Skip to content
By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
TV Today BharatTV Today BharatTV Today Bharat
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य-शहर
    • उत्तर प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • झारखंड
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • जम्मू-कश्मीर
    • दिल्ली
  • ताजा खबर
  • क्राइम
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • इंटरनेशनल न्यूज़
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
  • More
    • ब्लॉग
    • एक्सप्लेनेर
    • आस्था
    • हेल्थ
    • वीडियो
Reading: Sanatan Vimarsh aur Media: देवकीनंदन ठाकुर के वक्तव्यों को लेकर चयनात्मक बहस क्यों ?
Share
Font ResizerAa
TV Today BharatTV Today Bharat
Search
  • होम
  • राज्य-शहर
    • उत्तर प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • झारखंड
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • जम्मू-कश्मीर
    • दिल्ली
  • ताजा खबर
  • क्राइम
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • इंटरनेशनल न्यूज़
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
  • More
    • ब्लॉग
    • एक्सप्लेनेर
    • आस्था
    • हेल्थ
    • वीडियो
Follow US

Home - Sanatan Vimarsh aur Media: देवकीनंदन ठाकुर के वक्तव्यों को लेकर चयनात्मक बहस क्यों ?

AasthaMathura Vrindavanहोम

Sanatan Vimarsh aur Media: देवकीनंदन ठाकुर के वक्तव्यों को लेकर चयनात्मक बहस क्यों ?

टीआरपी की दौड़ में दबता सनातन, कैमरे में सिर्फ़ विवाद

KARTIK SHARMA
Last updated: जनवरी 13, 2026 3:44 अपराह्न
KARTIK SHARMA - Sub Editor Published जनवरी 13, 2026
Share
Indian media debate on Sanatan Dharma and Devkinandan Thakur statements
जब सनातन पर संवाद होता है तो विवाद क्यों खोजा जाता है? मीडिया की प्राथमिकताओं और देवकीनंदन ठाकुर के वक्तव्यों के बहाने एक ज़रूरी विमर्शEditorial Desk
SHARE
Highlights
  • जहां विचार होना चाहिए, वहाँ तमाशा बना देता है मीडिया
  • सनातन पर सवाल, लेकिन सभ्यता पर मौन क्यों?
  • मीडिया तय कर रहा है क्या बोलना ‘सही’ और क्या ‘विवाद’
  • धर्माचार्य बोलें तो हेडलाइन, विचार बोलें तो साइलेंस
  • चौथा स्तंभ या टीआरपी का औज़ार? यही असली बहस है

Sanatan Vimarsh aur Media: आज के समय में भारतीय मीडिया एक अजीब द्वंद्व से गुजर रही है। एक तरफ़ वह खुद को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताती है, दूसरी तरफ़ उसकी प्राथमिकताएं अक्सर टीआरपी, क्लिक और वायरल बहसों तक सिमटती दिखती हैं। यही कारण है कि कुछ विषयों को बार-बार उछाला जाता है, जबकि कई गंभीर, संवेदनशील और सभ्यतागत मुद्दे जानबूझकर हाशिए पर धकेल दिए जाते हैं।

READ MORE: देवकीनंदन ठाकुर का राष्ट्रवादी प्रहार, बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर सवाल, KKR–BCCI दबाव में, मुस्तफिजुर का IPL सफर थमा

जब कोई धर्माचार्य इतिहास, संस्कृति या सभ्यता के संदर्भ में बात करता है खासतौर पर सनातन परंपरा से जुड़ा कोई संत तो कुछ चैनलों के लिए वह विवाद बन जाता है। लेकिन वही धर्माचार्य जब ज्ञान, भक्ति, नीति, समाज सुधार या अखंड भारत जैसे विचार रखते हैं, तो वह मीडिया के कैमरों से लगभग गायब हो जाते हैं। सवाल यह है कि ऐसा क्यों?

READ MORE: नया भारत, नया संदेश, देवकीनंदन ठाकुर की हुंकार के आगे झुका IPL, मुस्तफिजुर पर फुलस्टॉप

इतिहास का उल्लेख या साजिश का शोर?

भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश तीनों एक ही ऐतिहासिक भूभाग से निकले हैं। यह तथ्य न तो नया है, न ही किसी एक धर्माचार्य की खोज। इतिहासकार, अकादमिक और दस्तावेज़ यह स्पष्ट करते हैं कि विभाजन से पहले यह पूरा क्षेत्र सांस्कृतिक, सामाजिक और पारिवारिक रूप से जुड़ा हुआ था। समय के साथ, राजनीतिक परिस्थितियों, आक्रांताओं और सत्ता समीकरणों के चलते धर्मांतरण हुए कहीं दबाव में, कहीं परिस्थितियों में, कहीं व्यक्तिगत आस्था के नाम पर।

READ MORE: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा और IPL विवाद, देवकीनंदन ठाकुर की अपील ने क्यों खड़ा किया बड़ा नैतिक सवाल? | विश्लेषण

जब कोई संत इस ऐतिहासिक सच्चाई का उल्लेख करता है, तो कुछ चैनल उसे इस तरह पेश करते हैं मानो कोई नफरत फैलाने की साजिश रची जा रही हो। शब्दों को काट-छांट कर, संदर्भ से अलग करके “ब्रेकिंग” बना दी जाती है। बहसें सजाई जाती हैं, पैनल बिठाए जाते हैं, और फिर तय नैरेटिव के मुताबिक फैसला सुना दिया जाता है।

सनातन की बात, टीआरपी का नुकसान?

यह भी एक कड़वा सच है कि जब कोई धर्माचार्य सनातन दर्शन, वेद, उपनिषद, गीता, या भारतीय ज्ञान परंपरा की बात करता है तो वह टीआरपी का विषय नहीं बनता। अखंड भारत की अवधारणा, जो सांस्कृतिक एकता की बात करती है, उसे “राजनीतिक एजेंडा” कहकर खारिज कर दिया जाता है। लेकिन वही मीडिया जब किसी सनसनीखेज बयान, आधे-अधूरे वीडियो क्लिप या उकसावे वाली लाइन को पकड़ लेती है, तो उसे घंटों घुमाया जाता है। यहां प्रश्न धर्म का नहीं, चयनात्मक नजरिये का है।

READ MORE: मथुरा में विश्व हिंदू परिषद की शौर्य यात्रा, देवकीनंदन ठाकुर का इतिहास स्मरण व भाईचारे का संदेश

पड़ोसी देशों में अत्याचार, लेकिन कैमरे बंद

आज भी पाकिस्तान में मंदिरों को तोड़ा जाना, जबरन धर्मांतरण, और अल्पसंख्यक हिंदुओं की स्थिति कोई छुपी हुई बात नहीं है। बांग्लादेश में भी समय-समय पर हिंदू समुदाय, मठों और धर्माचार्यों पर कार्रवाई की खबरें आती रही हैं। कई मामलों में धर्माचार्यों की गिरफ्तारी, मंदिरों पर हमले और सामाजिक उत्पीड़न की घटनाएं दर्ज हैं। लेकिन ये मुद्दे मीडिया के लिए प्राइम टाइम नहीं बनते। न वहां डिबेट होती है, न स्टूडियो गरम होता है। शायद इसलिए क्योंकि इन खबरों से टीआरपी का तड़का नहीं लगता, या फिर यह विमर्श असहज सवाल खड़े कर देता है।

READ MORE: धीरेंद्र शास्त्री समेत तमाम साधू-संतों का कोलकाता सनातन संस्कृति संसद में जयघोष

देवकीनंदन ठाकुर का पक्ष क्यों ज़रूरी है

देवकीनंदन ठाकुर जैसे धर्माचार्य वर्षों से कथा मंचों से समाज को जोड़ने, सनातन मूल्यों को सरल भाषा में समझाने और सांस्कृतिक चेतना जगाने का काम कर रहे हैं। उनकी कथाएं केवल भक्ति तक सीमित नहीं होतीं वे समाज, इतिहास, नीति और राष्ट्रबोध से भी जुड़ती हैं। जब वह अखंड भारत या सभ्यतागत एकता की बात करते हैं, तो वह किसी देश की सीमाओं को मिटाने की घोषणा नहीं करते, बल्कि सांस्कृतिक स्मृति की बात करते हैं। जब वह इतिहास का उल्लेख करते हैं, तो उसका उद्देश्य नफरत नहीं, बल्कि स्मरण और आत्मबोध होता है। मीडिया का काम यह होना चाहिए कि वह ऐसे वक्तव्यों को पूरे संदर्भ में समझे और समझाए न कि उन्हें काटकर विवाद का ईंधन बनाए।

READ MORE: जनवरी का जश्न बनाम सनातन नववर्ष, सांस्कृतिक स्मृति पर एक विश्लेषण

हल्का कटाक्ष, गहरा सवाल

यह विडंबना ही है कि आज ज्ञान से ज़्यादा शोर बिकता है। व्याख्या से ज़्यादा टकराव चलता है। और संतुलन से ज़्यादा “सनसनी”। ऐसे में धर्माचार्यों की बात को समझने की जगह, उन्हें कठघरे में खड़ा कर देना आसान हो जाता है। मीडिया अगर सचमुच समाज का दर्पण है, तो उसे यह भी दिखाना होगा कि पड़ोसी देशों में क्या हो रहा है, सनातन परंपरा क्या कहती है, और धर्माचार्य किस संदर्भ में बोल रहे हैं। केवल टीआरपी के चश्मे से देखने पर तस्वीर अधूरी ही नहीं, भ्रामक भी हो जाती है।

