Bharati Achrekar: Veteran actor Nana Patekar and actress Bharati Achrekar, who shared a 48-year friendship rooted in Marathi theatre.। IMAGE : TOI
मुंबई, 11 अक्टूबर 2026। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद अभिनेत्री भारती आचरेकर ने रविवार को अपनी 48 साल पुरानी दोस्ती को याद करते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी। Bharati Achrekar Nana Patekar Tribute में उन्होंने अभिनेता के उस निजी व्यक्तित्व का जिक्र किया, जिसे उनके मुताबिक बहुत कम लोग जानते थे। नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। भारती ने अपने संदेश में उनकी सादगी, इंसानियत और साथ बिताए पलों को याद किया।
खबर की 5 बड़ी बातें
- नाना पाटेकर के निधन पर भारती आचरेकर ने भावुक श्रद्धांजलि दी।
- 48 साल पुरानी दोस्ती और नाना के मासूम स्वभाव को याद किया।
- भारती ने बताया कि नाना चुपचाप जरूरतमंद लोगों की मदद करते थे।
- गणेशोत्सव के दौरान हुई आखिरी मुलाकात की यादें साझा कीं।
- मराठी रंगमंच से शुरू हुआ रिश्ता जीवनभर कायम रहा।
दुनिया ने गुस्सा देखा, भारती ने मासूमियत
भारती आचरेकर ने नाना पाटेकर को याद करते हुए कहा कि दुनिया उन्हें तेज स्वभाव और बेबाक अंदाज वाले कलाकार के रूप में जानती थी, लेकिन उन्होंने उनके भीतर एक मासूम बच्चे जैसा दिल देखा था। नाना पाटेकर की 48 साल पुरानी दोस्ती का जिक्र करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि वह बाहर से जितने सख्त दिखाई देते थे, निजी रिश्तों में उतने ही सहज और संवेदनशील थे।
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Bharati Achrekar Nana Patekar Tribute में अभिनेत्री ने लिखा कि नाना एक बड़े कलाकार होने के बावजूद कभी अपनी सफलता का दिखावा नहीं करते थे। उनके मुताबिक, नाना पाटेकर के व्यक्तित्व की खासियत यह थी कि सामान्य लोग भी उनसे बिना किसी झिझक के मिल सकते थे। भारती आचरेकर की यादों में अभिनेता की यही सादगी विशेष स्थान रखती है।
इसके अलावा, भारती ने बताया कि नाना लोगों को उनकी पहचान, पद या सामाजिक स्थिति के आधार पर नहीं देखते थे। उनके लिए सामने वाला व्यक्ति सबसे पहले एक इंसान था। अभिनेत्री ने कहा कि दुनिया नाना की कला का सम्मान करती थी, लेकिन उनके लिए अभिनेता की इंसानियत उनकी सबसे बड़ी पहचान थी।
पति से दोस्ती, फिर परिवार जैसा रिश्ता
नाना पाटेकर और भारती आचरेकर का जुड़ाव मराठी रंगमंच के दौर से था। Bharati Achrekar Nana Patekar Tribute के अनुसार, दोनों ने दो नाटकों में साथ काम किया था। हालांकि, नाना की दोस्ती पहले भारती के पति से हुई थी। बाद में यह रिश्ता भारती के साथ भी उतना ही गहरा हो गया और समय के साथ एक पारिवारिक अपनापन बन गया।
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भारती ने याद किया कि नाना पाटेकर अक्सर उनके घर आते थे और उनके पति के साथ घंटों बातचीत करते थे। 48 साल की दोस्ती में ऐसी कई छोटी-छोटी मुलाकातें थीं, जो आज उनके लिए अनमोल यादें बन गई हैं। अभिनेत्री ने अपने संदेश में पुराने दिनों को दोबारा जीने और नाना को एक बार फिर घर के दरवाजे से अंदर आते देखने की इच्छा व्यक्त की।
खास बात यह है कि नाना पाटेकर और भारती आचरेकर के रिश्ते की नींव सिर्फ अभिनय के पेशे पर नहीं टिकी थी। मराठी रंगमंच के दौरान बने परिचय ने समय के साथ एक स्थायी दोस्ती का रूप लिया। दोनों के पेशेवर जीवन में बदलाव आते रहे, लेकिन उनके बीच व्यक्तिगत संबंध कायम रहे।
बिना प्रचार के करते थे लोगों की मदद
Bharati Achrekar Nana Patekar Tribute में अभिनेता की मदद करने की आदत का भी जिक्र किया गया। भारती के मुताबिक, नाना जरूरतमंद लोगों की सहायता करते समय किसी तरह का प्रचार नहीं चाहते थे। वह किसी व्यक्ति की परेशानी को अपनी लोकप्रियता बढ़ाने का साधन नहीं बनाते थे और बिना पहचान की अपेक्षा किए मदद करते थे।
वहीं दूसरी ओर, नाना पाटेकर की सार्वजनिक छवि उनके स्पष्ट बोलने और तेज प्रतिक्रियाओं से जुड़ी रही। लेकिन भारती आचरेकर ने अभिनेता के स्वभाव का एक अलग पहलू सामने रखा। उनके अनुसार, नाना के भीतर दूसरों के प्रति अपनापन और संवेदना थी, जिसका अनुभव उन्हें कई वर्षों की दोस्ती के दौरान हुआ।
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इसी क्रम में भारती ने कहा कि किसी कलाकार की पहचान केवल उसके अभिनय या पुरस्कारों से नहीं होती। व्यक्तिगत व्यवहार भी उसकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। नाना पाटेकर के मामले में उन्हें सबसे अधिक प्रभावित उनकी इंसानियत ने किया।
