STEM Lab: CM Rekha Gupta inaugurates AI smart toilets, STEM Innovation Lab and digital classrooms in Delhi Government Schools under Saksham initiative.
STEM Lab: राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को शालीमार गांव स्थित राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान Saksham योजना के अंतर्गत कई नई सुविधाओं का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत छात्राओं के लिए AI Smart Toilet, STEM Lab, अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब, स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम और व्यापक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे वे भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। बदलती दुनिया में विज्ञान, तकनीक, डिजिटल ज्ञान और नवाचार को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों में आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित कर रही है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी निजी संस्थानों जैसी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि AI Smart Toilet और STEM Lab जैसी पहल छात्राओं के आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी।
छात्राओं की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए AI Smart Toilet
कार्यक्रम की सबसे प्रमुख उपलब्धियों में से एक AI Smart Toilet का उद्घाटन रहा। यह अत्याधुनिक सुविधा विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इन स्मार्ट शौचालयों में सेंसर आधारित तकनीक, स्वचालित निगरानी, जल संरक्षण प्रणाली और बेहतर रखरखाव की व्यवस्था की गई है। इसके जरिए स्कूल प्रशासन स्वच्छता की स्थिति पर लगातार नजर रख सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शौचालय सुविधाएं उपलब्ध होने से छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ती है और पढ़ाई बीच में छोड़ने की समस्या भी कम होती है। उन्होंने कहा कि सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण प्रत्येक छात्रा का अधिकार है और सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
STEM Lab से विज्ञान और तकनीक की नई उड़ान
विद्यालय में स्थापित STEM Lab को भी मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। इस लैब में छात्राओं को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), इलेक्ट्रॉनिक्स, स्पेस साइंस और डिजाइन थिंकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय अब छात्राएं प्रयोगों और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से सीख सकेंगी।
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विशेषज्ञों का मानना है कि STEM Lab जैसी सुविधाएं बच्चों में वैज्ञानिक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे भविष्य में इंजीनियरिंग, रिसर्च, डेटा साइंस और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
Digital Classroom से बदलेगा पढ़ाई का तरीका
इस पहल के तहत स्कूलों में आधुनिक Digital Classroom भी विकसित किए गए हैं। इनमें स्मार्ट बोर्ड, इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट, कंप्यूटर आधारित शिक्षण प्रणाली और आधुनिक ऑडियो-विजुअल संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। इससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक रोचक, प्रभावी और विद्यार्थियों की समझ के अनुरूप बन सकेगी।
शिक्षकों को भी नई तकनीक के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे डिजिटल माध्यमों का बेहतर उपयोग कर सकें। सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा के माध्यम से सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
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3,000 छात्राओं के लिए स्वास्थ्य अभियान
कार्यक्रम के दौरान लगभग 3,000 छात्राओं के लिए व्यापक स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई। इस अभियान के तहत नियमित मेडिकल जांच, आई स्क्रीनिंग, जरूरतमंद छात्राओं को निःशुल्क चश्मे, डिवार्मिंग अभियान और मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) पर जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है। इसलिए शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति अपनाई गई है। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और उनकी शैक्षणिक प्रगति भी बेहतर होगी।
अमेरिका में मिलेगा स्पेस साइंस प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उन पांच प्रतिभाशाली छात्राओं को भी सम्मानित किया, जिनका चयन अमेरिका के अलबामा स्थित प्रतिष्ठित United States Space & Rocket Center में आयोजित स्पेस साइंस कार्यक्रम के लिए हुआ है। मुख्यमंत्री ने उन्हें अमेरिका की यात्रा के टिकट प्रदान करते हुए कहा कि दिल्ली की बेटियां अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल पांच छात्राओं की नहीं बल्कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। इससे हजारों अन्य छात्राओं को भी विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
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बिजली व्यवस्था और स्वच्छता पर भी जोर
शिक्षा के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग क्षेत्र में बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण की परियोजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना के तहत पुरानी ओवरहेड बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित इंसुलेटेड केबल और भूमिगत विद्युत लाइनों में बदला जाएगा। इससे बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद होगी।
इसके अलावा नगर निगम के 137 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वेस्ट कलेक्शन वाहनों को भी हरी झंडी दिखाई गई। ये वाहन विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करेंगे और प्रदूषण कम करने में मदद करेंगे।
शिक्षा के भविष्य की ओर बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि AI Smart Toilet, STEM Lab और Digital Classroom जैसी पहल केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं हैं, बल्कि सरकारी शिक्षा प्रणाली को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे छात्राओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और वैश्विक स्तर की शिक्षा का अवसर मिलेगा।
दिल्ली सरकार का दावा है कि आने वाले समय में ऐसे मॉडल को अन्य सरकारी स्कूलों में भी लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक छात्र और छात्रा को समान अवसर मिल सके। यदि यह पहल सफल रहती है तो राजधानी के सरकारी स्कूल तकनीक आधारित शिक्षा के क्षेत्र में देश के लिए एक नया उदाहरण बन सकते हैं।
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