Skip to content
By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
TV Today BharatTV Today BharatTV Today Bharat
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • ताज़ा खबर
  • राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • राज्य
  • आस्था
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • एजुकेशन
  • जुर्म
  • वीडियो
  • फोटो
  • वेब स्टोरीज
  • वीमेन एम्पावरमेंट
Reading: Jitan Ram Manjhi: हक की लड़ाई, नाराज़गी नहीं – जीतन राम मांझी का बड़ा बयान
Share
Font ResizerAa
TV Today BharatTV Today Bharat
Search
  • होम
  • ताज़ा खबर
  • राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • राज्य
  • आस्था
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • एजुकेशन
  • जुर्म
  • वीडियो
  • फोटो
  • वेब स्टोरीज
  • वीमेन एम्पावरमेंट
Follow US
Home » Blog » Jitan Ram Manjhi: हक की लड़ाई, नाराज़गी नहीं – जीतन राम मांझी का बड़ा बयान
बिहार विधानसभा चुनाव: 2025राजनीतिराष्ट्रीय

Jitan Ram Manjhi: हक की लड़ाई, नाराज़गी नहीं – जीतन राम मांझी का बड़ा बयान

हक की लड़ाई, नाराज़गी नहीं – जीतन राम मांझी का बड़ा बयान

Last updated: October 8, 2025 10:13 am
KARTIK SHARMA - Sub Editor Published October 8, 2025
Share
Jitan Ram Manjhi addressing the media about his political rights
जीतन राम मांझी ने कहा – नाराज़ नहीं, बस अपना हक मांग रहा हूंरिपोर्टिंग:TTB डिजिटल टीम
SHARE
Highlights
  • हक की लड़ाई, नाराज़गी नहीं – जीतन राम मांझी का बड़ा बयान
  • शिवसेना का चुनाव चिन्ह विवाद पहुँचा सुप्रीम कोर्ट, 12 नवंबर को सुनवाई
  • राजनीति में पहचान की जंग — बिहार से महाराष्ट्र तक हक की मांग का दौर
  • मांझी बोले: एनडीए से रिश्ता बरकरार, पर हक की बात ज़रूरी
  • चुनाव चिन्ह से उठी सियासत की नई बहस — सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला

NDA Bihar Politics: भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में कभी-कभी ऐसे मोड़ आते हैं जहाँ नेताओं के बयान और न्यायालयीन प्रक्रियाएँ सीधे जनता और राजनीतिक दलों के बीच के तनाव को उजागर कर देती हैं। ऐसा ही हाल फिलहाल बिहार और महाराष्ट्र की राजनीति में देखने को मिल रहा है। हाल ही में जीतन राम मांझी और शिवसेना चुनाव चिन्ह विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 12 नवंबर को सुनवाई की तारीख तय की है।

Contents
जीतन राम मांझी का बयान: नाराजगी नहीं, हक मांगनाशिवसेना और चुनाव चिन्ह विवादसुप्रीम कोर्ट की सुनवाईराजनीतिक विश्लेषण: हक बनाम विवादबिहार और महाराष्ट्र: दो अलग राजनीतिक धरातलजनता और मीडिया की नजरनिष्कर्ष: राजनीति और न्याय का संतुलन

READ MORE: सीएम योगी ने जनता दर्शन में किया ऐसा काम, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे

जीतन राम मांझी का बयान: नाराजगी नहीं, हक मांगना

बीजेपी और एनडीए से जुड़े होने के बावजूद, जनता दल (सेक्युलर) के नेता और पूर्व बिहार मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका एनडीए से कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे सिर्फ अपने राजनीतिक और संवैधानिक हक की मांग कर रहे हैं।

मांझी का यह बयान एक ऐसे समय में आया है, जब राजनीतिक दलों के बीच चुनाव चिन्ह और पहचान को लेकर विवाद बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है। मेरा उद्देश्य केवल अपने दल और समर्थकों के अधिकार को सुरक्षित करना है, किसी को चोट पहुँचाना नहीं।”

READ MORE: तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के विवादित बयान: चुनाव आयोग पर आरोप और राजनीतिक बहस

शिवसेना और चुनाव चिन्ह विवाद

महाराष्ट्र में शिवसेना और उद्धव ठाकरे के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है। शिवसेना के पुराने नेतृत्व और उद्धव ठाकरे के नए नेतृत्व के बीच मतभेद इतने स्पष्ट हो गए हैं कि चुनाव आयोग तक को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।

