NEET Paper Leak Case: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 अब बड़े विवादों में घिर गई है। राजस्थान में सामने आए पेपर लीक मामले के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। करीब 22 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। अब NEET Paper Leak Case की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंप दी गई है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर परीक्षा का प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ, किसने इसे अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। शुरुआती जांच में राजस्थान, केरल, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तराखंड और बिहार तक फैले बड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई है।
राजस्थान से खुला पूरे नेटवर्क का राज
सूत्रों के मुताबिक NEET Paper Leak Case का सबसे अहम कनेक्शन राजस्थान के सीकर जिले से जुड़ता दिखाई दे रहा है। जांच में सामने आया कि सीकर के पिपराली रोड पर एसके कंसल्टेंसी चलाने वाला राकेश मंडावरिया इस पूरे मामले का मुख्य किरदार माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि राकेश को परीक्षा से पहले ही क्वेश्चन बैंक मिल गया था। यह पेपर उसे चूरू के एक युवक ने उपलब्ध कराया, जो फिलहाल केरल में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार प्रश्नपत्र की पीडीएफ पहले सीकर पहुंची और फिर अलग-अलग राज्यों में छात्रों तक पहुंचाई गई। यही वजह है कि NEET Paper Leak Case धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर का बड़ा घोटाला बन गया।
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WhatsApp और Telegram से फैला पेपर
जांच में यह भी सामने आया है कि पेपर लीक होने के बाद इसे कई व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया। राकेश मंडावरिया ने कथित तौर पर अपने पीजी में रहने वाले छात्रों को पेपर उपलब्ध कराया। वहां से यह नेटवर्क तेजी से दूसरे राज्यों तक फैल गया। NEET Paper Leak Case में अब डिजिटल चैट्स और सोशल मीडिया ग्रुप्स सबसे बड़े सबूत माने जा रहे हैं।
एसओजी और अन्य एजेंसियां कई मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और टेलीग्राम ग्रुप्स की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए हजारों छात्रों तक प्रश्न पहुंचाए गए।
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पांच राज्यों तक फैला कनेक्शन
शुरुआती जांच में राजस्थान के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार और केरल का कनेक्शन सामने आया है। सूत्रों के अनुसार पेपर सबसे पहले महाराष्ट्र के नासिक तक पहुंचा। वहां कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले ही सवाल उपलब्ध करा दिए गए थे। इसके बाद हरियाणा और उत्तराखंड के कुछ परीक्षा केंद्रों तक भी पेपर पहुंचने की बात सामने आई।
NEET Paper Leak Case में बिहार कनेक्शन भी जांच एजेंसियों के रडार पर है, हालांकि वहां शामिल संदिग्धों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं।
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कैसे पकड़ा गया कथित मास्टरमाइंड?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब परीक्षा खत्म होने के बाद राकेश मंडावरिया ने खुद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। राजस्थान पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने चूरू के उस युवक का नाम बताया, जो केरल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने केरल पहुंचकर पूछताछ की और वहां से मनीष नाम के शख्स का नाम सामने आया।
अब जांच एजेंसियां मनीष को NEET Paper Leak Case का बड़ा मास्टरमाइंड मान रही हैं। सूत्रों का दावा है कि उसके पास खुद का प्रिंटिंग प्रेस भी है और वही पेपर लीक का मुख्य स्रोत हो सकता है।
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प्रिंटिंग से पहले ही लीक हुआ पेपर!
एसओजी की शुरुआती जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि पेपर कथित तौर पर प्रिंटिंग से पहले ही लीक हो गया था।
जांच में पाया गया कि बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल हूबहू परीक्षा में पूछे गए। सूत्रों का कहना है कि मनीष और उसके नेटवर्क ने लीक हुए सवालों में कुछ अतिरिक्त प्रश्न जोड़कर एक क्वेश्चन बैंक तैयार किया था। NEET Paper Leak Case में यह खुलासा बेहद गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इससे परीक्षा की पूरी गोपनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्रों से पैसों का लेन-देन
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि पेपर देने के बदले छात्रों से मोटी रकम वसूली गई थी। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि प्रत्येक छात्र से कितने पैसे लिए गए थे। लेकिन पूछताछ में कुछ छात्रों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने प्रश्नपत्र के बदले भुगतान किया था।
NEET Paper Leak Case में अब आर्थिक लेन-देन की जांच भी तेज कर दी गई है। बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
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अब CBI करेगी पूरे मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब जांच सीबीआई को सौंप दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। CBI अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि पेपर सबसे पहले कहां से बाहर आया और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे। जांच एजेंसियां तकनीकी सबूतों, मोबाइल डेटा और चैट रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
NEET Paper Leak Case ने देश की परीक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी है और अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल छात्र दोबारा परीक्षा को लेकर भी असमंजस की स्थिति में हैं और पूरे देश में इस मुद्दे पर बहस जारी है।
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