Religious Conversion Case: Police and investigation officials reviewing evidence in the Ayush Malik case in Shamli, UP.
Religious Conversion Case : उत्तर प्रदेश के शामली जिले से सामने आया Religious Conversion Case अब लगातार गंभीर होता जा रहा है। दवा कारोबारी के बेटे आयुष मलिक के धर्म परिवर्तन से जुड़ा यह मामला अब केवल एक पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी जांच कई राज्यों और विभिन्न व्यक्तियों तक पहुंच गई है। पुलिस को आशंका है कि इस पूरे प्रकरण के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। इसी कारण शामली, गाजियाबाद और दिल्ली के कुछ मौलाना जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। साथ ही खुफिया एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया गया है ताकि मामले के हर पहलू की गहराई से पड़ताल की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा।
फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार Religious Conversion Case में नामजद कई आरोपियों की तलाश जारी है। तीन मौलाना अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को आवास व स्वास्थ्य सुरक्षा देगी यूपी सरकार
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या इसके पीछे किसी संगठित समूह की सक्रियता थी। पुलिस रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है ताकि पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट हो सके।
सोशल मीडिया गतिविधियों की भी हो रही जांच
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि आयुष मलिक सोशल मीडिया पर कुछ धार्मिक और वैचारिक सामग्री नियमित रूप से देखता था। इसी क्रम में उसके डिजिटल व्यवहार और ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, Religious Conversion Case में सोशल मीडिया अकाउंट्स, ऑनलाइन संपर्कों और डिजिटल कम्युनिकेशन की समीक्षा की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या किसी बाहरी प्रभाव या ऑनलाइन नेटवर्क ने उसके विचारों को प्रभावित किया था।
हालांकि अभी तक किसी विदेशी संगठन या संदिग्ध फंडिंग से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
Read: अमित शाह के भरोसेमंद अफसर को मिली गुजरात पुलिस की कमान, जानिए क्यों चर्चा में हैं जीएस मलिक
आयुष मलिक ने कहा- धर्म परिवर्तन मेरा व्यक्तिगत निर्णय
इस पूरे विवाद के बीच आयुष मलिक, जिसने धर्म परिवर्तन के बाद अपना नाम रहमान बताया है, मीडिया के सामने आया और उसने अपना पक्ष रखा।
आयुष का कहना है कि उसने किसी दबाव, लालच या जबरदस्ती के कारण धर्म परिवर्तन नहीं किया। उसके अनुसार यह उसका व्यक्तिगत और स्वैच्छिक निर्णय था। उसने दावा किया कि वह कई वर्षों से इस्लाम के बारे में अध्ययन कर रहा था और लंबे विचार-विमर्श के बाद उसने यह कदम उठाया।
Religious Conversion Case में आयुष ने यह भी कहा कि उसने अपने परिवार के प्रति सम्मान बनाए रखा है और उसके माता-पिता अपने धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हैं। उसका कहना है कि परिवार और व्यक्तिगत आस्था को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
ब्रेनवॉश के आरोपों को किया खारिज
आयुष मलिक ने उन आरोपों को भी खारिज किया है जिनमें उसके ब्रेनवॉश होने की बात कही जा रही है। उसने कहा कि यदि उसका मानसिक रूप से प्रभाव डाला गया होता तो वह अपने परिवार से पूरी तरह दूर हो जाता, जबकि ऐसा नहीं है।
Also Read: मणिपुर में सुरक्षा अभियान तेज, CRPF प्रमुख का सख्त संदेश; हिंसा पर काबू पाने के लिए बढ़ी तैनाती
उसने यह भी कहा कि वह विभिन्न धार्मिक और वैचारिक वक्ताओं के विचार सुनता रहा है और अपनी समझ के आधार पर निर्णय लेता है। Religious Conversion Case में उसका दावा है कि उसका निर्णय पूरी तरह व्यक्तिगत था और इसमें किसी प्रकार का दबाव शामिल नहीं था।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर आयुष के पिता और दवा कारोबारी देवराज मलिक ने पुलिस को दी गई शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे को योजनाबद्ध तरीके से प्रभावित किया गया और उसे एक जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के पीछे संपत्ति से जुड़े हित हो सकते हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है। Religious Conversion Case में दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
Also Read: दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके, जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वीडियो के बाद सामने आया मामला
यह मामला उस समय सार्वजनिक चर्चा में आया जब एक धार्मिक संगठन से जुड़े संत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर इस मुद्दे को उठाया। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया।
इसके बाद परिवार की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और जांच प्रक्रिया शुरू हुई। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
जांच पूरी होने तक निष्कर्ष निकालने से बचने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। अधिकारियों के अनुसार Religious Conversion Case में सभी पहलुओं की निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है।
फिलहाल SIT, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। पूरे प्रदेश की नजर अब इस बहुचर्चित Religious Conversion Case की जांच और उसके परिणामों पर टिकी हुई है।
Follow Us: TV TODAY BHARAT Live | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram | YOUTUBE