चुनाव चिन्ह केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि राजनीतिक पहचान और जनता के साथ संवाद का माध्यम भी है। यही कारण है कि शिवसेना चुनाव चिन्ह विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। उद्धव ठाकरे ने अपनी याचिका में चुनाव चिन्ह को लेकर स्पष्ट अधिकार की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 12 नवंबर को सुनवाई की तारीख तय की है। यह सुनवाई राजनीतिक और संवैधानिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत के इस फैसले का प्रभाव न केवल शिवसेना पर बल्कि पूरे महाराष्ट्र और उससे जुड़े राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

READ MORE: हरियाणा पुलिस में सनसनी, IG वाई पूरन कुमार ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या

विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय चुनावी रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है। यदि किसी दल को चुनाव चिन्ह का अधिकार नहीं मिलता है, तो उसके समर्थकों और कार्यकर्ताओं की राजनीति प्रभावित होगी। इसी कारण यह मामला सामान्य विवाद से कहीं ज्यादा गंभीर बन गया है।

राजनीतिक विश्लेषण: हक बनाम विवाद

इस पूरे विवाद में एक दिलचस्प पहलू यह है कि जीतन राम मांझी ने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं हैं। वे केवल अपने और अपने समर्थकों के हक की बात कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि भारत में चुनाव चिन्ह केवल प्रतीक नहीं हैं, बल्कि जनता के विश्वास और पहचान का माध्यम हैं। जब कोई दल किसी चिन्ह के अधिकार के लिए कोर्ट जाता है, तो यह राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया के बीच का संतुलन दिखाता है।

बिहार और महाराष्ट्र: दो अलग राजनीतिक धरातल

बिहार और महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात अलग हैं, लेकिन हक की मांग और पहचान का मुद्दा दोनों राज्यों में समान रूप से प्रासंगिक है। बिहार में जीतन राम मांझी एनडीए के सहयोगी रहे हैं, लेकिन अपने दल और समर्थकों के हक के लिए उन्होंने स्पष्ट और संजीदा रुख अपनाया है।

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और शिवसेना का मामला दिखाता है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व और प्रतीक का महत्व कितना बड़ा है। यह केवल चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि पार्टी की पहचान और जनता के भरोसे से जुड़ा मामला है।

READ MORE: बिहार बोर्ड टॉपर घोटालेबाज और मास्टरमाइंड अब चुनावी मैदान में

जनता और मीडिया की नजर

जनता और मीडिया इस मामले को बड़ी गहराई से देख रहे हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय किस तरह से राजनीतिक समीकरण बदल सकता है। कुछ विश्लेषक मानते हैं कि यदि अदालत उद्धव ठाकरे के पक्ष में फैसला देती है, तो यह उनके नेतृत्व को और मजबूत करेगा। वहीं, यदि किसी अन्य पक्ष को अधिकार मिलता है, तो राजनीतिक दलों के बीच समीकरण बदल सकते हैं।

निष्कर्ष: राजनीति और न्याय का संतुलन

यह मामला हमें यह याद दिलाता है कि राजनीति में मतभेद होना सामान्य है, लेकिन लोकतंत्र में हक की लड़ाई न्यायालय के माध्यम से भी लड़ी जा सकती है। जीतन राम मांझी का बयान और उद्धव ठाकरे की याचिका दोनों यह दर्शाते हैं कि राजनीति केवल सत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि पहचान, हक और जनता के विश्वास से भी जुड़ी है।

सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई इस बात का फैसला करेगी कि किस दल या नेता को चुनाव चिन्ह का अधिकार मिलता है। यह निर्णय न केवल राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।

Follow Us: YouTube| Tv today Bharat Live | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat|  X  | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram

You Might Also Like

Army Day Speech PM Modi: हमारी सेना का शौर्य और पराक्रम देशवासियों को गौरवान्वित करने वाला-PM

Defence Forces Veterans: रक्षा बल वयोवृद्ध दिवस 2026, देश ने किया पूर्व सैनिकों के शौर्य, त्याग और सेवा को नमन

France no-confidence: फ्रांस की राजनीति में फिर संकट, दो अविश्वास प्रस्ताव, बजट युद्ध और मैक्रों सरकार की अग्निपरीक्षा

PM Modi News: परीक्षा के दबाव से संतुलन की ओर, प्रधानमंत्री मोदी का संदेश, ‘अंकों से आगे भी है भविष्य’