गणेशोत्सव की आखिरी मुलाकात याद आई
नाना पाटेकर के निधन के बाद भारती आचरेकर के लिए सबसे खास याद गणेशोत्सव के दौरान हुई उनकी आखिरी मुलाकात है। Bharati Achrekar Nana Patekar Tribute में उन्होंने बताया कि हाल ही में गणेशोत्सव के दौरान उन्होंने अचानक नाना को फोन करके मिलने आने की बात कही थी। आज उन्हें खुशी है कि उन्होंने उस दिन मिलने का फैसला किया था।
भारती के अनुसार, उस मुलाकात में नाना पाटेकर ने उन्हें अपने हाथों से खाना परोसा था। इतने वर्षों के बाद भी उनके व्यवहार में वही पुराना अपनापन और स्नेह था। भारती आचरेकर और नाना पाटेकर की दोस्ती के इस निजी प्रसंग ने अभिनेत्री के विदाई संदेश को और भावुक बना दिया।
हालांकि, भारती को इस बात का अफसोस भी है कि वह उस दिन नाना के साथ कुछ और समय नहीं बिता सकीं। उन्होंने इच्छा जताई कि काश वह थोड़ी देर और रुकतीं, कुछ और बातें करतीं और विदा लेने से पहले अपने पुराने दोस्त को एक बार फिर गले लगा पातीं। अभिनेत्री ने सवाल किया कि 48 वर्षों के साथ और अनगिनत यादों को आखिर कुछ पंक्तियों में कैसे समेटा जा सकता है।
फोन उठाने की आदत अब कैसे छूटेगी?
Bharati Achrekar Nana Patekar Tribute में दोस्ती से जुड़ी एक और भावुक बात सामने आई। भारती ने कहा कि जब भी उन्हें नाना की याद आती थी, वह फोन उठाकर उनसे बात कर सकती थीं। लेकिन अब इस आदत को बदलना आसान नहीं होगा। इतने लंबे समय तक जीवन का हिस्सा रहे दोस्त की अनुपस्थिति को स्वीकार करना उनके लिए कठिन है।
इसके अलावा, अभिनेत्री ने बताया कि नाना पाटेकर की मौजूदगी ने उनके जीवन को प्यार और भावनात्मक सहारे से भर दिया था। भारती आचरेकर के मुताबिक, इस दोस्ती ने उन्हें इंसानियत पर भरोसा बनाए रखने में भी मदद की। उन्होंने नाना जैसा दोस्त मिलना अपना सौभाग्य बताया और उनसे विदा लेना जीवन का दुखद अनुभव कहा।
अपने संदेश के आखिर में भारती ने नाना पाटेकर के प्रति प्यार और आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने पुराने दोस्त को अब आराम करने की भावुक विदाई दी। यह श्रद्धांजलि सिर्फ एक सहकलाकार की ओर से नहीं, बल्कि लगभग पांच दशक पुराने निजी रिश्ते की यादों के रूप में सामने आई।
मराठी रंगमंच से शुरू हुआ 48 साल का साथ
नाना पाटेकर और भारती आचरेकर ने मराठी रंगमंच पर अपने अभिनय को निखारा था। दोनों प्रसिद्ध रंगकर्मी और निर्देशक विजया मेहता के मार्गदर्शन में काम कर चुके थे। Bharati Achrekar Nana Patekar Tribute में इस रंगमंचीय जुड़ाव का भी उल्लेख है। दोनों कलाकार वर्ष 1978 के नाटक ‘हमीदाबाईची कोठी’ और वर्ष 1979 के ‘महासागर’ से जुड़े रहे।
वहीं, अभिनेत्री नीना कुलकर्णी भी इस पुराने रंगमंचीय समूह का हिस्सा रही हैं। जुलाई 2026 में प्रकाशित एक साक्षात्कार में उन्होंने विजया मेहता के मार्गदर्शन में बने कलाकारों के आपसी रिश्तों का जिक्र किया था। उन्होंने भारती आचरेकर, नाना पाटेकर और अपने बीच लंबे समय से कायम दोस्ती को याद किया था। यह रिश्ता रंगमंच पर साथ काम करने के बाद भी बना रहा।
8 अक्टूबर को हुआ था नाना पाटेकर का निधन
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में गोवा में निधन हुआ था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनके निधन के बाद उसी दिन देर रात पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस के पास उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
नाना पाटेकर के निधन के बाद कई कलाकारों और सार्वजनिक हस्तियों ने उनके साथ बिताए पलों को याद किया। अभिनेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी अपने श्रद्धांजलि संदेश में बताया कि वह नाना को ‘दादा’ कहकर संबोधित करती थीं। उन्होंने उनके स्नेह और व्यक्तिगत बातचीत की यादें साझा की थीं।
इसी बीच, भारती आचरेकर की श्रद्धांजलि ने नाना पाटेकर के जीवन का वह पक्ष सामने रखा है, जो फिल्मों में उनकी दमदार भूमिकाओं से अलग था। Bharati Achrekar Nana Patekar Tribute में 48 साल की दोस्ती, पारिवारिक मुलाकातें, दूसरों की मदद और आखिरी मुलाकात जैसे प्रसंग शामिल हैं। ये यादें बताती हैं कि अभिनेत्री के जीवन में नाना की पहचान केवल एक सफल अभिनेता की नहीं, बल्कि एक करीबी दोस्त की भी थी।
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