Delhi Red Fort Blast CCTV Footage showing black masked man driving white I-20 car before
Delhi Red Fort Blast CCTV Doctor Umar: दिल्ली ब्लास्ट से ठीक पहले का CCTV फुटेज दिखा, काला मास्क पहने था आतंकी डॉक्टर उमर, देश की राजधानी सोमवार शाम उस वक्त दहल गई जब लाल क़िला मेट्रो स्टेशन के पास एक तेज़ धमाका हुआ। इस ब्लास्ट में अब तक 8 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है। इस घटना के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और अब धमाके से ठीक पहले का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो जांच में अहम सबूत साबित हो सकता है।
काला मास्क पहने दिखा आतंकी उमर
सीसीटीवी फुटेज में एक सफेद रंग की हुंडई I-20 कार भीड़ के बीच से गुजरती दिखाई दे रही है। वीडियो में कार के अंदर एक व्यक्ति ड्राइविंग सीट पर बैठा है, जिसके चेहरे पर काला मास्क है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह व्यक्ति संदिग्ध आतंकी डॉ. मोहम्मद उमर है, जो ब्लास्ट का मुख्य आरोपी माना जा रहा है।

इस फुटेज को जांच एजेंसियों ने जब्त कर लिया है और अब इसे फेस-रिकग्निशन तकनीक और अन्य निगरानी फुटेज से मिलान किया जा रहा है। एनआईए और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस फुटेज को अहम सुराग के रूप में देख रही हैं।
किसकी थी यह कार?
जांच में सामने आया है कि जिस हुंडई I-20 कार में धमाका हुआ, वह मूल रूप से मोहम्मद सलमान नाम के व्यक्ति की थी। सलमान ने यह कार नदीम को बेची थी, जिसके बाद यह गाड़ी फरीदाबाद के एक यूज्ड कार शोरूम रॉयल कार ज़ोन को दी गई थी। बाद में यह कार तारिक नामक व्यक्ति ने खरीदी, जिसने इसे आगे डॉ. उमर को सौंप दिया।
इस लेन-देन की पूरी चेन की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमाके के लिए इस्तेमाल की गई कार कैसे आतंकी नेटवर्क के हाथों में पहुंची।
मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-1 पर हुआ धमाका
सोमवार शाम करीब 6:52 बजे, लाल क़िला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास यह धमाका हुआ। चश्मदीदों के अनुसार, उस समय वहां भारी भीड़ थी। जैसे ही धमाका हुआ, आसपास की गाड़ियों में आग लग गई और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। धमाके की आवाज़ इतनी ज़ोरदार थी कि आसपास की स्ट्रीट लाइटें बंद हो गईं और आग की लपटें कई फीट तक उठीं।
एनडीआरएफ, फॉरेंसिक टीम और दिल्ली पुलिस की बम निरोधक इकाई ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में पता चला है कि कार में हाई-इंटेंसिटी विस्फोटक भरे हुए थे।
फिदायीन स्टाइल हमला माना जा रहा है
सूत्रों के मुताबिक, यह धमाका फिदायीन-स्टाइल ऑपरेशन की तरह लगता है। जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि आतंकी ने कार को जानबूझकर भीड़भाड़ वाले इलाके में पार्क किया और टाइमर से विस्फोट कराया।
सूत्रों ने बताया कि इस घटना का कनेक्शन हाल ही में फरीदाबाद में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या उमर उसी नेटवर्क का हिस्सा था।
तकनीकी जांच और खुफिया इनपुट्स पर फोकस
जांच एजेंसियां अब कार के रजिस्ट्रेशन, विस्फोटक की प्रकृति और संदिग्ध की पहचान के लिए तकनीकी और मानवीय खुफिया इनपुट पर काम कर रही हैं।
घायल एलएनजेपी में भर्ती
धमाके में घायल लोगों को एलएनजेपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया और दिल्ली पुलिस आयुक्त से जांच की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
सरकार ने एनआईए को जांच सौंपने के संकेत दिए हैं। वहीं सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी के सभी प्रमुख इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
तकनीकी जांच और खुफिया इनपुट्स पर फोकस
जांच एजेंसियां अब कार के रजिस्ट्रेशन, विस्फोटक की प्रकृति और संदिग्ध की पहचान के लिए तकनीकी और मानवीय खुफिया इनपुट पर काम कर रही हैं।
डिजिटल फोरेंसिक टीम सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन डेटा और सोशल मीडिया अकाउंट्स का मिलान कर रही है। साथ ही दिल्ली के बॉर्डर इलाकों, खासकर फरीदाबाद, गाज़ियाबाद और नोएडा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दिल्ली का यह धमाका एक बार फिर से राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा अलर्ट है। जिस तरह से आतंकी नेटवर्क ने पुराने मॉड्यूल के ज़रिए कार तक पहुंच बनाई, उससे स्पष्ट है कि स्लीपर सेल फिर सक्रिय हो रहे हैं। अब सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा काला मास्क पहने आतंकी डॉ. उमर जांच का सबसे अहम सुराग बन चुका है।
