West Bengal Record Voting: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। राज्य की सभी 294 सीटों पर मतदान संपन्न हो गया है और अब सबकी नजर 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है। इस बार का चुनाव कई मायनों में खास रहा। लंबे समय तक चले राजनीतिक संघर्ष, आरोप-प्रत्यारोप और हाई-वोल्टेज प्रचार के बीच जनता ने रिकॉर्ड संख्या में मतदान कर लोकतंत्र में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई।
सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही है, वह है West Bengal Record Voting का आंकड़ा। चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार दोनों चरणों को मिलाकर करीब 92.47 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के चुनावी इतिहास में सबसे अधिक माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी भागीदारी आने वाले नतीजों को बेहद दिलचस्प बना सकती है।
महिला मतदाताओं ने बढ़ाया सभी का उत्साह
इस बार के चुनाव में महिलाओं की भागीदारी ने नया रिकॉर्ड कायम किया। पहले चरण में महिला मतदान प्रतिशत 94.10 फीसदी तक पहुंच गया, जबकि दूसरे चरण में भी 92.28 फीसदी महिलाओं ने वोट डाले। महिला वोटिंग औसतन 93 फीसदी से ज्यादा रही, जिसने राजनीतिक दलों को भी चौंका दिया।
West Bengal Record Voting में महिलाओं की यह भागीदारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में बंगाल की राजनीति में महिला वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। चाहे तृणमूल कांग्रेस की योजनाएं हों या बीजेपी का महिला सुरक्षा और कल्याण को लेकर अभियान, दोनों दलों ने महिलाओं को केंद्र में रखकर रणनीति तैयार की थी। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक महिलाओं ने लंबी कतारों में खड़े होकर मतदान किया। कई जगहों पर सुबह से ही बूथों के बाहर भारी भीड़ दिखाई दी। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि महिला वोटर्स इस बार सत्ता की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
Also Read: क्या बंगाल में पहली बार बनेगी BJP सरकार? एग्जिट पोल्स ने बढ़ाई सियासी हलचल
पुरुष मतदाता भी पीछे नहीं रहे
हालांकि महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा चर्चा में रही, लेकिन पुरुष मतदाताओं ने भी रिकॉर्ड स्तर पर मतदान किया। पहले चरण में करीब 92.34 फीसदी पुरुष वोटिंग हुई, जबकि दूसरे चरण में यह आंकड़ा 91 फीसदी से अधिक रहा। कुल मिलाकर पुरुष मतदान प्रतिशत भी 91.74 फीसदी तक पहुंच गया।
West Bengal Record Voting के इस ट्रेंड ने साफ कर दिया कि इस बार चुनाव को लेकर जनता में असाधारण उत्साह था। राजनीतिक तनाव और गर्म माहौल के बावजूद लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भरोसा दिखाया और बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे। विशेषज्ञों के मुताबिक इतनी भारी वोटिंग आमतौर पर बदलाव की इच्छा या सरकार के समर्थन दोनों का संकेत हो सकती है। यही वजह है कि चुनावी नतीजों को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं।
Read More: दूसरे चरण में रिकॉर्ड मतदान, 5 बजे तक करीब 90% वोटिंग
TMC और BJP दोनों ने जताई जीत की उम्मीद
चुनाव खत्म होने के बाद अब राजनीतिक दलों ने अपने-अपने दावे तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को भरोसा है कि महिलाओं और ग्रामीण मतदाताओं का समर्थन उसे लगातार चौथी बार सत्ता में पहुंचाएगा। वहीं भारतीय जनता पार्टी का दावा है कि इस बार जनता ने बदलाव के पक्ष में वोट किया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लोगों ने सरकार के खिलाफ मतदान किया है।
West Bengal Record Voting के बाद दोनों दलों के समर्थकों में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक कार्यालयों तक जीत के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि असली तस्वीर 4 मई को मतगणना के बाद ही सामने आएगी।
भवानीपुर सीट बनी सबसे चर्चित मुकाबला
इस चुनाव की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट रही। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। दोनों नेताओं के बीच मुकाबले ने पूरे चुनाव को और ज्यादा रोमांचक बना दिया। भवानीपुर सीट पर करीब 87 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जो शहरी क्षेत्र के हिसाब से काफी ज्यादा माना जा रहा है।
West Bengal Record Voting के बीच इस सीट पर जनता की भागीदारी ने राजनीतिक दलों की चिंता और उत्साह दोनों बढ़ा दिए हैं। 2021 के चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती दी थी। इस बार भी दोनों नेताओं के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।
Also Read: बंगाल चुनाव में ‘काले धन’ पर बड़ा शिकंजा, 510 करोड़ की जब्ती ने उड़ाए होश, 2021 रिकॉर्ड भी टूटा
कोलकाता से लेकर ग्रामीण बंगाल तक दिखा उत्साह
राजधानी कोलकाता समेत राज्य के कई जिलों में मतदान को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। पूर्वी बर्धमान जिले में सबसे ज्यादा 92.46 फीसदी वोटिंग हुई। वहीं कई ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें नजर आईं।
चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत रखी गई थी, जिसके कारण मतदान अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। हालांकि कुछ स्थानों पर छिटपुट तनाव की खबरें जरूर सामने आईं। West Bengal Record Voting ने यह साबित कर दिया कि बंगाल की जनता लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर बेहद जागरूक है और राजनीतिक रूप से सक्रिय भी।
Also Read: लद्दाख में प्रशासनिक बदलाव, 5 नए जिलों का ऐलान, विकास को मिलेगी रफ्तार
नतीजों से पहले बढ़ी राजनीतिक बेचैनी
अब चुनावी शोर थम चुका है, लेकिन राजनीतिक हलकों में बेचैनी लगातार बढ़ रही है। एग्जिट पोल्स ने भी अलग-अलग तस्वीरें पेश की हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। कुछ सर्वे TMC को बढ़त दे रहे हैं, जबकि कुछ में बीजेपी मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है।
West Bengal Record Voting के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं। भारी मतदान ने सभी गणित को उलझा दिया है और यही वजह है कि किसी भी पार्टी के लिए स्पष्ट भविष्यवाणी करना आसान नहीं माना जा रहा।
Follow Us: | TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram | YOUTUBE
