में छह अलग-अलग हिस्से बनाए गए थे, जहां युवा अपनी पसंद के अनुसार गतिविधियों में शामिल हो सकते थे। किसी ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर चर्चा सुनी, तो किसी ने नुक्कड़ नाटक के जरिए इन मुद्दों को समझा। कार्यशालाओं में युवाओं को अपनी भावनाएं जाहिर करने और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए खुद को (Mental Health Confab 2026) समझने का मौका मिला।
कार्यक्रम में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के दबाव और भारतीय परिवारों की उम्मीदों के बीच तालमेल जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, युवाओं ने अपनी छोटी पत्रिकाएं तैयार कीं, नृत्य के जरिए भावनाएं जाहिर करने वाली गतिविधियों में हिस्सा लिया और वीडियो बूथ पर अपनी मानसिक सेहत से जुड़ी (Mental Health Confab 2026) कहानियां साझा कीं।
मनोवैज्ञानिकों और युवाओं ने साझा किए अपने अनुभव
इस कार्यक्रम में 60 से ज्यादा वक्ताओं और कलाकारों ने हिस्सा लिया। इनमें मनोवैज्ञानिक, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर चुके लोग और सोशल मीडिया पर लोकप्रिय रचनाकार शामिल थे। सभी ने युवाओं की जिंदगी, उनकी परेशानियों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अनुभवों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले कई संगठनों ने अपने स्टॉल भी लगाए। इनके जरिए युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मदद, जागरूकता और देखभाल (Mental Health Confab 2026) के लिए किए जा रहे कामों के बारे में जानने का मौका मिला।
हर युवा तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश
मेंटल हेल्थ कॉन्फैब 2026 में इस बात का खास ध्यान रखा गया कि कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से हिस्सा ले सकें। इसके लिए हर कमरे में भारतीय सांकेतिक भाषा के अनुवादक मौजूद थे, ताकि सुनने में परेशानी का सामना करने वाले लोग भी चर्चाओं को समझ सकें और उनसे जुड़ सकें।
आयोजकों के मुताबिक, इस पहल के जरिए 100 से ज्यादा संस्थानों तक पहुंच बनाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि युवाओं को एक ऐसा (Mental Health Confab 2026) समुदाय देना भी था, जहां वे एक-दूसरे के अनुभवों को समझ सकें और खुद को अकेला महसूस न करें।
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यूथ मेंटल हेल्थ वीक 2026 से भी जुड़ी मुहिम
युवाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बातचीत को बढ़ावा देने के लिए यूथ फॉर मेंटल हेल्थ ने 4 से 10 अप्रैल तक यूथ मेंटल हेल्थ वीक 2026 का आयोजन भी किया था। इसे भारत में अपनी तरह की पहली पहल बताया गया। इस साल की थीम थी, “बदलाव की शुरुआत व्यक्तिगत अनुभवों से”। इसका मकसद मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े फैसलों और चर्चाओं में उन लोगों के अनुभवों को जगह देना था, जिन्होंने खुद इन चुनौतियों का सामना (Mental Health Confab 2026) किया है।
यूथ मेंटल हेल्थ वीक 2026 की अभियान प्रमुख टिया शर्मा ने युवाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा,आज के युवाओं के सामने आने वाली समस्याएं वाकई अनोखी हैं। अक्सर पुरानी पीढ़ी के लोग इन बातों को यह कहकर टाल देते हैं कि ‘यह उम्र तनाव लेने या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों से जूझने की (Mental Health Confab 2026) नहीं है’। लेकिन युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियां बिल्कुल वास्तविक हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय की मनोविज्ञान की छात्रा सराक्षी त्रिपाठी ने भी ऐसे समुदाय की अहमियत बताई, जहां युवा एक-दूसरे को समझ सकें। उन्होंने कहा,’ऐसे समुदाय का हिस्सा होना अच्छा लगता है जहाँ आप दूसरों से जुड़ाव महसूस कर सकें,’ और उन्होंने आगे कहा, ‘मानसिक स्वास्थ्य की परवाह करना अपने आप में एक बहुत अकेला अनुभव हो सकता है; ऐसे लोगों के समुदाय का होना, जो मेरी ही उम्र के हैं और मानसिक स्वास्थ्य तथा खुलकर अपनी बात रखने का उतना ही सम्मान (Mental Health Confab 2026) करते हैं जितना कि मैं, मेरे लिए सचमुच बहुत संतोषजनक रहा।’
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मानसिक स्वास्थ्य के लिए सिर्फ जागरूकता काफी नहीं
यूथ फॉर मेंटल हेल्थ की इन पहलों का संदेश साफ है कि युवाओं की मानसिक सेहत को बेहतर बनाने के लिए केवल जागरूकता फैलाना काफी नहीं है। उन्हें ऐसे माहौल की भी जरूरत है, जहां उनकी बात सुनी जाए, उनकी परेशानियों को गंभीरता से लिया जाए और बिना किसी फैसले या आलोचना के (Mental Health Confab 2026) उन्हें सहारा मिले।
छात्रों और अलग-अलग संस्थानों के युवाओं को एक मंच पर लाकर इन कार्यक्रमों ने मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत करने और एक-दूसरे की मदद करने की अहमियत को सामने रखा। इसका लक्ष्य यह है कि युवा अपनी चुनौतियों का सामना अकेले न करें और उन्हें जरूरत के समय साथ देने वाला (Mental Health Confab 2026) समुदाय मिल सके।
News Source: PR





