India Mobile PLI Scheme 2026: भारत को वैश्विक मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। India Mobile PLI Scheme 2026 के तहत सरकार जल्द ही मोबाइल उत्पादन से जुड़ी नई प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का दूसरा चरण लॉन्च कर सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, इस स्कीम का आकार करीब 5 अरब डॉलर (लगभग 47,000 करोड़ रुपये) हो सकता है और इसके मई 2026 तक लागू होने की संभावना जताई जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत को मोबाइल निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना और हाई-एंड कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार पहले से ही देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। India Mobile PLI Scheme 2026 इस दिशा में अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।
इससे पहले 2020 में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग (LSEM) के लिए PLI स्कीम शुरू की गई थी। उस समय इस योजना का बजट लगभग 40,995 करोड़ रुपये था। इस स्कीम ने भारत में मोबाइल निर्माण को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। अब PLI 2.0 के जरिए सरकार इस सेक्टर को और मजबूती देना चाहती है, खासकर एक्सपोर्ट पर फोकस करते हुए।
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मई 2026 तक लागू हो सकती है स्कीम
सरकारी सूत्रों के अनुसार, India Mobile PLI Scheme 2026 को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय के साथ चर्चा कर रहा है।
संभावना है कि इस स्कीम को जल्द ही कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। मंजूरी मिलते ही इसे मई 2026 तक लागू किया जा सकता है। इस योजना के तहत कंपनियों को प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट बढ़ाने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिससे देश में निवेश और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।
मोबाइल एक्सपोर्ट को दोगुना करने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य India Mobile PLI Scheme 2026 के जरिए मोबाइल फोन के निर्यात को तेजी से बढ़ाना है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में भारत से करीब 2.62 लाख करोड़ रुपये (लगभग 28 अरब डॉलर) के स्मार्टफोन निर्यात किए गए।
फरवरी 2026 तक PLI स्कीम के तहत कुल निर्यात 6.2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है, जो तय लक्ष्य से करीब 27 प्रतिशत अधिक है। इससे साफ है कि यह स्कीम पहले ही सफल साबित हो चुकी है और अब सरकार इसे और बड़े स्तर पर ले जाना चाहती है।
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Apple जैसी कंपनियों का बड़ा योगदान
भारत के मोबाइल एक्सपोर्ट में Apple जैसी वैश्विक कंपनियों का अहम योगदान रहा है। India Mobile PLI Scheme 2026 के तहत उम्मीद की जा रही है कि और अधिक विदेशी कंपनियां भारत में निवेश करेंगी और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेंगी। इससे भारत न सिर्फ उत्पादन का केंद्र बनेगा, बल्कि सप्लाई चेन में भी अपनी मजबूत स्थिति बना सकेगा।
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रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
PLI स्कीम का एक बड़ा उद्देश्य रोजगार सृजन भी है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक करीब 1.85 लाख लोगों को रोजगार मिला है।
हालांकि यह लक्ष्य 2 लाख से थोड़ा कम है, लेकिन India Mobile PLI Scheme 2026 के लागू होने के बाद रोजगार के अवसरों में और तेजी आने की उम्मीद है। नई स्कीम से हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और कंपोनेंट प्रोडक्शन में भी नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।
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हाई-एंड कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस
नई PLI स्कीम का फोकस सिर्फ मोबाइल असेंबली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें हाई-एंड कंपोनेंट्स के निर्माण पर भी जोर दिया जाएगा। India Mobile PLI Scheme 2026 के जरिए सरकार सेमीकंडक्टर, डिस्प्ले और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स के उत्पादन को बढ़ावा देना चाहती है, ताकि भारत आयात पर निर्भरता कम कर सके।
भारत तेजी से वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर बढ़ रहा है और India Mobile PLI Scheme 2026 इस दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है। यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में भारत न सिर्फ दुनिया का बड़ा मोबाइल उत्पादक बनेगा, बल्कि निर्यात के मामले में भी अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है।
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