NSA Ajit Doval addressing youth at Viksit Bharat Young Leaders Dialogue in New Delhi
Viksit Bharat ka Sankalp: भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के दौरान जो बात कही, वो सिर्फ एक स्पीच नहीं, बल्कि भारत के कैरेक्टर, उसकी सभ्यता और फ्यूचर विज़न का मज़बूत स्टेटमेंट था। अजीत डोभाल ने साफ़ शब्दों में कहा कि भारत ने कभी किसी देश पर अटैक नहीं किया, और ये बात सिर्फ डिप्लोमेसी नहीं, बल्कि हज़ारों साल पुरानी भारत की सभ्यता और संस्कृति का रिफ्लेक्शन है। उनका कहना था कि भारत हमेशा से पीस, डायलॉग और कोएग्ज़िस्टेंस पर विश्वास करता आया है, चाहे दुनिया के हालात कैसे भी रहें।
डेवलप्ड सिविलाइजशन का मतलब
अजीत डोभाल ने जब डेवलप्ड सिविलाइज़ेशन शब्द का इस्तेमाल किया, तो उसका मतलब सिर्फ इकोनॉमिक ग्रोथ या मिलिट्री पावर तक सीमित नहीं था। उन्होंने कहा कि एक विकसित सभ्यता वो होती है जो अपनी वैल्यूज़ को मुश्किल वक़्त में भी नहीं छोड़ती। भारत ने इतिहास के हर दौर में ये साबित किया है कि हमने अपनी रक्षा की, लेकिन कभी एक्सपेंशन या एग्रेशन को अपना रास्ता नहीं बनाया। ये ही वजह है कि भारत दुनिया में एक मोरल पावर के रूप में देखा जाता है, न कि सिर्फ एक जियोपॉलिटिकल फोर्स के तौर पर।
इंडिपेंडेंस स्ट्रगल से सीख
यूथ को एड्रेस करते हुए अजीत डोभाल ने भारत के इंडिपेंडेंस स्ट्रगल को याद किया। उन्होंने कहा कि आज़ादी सिर्फ़ एक पॉलिटिकल इवेंट नहीं थी, बाल्की एक मोरल और आइडियोलॉजिकल मूवमेंट था। अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई सिर्फ़ तलवार या बंदूक से नहीं, बाल्की सेल्फ़-रिस्पेक्ट, कुर्बानी और कलेक्टिव विल से जीती गई। डोभाल ने यूथ को याद दिलाया कि फ्रीडम फाइटर्स ने डिसीज़न-मेकिंग के मुश्किल पलों में भी अपनी वैल्यूज़ से कॉम्प्रोमाइज़ नहीं किया। यह ही लेगेसी आज के युवाओं को आगे बढ़ानी है।
डिसीजन मेकिंग की असली ताकत
अजीत डोभाल ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में डिसीज़न-मेकिंग पर खास ज़ोर दिया। उनका कहना था कि मज़बूत देश वही होता है जहाँ लीडर्स और सिटिज़न्स दोनों डिसीज़न लेने से डरते नहीं हैं। गलत डिसीज़न से ज़्यादा खतरनाक होता है डिसीज़न न लेना। यूथ को उन्होंने चैलेंज दिया कि कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर सोचना सीखें, डेटा, ग्राउंड रियलिटी और नेशनल इंटरेस्ट को समझकर फैसले लें। आज का भारत इमोशनल रिएक्शन से नहीं, कैलकुलेटेड और कॉन्फिडेंट फैसलों से आगे बढ़ रहा है।
यूथ और नेशनल रिस्पॉन्सिबिलिटी
अजीत डोभाल ने यूथ को भारत का सबसे बड़ा एसेट बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में भारत का रोल ग्लोबल स्टेज पर और भी बड़ा होगा, और उसकी ज़िम्मेदारी आज के युवाओं के कंधों पर होगी। सिर्फ सोशल मीडिया पर ओपिनियन देना काफी नहीं, बाल्की ग्राउंड पर काम करना, पॉलिसी को समझना और नेशनल इश्यूज पर इन्फॉर्म्ड स्टैंड लेना ज़रूरी है। डोभाल के शब्दों में, नेशन-बिल्डिंग सिर्फ सरकार का काम नहीं होता, बाल्की हर नागरिक का फर्ज होता है।
शांतिपूर्ण राष्ट्र, मजबूत राष्ट्र
हमने किसी देश पर हमला नहीं किया वाला बयान आज के ग्लोबल कॉन्टेक्स्ट में बहुत गहरा मतलब रखता है। अजीत डोभाल ने इशारा किया कि भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन कमजोरी नहीं है। जब बात नेशनल सिक्योरिटी की आती है, तो भारत अपने फैसले खुद लेता है और अपनी रक्षा करना जानता है। शांति और ताकत, दोनों का बैलेंस ही भारत की असली पहचान है।
विकसित भारत का रोडमैप
भाषण के दौरान अजीत डोभाल का फोकस साफ था कि विकसित भारत सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर या GDP का नाम नहीं है। यह एक ऐसा भारत है जहाँ युवा कॉन्फिडेंट हों, फैसले लेने में मज़बूत हों, और नेशनल कैरेक्टर बिना किसी समझौते के हो। आज़ादी की लड़ाई से सीखे, डेवलप्ड सिविलाइज़ेशन की वैल्यूज़ और मॉडर्न चैलेंजेज़ का स्मार्ट रिस्पॉन्स। इन तीन पिलर्स पर ही फ्यूचर का भारत खड़ा होगा।
यूथ के लिए डायरेक्ट मैसेज
अजीत डोभाल का मैसेज सिंपल लेकिन पावरफुल था। हिस्ट्री से सीखो, प्रेजेंट को समझो और फ्यूचर के लिए बिना डरे फैसले लो। भारत ने कभी एग्रेशन का रास्ता नहीं चुना, और आगे भी नहीं चुनेगा। लेकिन अपनी सॉवरेनिटी, डिग्निटी और नेशनल इंटरेस्ट पर कोई कॉम्प्रोमाइज़ भी नहीं होगा। यह ही डेवलप्ड भारत का असली डेफिनिशन हैशांत, समर्थ और सेल्फ-कॉन्फिडेंट भारत। यह स्पीच यूथ के लिए एक रिमाइंडर थी कि नेशन-बिल्डिंग सिर्फ स्लोगन से नहीं, बल्कि रोज़ के फैसले, डिसिप्लिन और डेडिकेशन से होती है। अजीत डोभाल का यह संदेश आज के युवाओं के लिए एक रोडमैप है जिसमें अतीत का गौरव, वर्तमान का यथार्थवाद और भविष्य का आत्मविश्वास साफ नजर आता है।
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