Crude Oil Prices: वैश्विक बाजार में Crude Oil Prices लगातार दबाव में बनी हुई हैं और इसका असर भारत में भी दिखाई दे रहा है। तेल विपणन कंपनियों ने लगातार आठवें दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है, खासकर ऐसे समय में जब कुछ सप्ताह पहले ईंधन की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Crude Oil Prices इसी स्तर पर बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में भी स्थिरता बनी रह सकती है।
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मई में बढ़े थे दाम, अब कीमतों पर लगा ब्रेक
मई के दूसरे पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार वृद्धि की गई थी। 15 मई से 25 मई के बीच ईंधन की कीमतों में करीब 8 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ था। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली समेत कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई थीं।
हालांकि, 25 मई के बाद से तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई नया संशोधन नहीं किया है। लगातार आठ दिनों से कीमतें स्थिर रहने से वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र को कुछ राहत मिली है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में Crude Oil Prices का 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बने रहना है।
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100 डॉलर से नीचे बना हुआ है कच्चा तेल
वैश्विक ऊर्जा बाजार में पिछले सात दिनों से Crude Oil Prices 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। कारोबारी सत्र के दौरान इसकी कीमत 94.71 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंची।
जानकारों के अनुसार, 26 मई के बाद पहली बार लगातार इतने दिनों तक ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर से नीचे बना हुआ है। वहीं अमेरिकी क्रूड डब्ल्यूटीआई भी दबाव में है और इसकी कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी हुई है। मौजूदा समय में डब्ल्यूटीआई करीब 91.83 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि Crude Oil Prices में आई यह नरमी वैश्विक मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन तथा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में सुधार की उम्मीदों का परिणाम है।
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अमेरिका-ईरान वार्ता से बाजार को मिला सहारा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Crude Oil Prices पर सबसे अधिक असर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत का देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद आगे बढ़ने की खबरों ने निवेशकों को संकेत दिया है कि भविष्य में तेल आपूर्ति को लेकर स्थिति बेहतर हो सकती है।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अभी पूरी तरह से राहत की स्थिति नहीं है। पश्चिम एशिया में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और किसी भी नई घटना का असर सीधे Crude Oil Prices पर पड़ सकता है। यदि क्षेत्र में हालात बिगड़ते हैं तो कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
देश के प्रमुख शहरों में क्या हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
तेल कंपनियों द्वारा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किए जाने के कारण देश के प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.02 रुपये प्रति लीटर है।
मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर उपलब्ध है।
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आम लोगों को राहत, लेकिन बाजार पर बनी रहेगी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल Crude Oil Prices में स्थिरता के कारण घरेलू ईंधन कीमतों पर दबाव कम हुआ है। इससे परिवहन लागत, लॉजिस्टिक्स और दैनिक खर्चों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
हालांकि, ऊर्जा बाजार अभी भी वैश्विक घटनाओं के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। निवेशक और तेल कंपनियां आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों, वैश्विक मांग और उत्पादन से जुड़े संकेतों पर नजर रखेंगी। यदि Crude Oil Prices 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहती हैं, तो आम लोगों को आगे भी राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
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