Z Plus Security: Lalu Prasad Yadav restoration with bulletproof vehicle amid Bihar political controversy
Z Plus Security: बिहार की राजनीति में एक बार फिर Lalu Prasad Yadav चर्चा के केंद्र में हैं। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की Z Plus Security दोबारा बहाल करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही दोनों नेताओं को बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी फिर से उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि सुरक्षा बहाल होने के बावजूद लालू यादव ने सरकारी आवास को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि सरकार ने बंगला खाली कराने के मामले में उचित व्यवहार नहीं किया और यह फैसला गलत था।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब बिहार की राजनीति पहले से ही आगामी चुनावों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के दौर से गुजर रही है। सुरक्षा बहाली के फैसले को विपक्ष अपनी जीत बता रहा है, जबकि सरकार इसे सुरक्षा समीक्षा के आधार पर लिया गया प्रशासनिक निर्णय बता रही है।
एक महीने पहले हटाई गई थी Z Plus Security
दरअसल, जून 2026 की शुरुआत में बिहार सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z Plus Security वापस लेने का फैसला किया था। दोनों नेताओं को पूर्व मुख्यमंत्री होने के कारण वैधानिक सुरक्षा तो मिलती रही, लेकिन उच्च श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी।
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सरकार के इस फैसले के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। आरजेडी ने आरोप लगाया कि सुरक्षा में कटौती राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित थी और विपक्ष के प्रमुख नेताओं की सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है।
सुरक्षा वापस लौटाने से बढ़ा था विवाद
सरकारी निर्णय के विरोध में लालू परिवार ने मिली हुई सरकारी सुरक्षा वापस लौटा दी थी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी विरोध दर्ज कराते हुए अपनी सरकारी सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया था।
आरजेडी नेताओं का कहना था कि जब सरकार विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा कम करती है तो इससे केवल राजनीतिक संदेश देने की कोशिश होती है। पार्टी का दावा था कि सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
अब फिर बहाल हुई Z Plus Security
लगातार जारी राजनीतिक विवाद और सुरक्षा संबंधी समीक्षा के बाद बिहार सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z Plus Security दोबारा बहाल करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही दोनों नेताओं को बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इस फैसले की जानकारी मिली है और आधिकारिक आदेश मिलने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षा बहाली के इस फैसले से पिछले कुछ सप्ताह से चल रहे विवाद पर विराम लग सकता है, लेकिन इससे जुड़े राजनीतिक सवाल अभी भी बने हुए हैं।
बंगला खाली कराने के मुद्दे पर बोले लालू यादव
सुरक्षा बहाली की खबरों के बीच लालू प्रसाद यादव ने सरकारी आवास के मुद्दे पर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस तरीके से बंगला खाली कराने की कार्रवाई की, वह उचित नहीं थी।
लालू यादव का कहना है कि सरकार को इस पूरे मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। उनके अनुसार, राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन प्रशासनिक फैसलों में निष्पक्षता और गरिमा बनी रहनी चाहिए। हालांकि सरकार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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RJD ने पहले भी उठाए थे सुरक्षा पर सवाल
आरजेडी के नेताओं ने पहले भी आरोप लगाया था कि राज्य सरकार विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने कहा था कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती पूरी तरह राजनीतिक कारणों से की गई थी।
पार्टी का कहना था कि दोनों नेता लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और उन्हें संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा मिलनी चाहिए। अब सुरक्षा बहाल होने के बाद आरजेडी इसे अपनी लगातार उठाई गई मांग का परिणाम बता रही है।
क्या होती है Z Plus Security?
भारत में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था अलग-अलग श्रेणियों में बांटी गई है। इनमें Z Plus Security सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्थाओं में शामिल होती है।
इस श्रेणी में लगभग 22 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी 24 घंटे शिफ्ट के आधार पर तैनात रहते हैं। सुरक्षा में राज्य पुलिस के अलावा केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त एस्कॉर्ट वाहन, बुलेटप्रूफ गाड़ी, अत्याधुनिक हथियारों से लैस कमांडो और सुरक्षा के कई स्तर उपलब्ध कराए जाते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था का निर्धारण संबंधित एजेंसियों द्वारा खतरे के आकलन (Threat Assessment) के आधार पर किया जाता है और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जाती है।
बिहार की राजनीति में फिर तेज हुई हलचल
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z Plus Security बहाल होने के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। विपक्ष इसे सरकार के पहले के फैसले की अप्रत्यक्ष स्वीकारोक्ति बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह पेशेवर समीक्षा और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर तय की जाती है।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। फिलहाल सभी की नजर गृह विभाग के आधिकारिक आदेश और सुरक्षा बहाली की औपचारिक प्रक्रिया पर बनी हुई है।
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