Medical Education Department Appointment Letter: जब किसी राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य मजबूत हाथों में सौंपा जाता है, तो तस्वीर सिर्फ उम्मीदों की नहीं, बल्कि बदलाव की होती है। मुख्यसेवक सदन में आयोजित चिकित्सा शिक्षा विभाग नियुक्ति पत्र वितरण समारोह इसी बदलाव का प्रतीक बना। मंच पर एक ओर सरकार की नीतिगत दृढ़ता थी, तो दूसरी तरफ थे 142 नए चेहरे जो आने वाले वर्षों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के आधारस्तंभ बनने वाले हैं।
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समारोह में प्रदेश के मुखिया ने स्वयं 142 नव-नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह सिर्फ कागज़ का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, निष्ठा और समाजसेवा की दिशा में बढ़ाया गया एक विराट कदम है। इस मौके पर उन्होंने साफ संदेश दिया‘मुझे विश्वास है कि आप सभी पूर्ण निष्ठा, समर्पण और परिश्रम के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।‘
यह बयान एक सामान्य औपचारिकता नहीं थी, बल्कि उन अपेक्षाओं का भार था, जिसे पूरा करने की चुनौती अब इन युवा शिक्षाविदों के कंधों पर है। आज जब देश और प्रदेश दोनों मेडिकल शिक्षा में विश्वस्तरीय मानक स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहे हैं, तब चिकित्सा शिक्षा विभाग नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का यह कदम समय की जरूरत भी है और लक्ष्य की ओर मजबूत पहल भी।
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प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ रही है, सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार हो रहा है और आधुनिक तकनीक तेजी से मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा बन रही है। ऐसे में असिस्टेंट प्रोफेसर्स की नई टीम सिर्फ कक्षाओं में पढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी। उनका असली काम होगा,
- नए डॉक्टर्स को तैयार करना
- शोध और नवाचार को बढ़ावा देना
- ग्रामीण इलाकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना
यह नियुक्ति उस समय आई है जब स्वास्थ्य क्षेत्र ने महामारी से लेकर डिजिटल हेल्थ मिशन तक, लगातार चुनौतियों और सुधारों के दौर देखे हैं। ऐसे में नई पीढ़ी के शिक्षकों से उम्मीदें भी दोगुनी हो जाती हैं।
समारोह में मौजूद उम्मीदवारों के चेहरों पर एक मिश्रित भाव साफ पढ़ा जा सकता था—गौरव भी, जिम्मेदारी भी और आगे की यात्रा को लेकर उत्साह भी। कई नव-नियुक्त प्रोफेसर्स ने कहा कि यह उनके करियर का “टर्निंग पॉइंट” है। राज्य की अंत्येष्टि सेवा से लेकर बड़े अस्पतालों तक, हर स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में उनकी भूमिका अब अहम होगी।
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सरकार की ओर से स्पष्ट संकेत मिला है कि अगले कुछ वर्षों में मेडिकल सेक्टर में व्यापक विस्तार होने वाला है। चाहे नई फैकल्टी हो, नई लैब्स हों या नए कोर्स हर स्तर पर सुधार तेज़ी से लागू किए जाएंगे। और इन सुधारों की कमान अब इन 142 असिस्टेंट प्रोफेसर्स के हाथों में होगी।
अंत में, यह समारोह सिर्फ नियुक्ति का आयोजन नहीं था, बल्कि प्रदेश की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था में एक निर्णायक बदलाव की शुरुआत थी। अगर यह युवा ब्रिगेड वही समर्पण दिखाती है जिसकी उम्मीद उनसे की गई है, तो निश्चित रूप से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छूने वाली हैं।
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