G S Malik Gujarat DGP: IPS officer G S Malik taking charge as Gujarat DGP in Gandhinagar after serving as Ahmedabad Police Commissioner.
G S Malik Gujarat DGP: गुजरात पुलिस को नया मुखिया मिल गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जी.एस. मलिक ने सोमवार को गांधीनगर में राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) का कार्यभार संभाल लिया। लंबे समय से प्रशासनिक और सुरक्षा मामलों में अपनी सक्रिय भूमिका के लिए पहचान बनाने वाले G S Malik Gujarat DGP की नियुक्ति को राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है।
गुजरात सरकार ने उन्हें राज्य पुलिस प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपते हुए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर के रूप में कार्य कर चुके जी.एस. मलिक को एक ऐसे अधिकारी के रूप में देखा जाता है जो जमीनी स्तर पर काम करने और त्वरित निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं। G S Malik Gujarat DGP की नियुक्ति के बाद पुलिस विभाग में नई ऊर्जा और नई कार्यशैली की उम्मीद जताई जा रही है।
हरियाणा से गुजरात तक का सफर
मूल रूप से हरियाणा से संबंध रखने वाले जी.एस. मलिक भारतीय पुलिस सेवा के अनुभवी अधिकारियों में शामिल हैं। अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और कई संवेदनशील मामलों को सफलतापूर्वक संभाला है।
पुलिस विभाग में उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी की रही है जो अनुशासन, जवाबदेही और प्रभावी कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देते हैं। यही कारण है कि G S Malik Gujarat DGP की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलकों में विशेष चर्चा हो रही है।
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अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर के रूप में बनाई अलग पहचान
डीजीपी बनने से पहले जी.एस. मलिक अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय काम किया।
उनकी कार्यशैली का सबसे बड़ा उदाहरण अहमदाबाद में चलाया गया चर्चित चंडोला झील अभियान माना जाता है। इस कार्रवाई ने राज्य और देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। उस समय अवैध कब्जों और कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। इस पूरे ऑपरेशन में G S Malik Gujarat DGP की भूमिका काफी अहम मानी गई थी।
चंडोला झील अभियान से बढ़ी पहचान
अहमदाबाद के चंडोला झील क्षेत्र में चलाया गया बुलडोजर अभियान गुजरात के सबसे चर्चित प्रशासनिक अभियानों में शामिल रहा। इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में अवैध निर्माणों को हटाना और कानून व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया था।
इस अभियान के दौरान जी.एस. मलिक लगातार मौके पर सक्रिय रहे। प्रशासनिक समन्वय, सुरक्षा व्यवस्था और अभियान की निगरानी में उनकी भूमिका की काफी सराहना हुई। इसी वजह से G S Malik Gujarat DGP का नाम राज्य के प्रभावशाली पुलिस अधिकारियों में गिना जाने लगा।
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तेजतर्रार और फिट अफसर की छवि
पुलिस विभाग में जी.एस. मलिक की पहचान केवल एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में नहीं बल्कि एक सक्रिय और फिट अफसर के रूप में भी है। सहयोगियों के अनुसार वे लगातार फील्ड विजिट करते हैं और हर महत्वपूर्ण मामले पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखते हैं।
कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में उनकी त्वरित प्रतिक्रिया और निर्णय लेने की क्षमता उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग बनाती है। G S Malik Gujarat DGP की कार्यशैली का यही पहलू उन्हें राज्य के शीर्ष पद तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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कानून व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि नए डीजीपी के रूप में जी.एस. मलिक का ध्यान राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर रहेगा। साइबर अपराध, संगठित अपराध, नशा तस्करी और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दे उनके एजेंडे में प्रमुख हो सकते हैं।
गुजरात जैसे औद्योगिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में पुलिस नेतृत्व की भूमिका बेहद अहम होती है। ऐसे में G S Malik Gujarat DGP के सामने अपराध नियंत्रण और आधुनिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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पुलिस आधुनिकीकरण को मिल सकती है गति
गुजरात पुलिस पहले से ही तकनीकी संसाधनों और स्मार्ट पुलिसिंग के लिए जानी जाती है। माना जा रहा है कि जी.एस. मलिक के नेतृत्व में डिजिटल निगरानी, साइबर सुरक्षा और डेटा आधारित पुलिसिंग को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि G S Malik Gujarat DGP राज्य पुलिस को नई तकनीकों के इस्तेमाल और आधुनिक सुरक्षा तंत्र की दिशा में आगे ले जा सकते हैं। इससे अपराध नियंत्रण और जांच की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
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प्रशासन और राजनीति में चर्चा का विषय
जी.एस. मलिक की नियुक्ति को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है। हालांकि पुलिस विभाग में उनकी पहचान मुख्य रूप से उनके कार्यों और प्रशासनिक क्षमता के आधार पर बनी है।
उनके नेतृत्व में गुजरात पुलिस किस तरह नई चुनौतियों का सामना करती है, इस पर आने वाले समय में सभी की नजर रहेगी। फिलहाल G S Malik Gujarat DGP की नियुक्ति राज्य प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखी जा रही है।
गांधीनगर में कार्यभार संभालने के साथ ही जी.एस. मलिक ने गुजरात पुलिस के नए अध्याय की शुरुआत कर दी है। अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर के रूप में उनका अनुभव, कानून व्यवस्था पर मजबूत पकड़ और प्रशासनिक क्षमता उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाती है। आने वाले समय में G S Malik Gujarat DGP से राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है।
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