Delhi Mumbai Expressway Tunnel: India's widest 8-lane tunnel on the Delhi-Mumbai Expressway in Kota, Rajasthan, set to improve connectivity and reduce travel time between Delhi and Madhya Pradesh.
Delhi Mumbai Expressway Tunnel: देश के सबसे बड़े सड़क अवसंरचना प्रोजेक्ट्स में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ी एक बड़ी उपलब्धि जल्द आम लोगों के लिए खुलने जा रही है। राजस्थान के कोटा जिले में मुकुंदरा हिल्स के बीच बनाई गई देश की सबसे चौड़ी 8-लेन सुरंग जुलाई के अंत तक यातायात के लिए शुरू किए जाने की तैयारी में है। इस सुरंग के चालू होते ही दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरी तरह से ऑपरेशनल हो जाएगा।
Delhi Mumbai Expressway Tunnel परियोजना को देश के सड़क नेटवर्क में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला माना जा रहा है। इस टनल के खुलने से लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।
4.89 किलोमीटर लंबी सुरंग बनेगी इंजीनियरिंग का नया प्रतीक
राजस्थान के कोटा क्षेत्र में निर्मित यह सुरंग करीब 4.89 किलोमीटर लंबी है। इसकी चौड़ाई लगभग 22 मीटर और ऊंचाई 11 मीटर रखी गई है, जिससे यह देश की सबसे चौड़ी सड़क सुरंगों में शामिल हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, Delhi Mumbai Expressway Tunnel का यह हिस्सा तकनीकी दृष्टि से काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि निर्माण के दौरान विभिन्न प्रकार की चट्टानों और भूगर्भीय परतों को काटकर रास्ता तैयार किया गया।
सुरंग का निर्माण आधुनिक सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसमें उन्नत वेंटिलेशन सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, फायर सेफ्टी उपकरण और निगरानी तंत्र स्थापित किए गए हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच यात्रा होगी आसान
इस नई सुरंग के चालू होने का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के यात्रियों को मिलेगा। अभी तक कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी होने के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ता था। लेकिन Delhi Mumbai Expressway Tunnel के इस हिस्से के शुरू होने के बाद यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुरंग न केवल दूरी कम करेगी बल्कि माल परिवहन की गति भी बढ़ाएगी। इससे उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
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वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया डिजाइन
मुकुंदरा हिल्स क्षेत्र जैव विविधता और वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी कारण परियोजना के निर्माण के दौरान पर्यावरणीय पहलुओं को विशेष प्राथमिकता दी गई। सुरंग के दोनों ओर ‘कट एंड कवर’ तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे वन्यजीवों की प्राकृतिक आवाजाही प्रभावित न हो।
विशेष रूप से बाघों और अन्य जंगली जानवरों के लिए सुरक्षित मार्ग बनाए गए हैं ताकि सड़क यातायात और वन्यजीवों के बीच टकराव की संभावना कम हो सके। Delhi Mumbai Expressway Tunnel का यह मॉडल भविष्य की कई परियोजनाओं के लिए उदाहरण बन सकता है।
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जुलाई में खुलेगा एक और महत्वपूर्ण सेक्शन
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के अनुसार, सुरंग के साथ-साथ राजस्थान में सवाई माधोपुर से लाबान तक लगभग 26 किलोमीटर लंबा नया सेक्शन भी जल्द शुरू किया जाएगा। इससे एक्सप्रेसवे नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा।
नई कनेक्टिविटी के कारण राजस्थान के कई जिलों को सीधे तेज रफ्तार सड़क नेटवर्क का लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और निवेश गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
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अक्टूबर 2026 तक दिल्ली से वडोदरा तक का बड़ा हिस्सा होगा तैयार
Delhi Mumbai Expressway Tunnel परियोजना केवल एक सुरंग तक सीमित नहीं है। पूरा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लगभग 1,386 किलोमीटर लंबा है, जिसका निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। अधिकारियों का लक्ष्य अक्टूबर 2026 तक दिल्ली से वडोदरा तक लगभग 912 किलोमीटर लंबे हिस्से को पूरी तरह चालू करना है।
मध्य प्रदेश और गुजरात सीमा से लेकर वडोदरा तक के शेष हिस्सों पर तेजी से काम जारी है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद देश के पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी नई ऊंचाइयों तक पहुंच जाएगी।
परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का कहना है कि Delhi Mumbai Expressway Tunnel के शुरू होने से माल ढुलाई की लागत कम होगी और परिवहन क्षेत्र की दक्षता बढ़ेगी। ट्रकों और व्यावसायिक वाहनों को कम समय में गंतव्य तक पहुंचने का अवसर मिलेगा, जिससे ईंधन की बचत भी होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों, वेयरहाउस हब और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए यह परियोजना गेम चेंजर साबित हो सकती है। एक्सप्रेसवे के किनारे नए औद्योगिक कॉरिडोर और निवेश परियोजनाओं के विकसित होने की भी संभावना जताई जा रही है।
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24 घंटे का सफर घटकर 12 घंटे तक आने की उम्मीद
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को देश का सबसे लंबा और अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे माना जा रहा है। इसके पूरी तरह तैयार होने के बाद दिल्ली से मुंबई के बीच सड़क मार्ग से यात्रा का समय लगभग आधा रह जाएगा। वर्तमान में जहां यह यात्रा 20 से 24 घंटे तक ले सकती है, वहीं भविष्य में इसे करीब 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
Delhi Mumbai Expressway Tunnel इस महत्वाकांक्षी परियोजना का अहम हिस्सा है, जो देश के सड़क नेटवर्क को नई दिशा देने के साथ-साथ आर्थिक विकास, पर्यटन और व्यापार को भी गति प्रदान करेगा। आने वाले दिनों में इसके खुलने का इंतजार लाखों यात्रियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को रहेगा।
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