Dehradun Bhagwat Katha 2026 के तहत राजधानी देहरादून में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा इन दिनों श्रद्धा और आस्था का केंद्र बनी हुई है। रेंजर्स ग्राउंड में 27 मार्च से शुरू हुई इस कथा में देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रसिद्ध कथावाचक Devkinandan Thakur द्वारा कथा वाचन किया जा रहा है, जिससे पूरा माहौल भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है।
इस विशेष आयोजन में Pushkar Singh Dhami भी शामिल हुए और संतों का आशीर्वाद लिया। Dehradun Bhagwat Katha 2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने आध्यात्मिक आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
चारधाम यात्रा से पहले बढ़ी धार्मिक गतिविधियां
उत्तराखंड में 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है। इससे पहले Dehradun Bhagwat Katha 2026 जैसे आयोजन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से तैयार करने का कार्य कर रहे हैं। कथा का आयोजन 2 अप्रैल तक किया जा रहा है, जिसमें हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
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मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों में शामिल होना जीवन का सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि संतों का सानिध्य व्यक्ति को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ाता है।
देवकीनंदन ठाकुर का बड़ा निवेदन
कथा के दौरान Devkinandan Thakur ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में मदिरा पूरी तरह प्रतिबंधित होनी चाहिए, ताकि तीर्थों की पवित्रता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि अगर श्रद्धालुओं को मदिरा रहित वातावरण मिले, तो तीर्थ का अनुभव और अधिक दिव्य होगा। Dehradun Bhagwat Katha 2026 के दौरान यह मुद्दा प्रमुख चर्चा का विषय बन गया।
सीएम धामी ने दिया सख्ती का आश्वासन
Pushkar Singh Dhami ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चारधाम में पहले से ही ऐसे नियम लागू हैं, लेकिन आगे और सख्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और मर्यादा बनी रहे।
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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धर्म और भक्ति के मार्ग में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। Dehradun Bhagwat Katha 2026 के मंच से उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार आस्था और परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
आध्यात्मिकता और संस्कृति पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने Devkinandan Thakur के जीवन को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि उन्होंने कम उम्र में ही श्रीमद्भागवत महापुराण को कंठस्थ कर समाज को दिशा देने का काम किया।
उन्होंने कहा कि सरकार समाज में सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। Dehradun Bhagwat Katha 2026 जैसे आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
कैबिनेट मंत्री खजान दास का बयान
कार्यक्रम में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री Khajan Das ने भी धार्मिक आस्थाओं को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चारधाम में पहले से ही मांस और मदिरा पर प्रतिबंध है और यदि कहीं इसका उल्लंघन हो रहा है, तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
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उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद लोगों में धार्मिक रुचि बढ़ी है और आने वाले समय में कृष्ण मंदिर बनने की भी संभावना है। Dehradun Bhagwat Katha 2026 के दौरान उन्होंने आस्था को मजबूत करने की बात कही।
समाज को दिया संदेश
कथावाचक Devkinandan Thakur ने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को सनातन धर्म की जानकारी जरूर दें। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना बेहद जरूरी है।
Dehradun Bhagwat Katha 2026 न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से जागरूक करने का माध्यम भी बन रहा है। इस मंच से उठे मुद्दे और सरकार की प्रतिक्रियाएं यह दर्शाती हैं कि आस्था और परंपराओं को संरक्षित करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।
चारधाम यात्रा से पहले यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है और राज्य में धार्मिक माहौल को और अधिक सशक्त कर रहा है।
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