WB SIR Appeal Result 2026: West Bengal Assembly Election 2026 से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। WB SIR Appeal Result 2026 के तहत ट्रिब्यूनल ने 27 लाख से अधिक अपीलों में से केवल 500 मामलों को मंजूरी दी है। इनमें भी अंतिम रूप से सिर्फ 137 मतदाताओं को वोट देने की अनुमति मिली है। इस फैसले ने चुनावी माहौल में नई चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि पहले चरण के मतदान से ठीक पहले यह फैसला आया है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग होनी है और उसी दिन 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में WB SIR Appeal Result 2026 ने चुनावी तैयारियों और मतदाता अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रिब्यूनल ने 27 लाख अपीलों में बेहद कम मामलों को दी मंजूरी
राज्य में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान लाखों लोगों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए थे। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रभावित मतदाताओं ने ट्रिब्यूनल में अपील दायर की। आंकड़ों के अनुसार कुल 27 लाख से अधिक अपीलें दर्ज हुईं, लेकिन ट्रिब्यूनल ने उनमें से केवल 500 मामलों को मंजूरी दी। WB SIR Appeal Result 2026 के मुताबिक इन 500 मामलों की सुनवाई के बाद सिर्फ 137 लोगों के नाम सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में शामिल किए गए। यानी बड़ी संख्या में अपील करने वाले मतदाताओं को राहत नहीं मिल सकी।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मिली वोटिंग की अनुमति
इस मामले में पहले Supreme Court of India ने अहम निर्देश दिए थे। शीर्ष अदालत ने कहा था कि जिन अपीलकर्ताओं की याचिका ट्रिब्यूनल में स्वीकार होगी, उन्हें आगामी चुनाव में मतदान की अनुमति दी जाएगी। इसी आदेश के बाद WB SIR Appeal Result 2026 के तहत 137 मतदाताओं को मतदान का अधिकार दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का उपयोग किया, ताकि पात्र मतदाताओं को मतदान से वंचित न होना पड़े।
23 अप्रैल को 152 सीटों पर होगा मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 दो चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। पहला चरण 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा, जिसमें शेष 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। WB SIR Appeal Result 2026 का असर पहले चरण पर ज्यादा देखा जा रहा है, क्योंकि नए शामिल किए गए 137 मतदाता पहले और दूसरे चरण में मतदान कर सकेंगे।
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SIR प्रक्रिया में लाखों नाम हटाए गए
मतदाता सूची पुनरीक्षण से पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ 66 लाख से अधिक थी। प्रारंभिक सूची जारी होने के बाद लगभग 63 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे। इसके बाद करीब 60 लाख नामों को समीक्षा के लिए रखा गया। आगे की जांच में 27,16,393 लोगों को अयोग्य घोषित किया गया, जबकि 32 लाख से अधिक लोगों को पात्र मानकर बहाल किया गया। WB SIR Appeal Result 2026 बताता है कि इस प्रक्रिया में लाखों मतदाताओं को प्रभावित होना पड़ा।
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नए मतदाताओं को भी किया गया शामिल
मतदाता सूची संशोधन के अंतिम चरण में करीब 7 लाख नए मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया। इसके बाद कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 6 करोड़ 82 लाख से अधिक हो गई। इनमें से लगभग 3.22 लाख मतदाता पहले चरण में मतदान करेंगे, जबकि शेष मतदाता दूसरे चरण में वोट डालेंगे। WB SIR Appeal Result 2026 के बीच नए मतदाताओं का जुड़ना भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
इस घटनाक्रम के बाद राज्य के राजनीतिक दलों के बीच चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है। WB SIR Appeal Result 2026 ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि मतदाता सूची चुनाव परिणामों को सीधे प्रभावित कर सकती है।
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मतदाता अधिकारों पर उठे सवाल
27 लाख अपीलों में से केवल 500 मंजूर होना और उनमें से सिर्फ 137 मतदाताओं को वोट देने की अनुमति मिलना मतदाता अधिकारों को लेकर गंभीर बहस छेड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि WB SIR Appeal Result 2026 यह दिखाता है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और जागरूकता की जरूरत है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण से पहले आया WB SIR Appeal Result 2026 चुनावी प्रक्रिया का एक बड़ा और संवेदनशील मुद्दा बन गया है। 27 लाख अपीलों में से सिर्फ 137 मतदाताओं को वोटिंग की अनुमति मिलना यह दर्शाता है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का असर व्यापक स्तर पर पड़ा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले का चुनावी माहौल और मतदान प्रतिशत पर क्या प्रभाव पड़ता है। फिलहाल, राज्य में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है और सभी की नजर पहले चरण की वोटिंग पर टिकी है।
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