PM Modi on Urban Naxalism : मंगलवार को राजधानी दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी ने देश की राजनीति और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। यह अवसर भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पदभार ग्रहण का था, लेकिन पीएम मोदी के भाषण ने इसे एक बड़े वैचारिक संदेश में बदल दिया।
शहरी नक्सलवाद पर प्रधानमंत्री की चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जिस मुद्दे को सबसे गंभीर चुनौती बताया, वह था शहरी नक्सलवाद। उन्होंने कहा कि यह समस्या अब केवल देश के भीतर सीमित नहीं रही, बल्कि इसके अंतरराष्ट्रीय आयाम भी सामने आ रहे हैं। पीएम मोदी के अनुसार, शहरी नक्सलवाद की कार्यप्रणाली बेहद सूक्ष्म लेकिन खतरनाक है। उन्होंने कहा कि अगर कोई पत्रकार या सार्वजनिक व्यक्ति साल में एक-दो बार भी प्रधानमंत्री या सरकार के पक्ष में कुछ सकारात्मक कह देता है, तो उसे एक संगठित अभियान के तहत अपमानित किया जाता है, बदनाम किया जाता है और सामाजिक रूप से अलग-थलग कर दिया जाता है।
ALSO READ: भाजपा को मिला नया राष्ट्रीय अध्यक्ष, नितिन नवीन निर्विरोध चुने जाएंगे, 20 जनवरी को औपचारिक घोषणा
असहमति को दबाने की रणनीति
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तरीका लोकतांत्रिक असहमति नहीं, बल्कि विचारों को कुचलने की रणनीति है। ऐसे लोगों को इस कदर चुप करा दिया जाता है कि वे दोबारा कभी खुलकर बोलने की हिम्मत न कर सकें। पीएम मोदी ने इसे शहरी नक्सलवाद की पहचान बताते हुए कहा कि यह भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।
भाजपा के साथ वर्षों तक हुआ बहिष्कार
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने यह भी याद दिलाया कि किस तरह वर्षों तक भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं को देश के अलग-अलग हिस्सों में अछूत की तरह देखा गया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब भाजपा से जुड़ना या उसके समर्थन में बोलना कई सामाजिक और पेशेवर वर्गों में अपराध जैसा माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और देश शहरी नक्सलवाद की असलियत को समझने लगा है।
ALSO READ: ऑपरेशन त्राशी बना जैश के आतंकियों का काल, जंगल में बने बंकरनुमा ठिकाने तबाह जानिये पूरा मामला
भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
प्रधानमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि शहरी नक्सलवादी लगातार भारत को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। यह सिर्फ सरकार या किसी पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के हितों के खिलाफ साजिश है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस चुनौती को हल्के में न लिया जाए और तथ्यों के साथ जनता के सामने सच्चाई रखी जाए।
घुसपैठ पर भी सख्त चेतावनी
पीएम मोदी ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी देश अवैध घुसपैठ को स्वीकार नहीं करता और भारत भी ऐसा नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री के मुताबिक, घुसपैठिए देश के गरीबों और युवाओं के अधिकारों पर डाका डालते हैं और यह सीधा-सीधा राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल है।
ALSO READ: सिंगूर से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, TMC के ‘महा-जंगलराज’ के खिलाफ BJP के सुशासन का संदेश
वोट बैंक की राजनीति पर हमला
प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को संरक्षण दे रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे दलों को पूरी ताकत के साथ जनता के सामने बेनकाब करना जरूरी है, ताकि देश की सुरक्षा और संसाधनों से कोई समझौता न हो।
नितिन नबीन का अध्यक्ष पद संभालना
इसी कार्यक्रम में नितिन नबीन ने औपचारिक रूप से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार संभाला। यह पल पार्टी संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नितिन नबीन बिहार की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं और वह पांच बार विधायक रह चुके हैं। इसके साथ ही वे बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
ALSO READ: कथा नहीं चुभी, संस्कृति खटकी, कथावाचकों पर बयान और राजनीति की नंगी भाषा
संगठनात्मक अनुभव का लाभ
नितिन नबीन को उनके संगठनात्मक कौशल और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाना जाता है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में भाजपा का संगठन और अधिक मजबूत होगा, खासकर आने वाले चुनावी दौर में।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे आयोजन का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया।
चुनाव प्रक्रिया की पूरी तस्वीर
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया तब शुरू हुई जब 36 में से 30 राज्यों के अध्यक्ष चुने गए। यह संख्या आवश्यक 50 प्रतिशत से अधिक थी। 16 जनवरी 2026 को चुनाव कार्यक्रम और इलेक्टोरल रोल की घोषणा की गई थी। इसके तहत 19 जनवरी को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक नामांकन प्रक्रिया चली।
रिकॉर्ड समर्थन के साथ नामांकन
नितिन नबीन के पक्ष में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए। इन नामांकनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे शीर्ष नेताओं के प्रस्ताव शामिल थे, जो उनके प्रति पार्टी के भरोसे को दर्शाता है।
ALSO READ: अचानक भारत पहुंचे यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद PM मोदी ने गर्मजोशी से किया स्वागत
भाजपा का आगे का रास्ता
पीएम मोदी के भाषण और नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने के साथ भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी आने वाले समय में राष्ट्रीय सुरक्षा, वैचारिक स्पष्टता और संगठनात्मक मजबूती को अपनी प्राथमिकता बनाए रखेगी। शहरी नक्सलवाद और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर आक्रामक रुख यह संकेत देता है कि भाजपा इन विषयों को जनता के बीच और मजबूती से उठाने वाली है।
Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