Japan Snap Election 2026: जापान में सियासी हलचल तेज, पीएम सानाए ताकाइची की ने अचानक चुनाव की तैयारी

Quick Link

  • My Bookmark
  • InterestsNew
  • Contact Us
  • Blog Index
TAGGED:Bihar News - बिहारBihar political newsElection Symbol DisputeJitan Ram Manjhijitan ram manjhi news todayLatest Bihar NewsLatest Bihar News (बिहार न्यूज़)NDA Bihar PoliticsPolitical Controversy IndiaShiv Sena Election SymbolSupreme Court Election CaseSupreme Court Hearing 2025today bihar news in hinditv todat bharat big newstv today bharat live hindi newstv today bharat live newsUddhav Thackeray
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Amit Shah Joins Uttarayan Celebrations in Ahmedabad
आस्थाराज्य

Amit Shah Uttarayan Ahmedabad: अमित शाह ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा, गुरुद्वारे में मत्था टेका, पतंग महोत्सव में हुए शामिल

January 14, 2026
Prime Minister Modi saluting Indian Army soldiers on Army Day pressure and balanced learning during exam season
INDIAN ARMY NEWSराष्ट्रीय

Army Day Speech PM Modi: हमारी सेना का शौर्य और पराक्रम देशवासियों को गौरवान्वित करने वाला-PM

January 15, 2026
Defence Forces Veterans Day
राष्ट्रीय

Defence Forces Veterans: रक्षा बल वयोवृद्ध दिवस 2026, देश ने किया पूर्व सैनिकों के शौर्य, त्याग और सेवा को नमन

January 14, 2026
France no-confidence vote Mercosur deal
Diplomacyअंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीय

France no-confidence: फ्रांस की राजनीति में फिर संकट, दो अविश्वास प्रस्ताव, बजट युद्ध और मैक्रों सरकार की अग्निपरीक्षा

January 14, 2026
Virat Kohli, ICC ODI Rankings, India vs New Zealand, ODI Cricket, Indian Cricket
खेल

Virat Kohli ODI Ranking: विराट कोहली फिर बने वनडे की नंबर-1 बल्लेबाज, रोहित शर्मा तीसरे स्थान पर खिसके

January 14, 2026
Prime Minister Modi saluting Indian Army soldiers on Army Day pressure and balanced learning during exam season
एजुकेशनराष्ट्रीय

PM Modi News: परीक्षा के दबाव से संतुलन की ओर, प्रधानमंत्री मोदी का संदेश, ‘अंकों से आगे भी है भविष्य’

January 14, 2026

TVTodayBharat एक डिजिटल-फर्स्ट हिंदी समाचार मंच है, जहाँ हम ताज़ा खबरें, राष्ट्रीय व राज्यीय अपडेट, खेल, मनोरंजन, टेक, हेल्थ, एजुकेशन और लाइफ़स्टाइल जैसी श्रेणियों में तेज़, सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग पेश करते हैं। हमारा उद्देश्य सरल भाषा में भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना, हर खबर के संदर्भ और तथ्य स्पष्ट करना, और ज़रूरत पड़ने पर समय पर सुधार प्रकाशित करना है। हम सनसनी से दूर रहते हुए प्रमाणित स्रोतों, डेटा और ग्राउंड इनपुट पर आधारित पत्रकारिता करते हैं, ताकि आप एक ही जगह पर विश्वसनीय समाचार, विश्लेषण, फोटो-वीडियो और वेब स्टोरीज़ पा सकें।

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions

TVTodayBharat एक डिजिटल-फर्स्ट हिंदी समाचार मंच है, जहाँ हम ताज़ा खबरें, राष्ट्रीय व राज्यीय अपडेट, खेल, मनोरंजन, टेक, हेल्थ, एजुकेशन और लाइफ़स्टाइल जैसी श्रेणियों में तेज़, सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग पेश करते हैं। हमारा उद्देश्य सरल भाषा में भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना, हर खबर के संदर्भ और तथ्य स्पष्ट करना, और ज़रूरत पड़ने पर समय पर सुधार प्रकाशित करना है। हम सनसनी से दूर रहते हुए प्रमाणित स्रोतों, डेटा और ग्राउंड इनपुट पर आधारित पत्रकारिता करते हैं, ताकि आप एक ही जगह पर विश्वसनीय समाचार, विश्लेषण, फोटो-वीडियो और वेब स्टोरीज़ पा सकें।

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
© TVTodayBharat | Design by Vivek
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?