AC Fire Safety: Burnt air conditioner outdoor unit after electrical short circuit, highlighting AC fire safety risks during extreme summer heat in India.
AC Fire Safety: भारत में भीषण गर्मी के बीच AC Fire Safety अब केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का बड़ा मुद्दा बन चुका है। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद एयर कंडीशनर की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग एसी डक्ट क्षेत्र से शुरू हुई हो सकती है, जबकि धुएं और पर्याप्त निकासी मार्ग की कमी ने हादसे को और घातक बना दिया। पिछले दो वर्षों में देशभर में एसी, शॉर्ट सर्किट और उससे जुड़ी आग की घटनाओं में 100 से अधिक लोगों की मौत विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और अग्निशमन विभाग के रिकॉर्ड में सामने आ चुकी है।
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रिकॉर्ड गर्मी के साथ बढ़ रहा AC का बाजार
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एयर कंडीशनर बाजारों में शामिल हो चुका है। इक्रा और टेकसाई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025 में देश में लगभग 1.25 करोड़ रूम एसी यूनिट्स की बिक्री हुई। यह पिछले वर्षों की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि मानी जा रही है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में लगभग 11 करोड़ भारतीय किसी न किसी रूप में एयर कंडीशनर का उपयोग करते हैं। अनुमान है कि वर्ष 2035 तक यह संख्या 50 करोड़ और 2050 तक लगभग 100 करोड़ तक पहुंच सकती है। ऐसे में AC Fire Safety केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर का सुरक्षा विषय बनता जा रहा है।
डराने वाले आंकड़े: गर्मियों में बढ़ जाता है खतरा
अग्निशमन विभागों के उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि गर्मियों के दौरान शहरी क्षेत्रों में लगने वाली कुल आग की घटनाओं में 60 से 70 प्रतिशत मामलों में शॉर्ट सर्किट या विद्युत उपकरणों की तकनीकी खराबी महत्वपूर्ण कारण के रूप में सामने आती है।
दिल्ली फायर सर्विसेज के अनुसार जून के महीने में रोजाना औसतन 3 से 5 कॉल ऐसी मिलती हैं जो एसी में स्पार्किंग, शॉर्ट सर्किट या आग लगने से जुड़ी होती हैं। वर्ष 2024 में एसी शॉर्ट सर्किट और कंप्रेसर संबंधी आग की 150 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई थीं। बढ़ती गर्मी और लगातार उपयोग इस जोखिम को और बढ़ा रहे हैं।
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लखनऊ से विवेक विहार तक, हादसों की लंबी सूची
पिछले दो वर्षों में कई बड़े हादसों ने AC Fire Safety को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया।
दिल्ली के विवेक विहार अग्निकांड में 9 लोगों की मौत हुई थी। जांच के शुरुआती चरण में विद्युत प्रणाली और एसी से जुड़े कारणों की जांच की गई। हौज खास में पूर्व आईएएस अधिकारी धनेंद्र कुमार की मौत आग के बाद फैले धुएं के कारण हुई थी। फरीदाबाद में एसी ब्लास्ट के बाद लगी आग में एक परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई।
अब लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर हादसे में 15 लोगों की मौत ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हम बढ़ती गर्मी के साथ बढ़ते तकनीकी जोखिमों के लिए तैयार हैं?
आखिर क्यों फटता है AC?
विशेषज्ञों के अनुसार एयर कंडीशनर में विस्फोट जैसी घटनाएं कई तकनीकी कारणों से होती हैं।
सबसे बड़ा कारण कंप्रेसर का अत्यधिक गर्म होना है। जब एसी लंबे समय तक लगातार चलता है, तो मशीन के अंदर तापमान और दबाव बढ़ने लगता है। यदि कंडेनसर कॉइल धूल से भर जाए या आउटडोर यूनिट को पर्याप्त वेंटिलेशन न मिले तो गर्मी बाहर नहीं निकल पाती।
इसके अलावा गैस लीकेज, खराब वायरिंग, वोल्टेज फ्लक्चुएशन, ओवरलोडेड बिजली लाइन, निम्न गुणवत्ता के स्पेयर पार्ट्स और गलत इंस्टॉलेशन भी गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अधिकांश घटनाओं में एक से अधिक कारण मिलकर आग का कारण बनते हैं।
लोगों की ये गलतियां बढ़ा रही हैं खतरा
AC Fire Safety से जुड़े कई हादसों में मानवीय लापरवाही भी बड़ी वजह बनती है।
कई लोग वर्षों तक एसी की सर्विस नहीं कराते। मशीन के अंदर धूल जमा होती रहती है और कूलिंग सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता जाता है। कई बार स्थानीय स्तर पर सस्ती गैस भरवा दी जाती है या नकली पार्ट्स का उपयोग किया जाता है।
इसके अलावा पुरानी वायरिंग वाले घरों में हाई-कैपेसिटी एसी लगाना भी खतरनाक साबित हो सकता है। लगातार 10 से 12 घंटे तक एसी चलाना और वोल्टेज सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करना भी जोखिम बढ़ाता है।
मौत का सबसे बड़ा कारण ब्लास्ट नहीं, धुआं
फायर विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में लोगों की मौत सीधे विस्फोट से नहीं होती बल्कि जहरीले धुएं से होती है।
जब एसी, प्लास्टिक वायरिंग और फर्नीचर जलते हैं तो कार्बन मोनोऑक्साइड समेत कई जहरीली गैसें निकलती हैं। बंद कमरों में यह धुआं कुछ ही मिनटों में जानलेवा हो सकता है।
विवेक विहार, हौज खास और लखनऊ जैसे मामलों में भी धुएं का असर सबसे घातक साबित हुआ। कई इमारतों में केवल एक निकासी मार्ग होना, फायर अलार्म का अभाव और खराब वेंटिलेशन स्थिति को और खतरनाक बना देता है।
बचाव के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्मी शुरू होने से पहले एसी की सर्विस अधिकृत तकनीशियन से अवश्य कराएं।
- हर सीजन में कम से कम एक बार सर्विसिंग कराएं।
- अच्छी गुणवत्ता का MCB और स्टेबलाइजर लगवाएं।
- आउटडोर यूनिट को खुली और हवादार जगह पर रखें।
- जलने की गंध, स्पार्किंग या असामान्य आवाज सुनाई दे तो तुरंत एसी बंद करें।
- पुरानी वायरिंग वाले घरों में बिजली व्यवस्था की जांच कराएं।
- व्यावसायिक इमारतों में फायर अलार्म और अतिरिक्त निकासी मार्ग सुनिश्चित करें।
लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि आधुनिक सुविधाएं तभी सुरक्षित हैं जब उनका उपयोग जिम्मेदारी और नियमित रखरखाव के साथ किया जाए। एसी अब विलासिता नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है, लेकिन बढ़ते उपयोग के साथ AC Fire Safety को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। तकनीकी सावधानी, नियमित मेंटेनेंस और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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