READ MORE: भारत की आस्था, गौरव और अटूट संकल्प का उत्सव, गौरव का पल

विमर्श का स्तर तय करना होगा

यह लेख किसी एक चैनल या व्यक्ति पर आरोप नहीं, बल्कि एक प्रवृत्ति पर सवाल है। सनातन, इतिहास और धर्माचार्यों से जुड़ा विमर्श भावनाओं से नहीं, तथ्यों और संदर्भों से होना चाहिए। देवकीनंदन ठाकुर जैसे संतों की बात को सुनना, समझना और फिर आलोचना या समर्थन करना यही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है। टीआरपी आएगी और जाएगी, लेकिन सभ्यता की स्मृति और समाज की दिशा तय करने वाले सवाल बने रहते हैं। अब यह मीडिया पर है कि वह किसे प्राथमिकता देती है क्षणिक शोर को या स्थायी सत्य को।

Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat|  X  | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram

You Might Also Like

Lucknow Fire Incident Vikas Nagar: लखनऊ में भीषण आग का कहर, विकास नगर में 200 झुग्गियां जलकर खाक, राहत-बचाव जारी

Nari Shakti Vandan Adhiniyam Uttarakhand: देहरादून में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन, सीएम धामी बोले महिला आरक्षण अधिनियम देश के लिए युगांतकारी कदम

India Mobile PLI Scheme 2026: भारत बनेगा ग्लोबल मोबाइल हब! मई में आ सकती है 47,000 करोड़ की नई PLI स्कीम

Gold Price Today India: सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल, रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रहा बाजार

Chinese Community Kolkata Elections: कोलकाता का चीनी समुदाय बना चुनावी मुद्दा, टीएमसी ने बढ़ाया संपर्क अभियान

Quick Link

  • Contact Us
  • Blog Index
TAGGED:Bharat tv liveCultural Discourse IndiaDevkinandan ThakurIndian Media DebateSanatan DharmaTRP Driven MediaWatch Live TV
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Lucknow Fire Incident Vikas Nagar
Uttar Pradesh

Lucknow Fire Incident Vikas Nagar: लखनऊ में भीषण आग का कहर, विकास नगर में 200 झुग्गियां जलकर खाक, राहत-बचाव जारी

अप्रैल 15, 2026
Nari Shakti Vandan Adhiniyam Uttarakhand
Uttarakhand

Nari Shakti Vandan Adhiniyam Uttarakhand: देहरादून में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन, सीएम धामी बोले महिला आरक्षण अधिनियम देश के लिए युगांतकारी कदम

अप्रैल 15, 2026
India Mobile PLI Scheme 2026
Business News

India Mobile PLI Scheme 2026: भारत बनेगा ग्लोबल मोबाइल हब! मई में आ सकती है 47,000 करोड़ की नई PLI स्कीम

अप्रैल 15, 2026
Gold Price Today India
Business News

Gold Price Today India: सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल, रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रहा बाजार

अप्रैल 15, 2026
Chinese Community Kolkata Elections
National

Chinese Community Kolkata Elections: कोलकाता का चीनी समुदाय बना चुनावी मुद्दा, टीएमसी ने बढ़ाया संपर्क अभियान

अप्रैल 15, 2026
Samrat Chaudhary Bihar CM
BiharNational

Samrat Chaudhary Bihar CM: बिहार में ‘सम्राट’ युग की शुरुआत, सम्राट चौधरी ने संभाली सत्ता की कमान

अप्रैल 15, 2026

TVTodayBharat is a digital-first Hindi news platform that delivers fast, accurate, and balanced reporting across categories like breaking news, national and state updates, sports, entertainment, tech, health, education, and lifestyle. Our aim is to deliver reliable information in simple language, clarify the context and facts of every news story, and publish timely corrections when needed. We avoid sensationalism and practice journalism based on verified sources, data, and ground inputs, so you can get credible news, analysis, photos, videos, and web stories all in one place.

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions

TVTodayBharat is a digital-first Hindi news platform that delivers fast, accurate, and balanced reporting across categories like breaking news, national and state updates, sports, entertainment, tech, health, education, and lifestyle. Our aim is to deliver reliable information in simple language, clarify the context and facts of every news story, and publish timely corrections when needed. We avoid sensationalism and practice journalism based on verified sources, data, and ground inputs, so you can get credible news, analysis, photos, videos, and web stories all in one place.

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
© TVTodayBharat | Design by Vivek
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?