Students stay home during Uttarakhand School Holiday as heavy rainfall, Orange Alert and landslides impact several districts across the state.
Orange Alert: उत्तराखंड में लगातार सक्रिय मानसून ने जनजीवन पर व्यापक असर डालना शुरू कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों और गधेरों का जलस्तर बढ़ गया है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कई जिलों में Uttarakhand School Holiday घोषित कर दिया है। गुरुवार, 9 जुलाई को देहरादून, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर समेत कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और भूस्खलन की आशंका जताई है। इसी के चलते जिला प्रशासनों ने एहतियाती कदम उठाते हुए छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। दूसरी ओर टिहरी जिले में लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन ने एक पुरानी इमारत को भी अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि समय रहते भवन खाली करा दिए जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
Orange Alert के बाद बढ़ी सतर्कता
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जुलाई के लिए देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में Orange Alert जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा गरज-चमक के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना व्यक्त की गई है।
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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही वर्षा के कारण पर्वतीय इलाकों की मिट्टी पहले से ही काफी कमजोर हो चुकी है। ऐसे में भूस्खलन, सड़क धंसने और चट्टान गिरने की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। यही वजह है कि प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
देहरादून में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी और अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक अवकाश घोषित किया है। इसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल छात्रों और छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सभी विद्यालयों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
नैनीताल प्रशासन भी अलर्ट मोड में
लगातार हो रही बारिश के कारण नैनीताल जिले में भी हालात संवेदनशील बने हुए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष ने पूरे जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है।
नैनीताल के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार वर्षा के चलते भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। वहीं नदियों और गधेरों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
ऊधम सिंह नगर में भी लागू हुआ Uttarakhand School Holiday
ऊधम सिंह नगर जिला प्रशासन ने भी भारी बारिश की चेतावनी के बाद सभी सरकारी, गैर सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।
प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और अभिभावकों से भी बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजने की अपील की है।
टिहरी में भूस्खलन से ढही पुरानी इमारत
लगातार बारिश के बीच टिहरी जिले से भी चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग 707A पर कद्दूखाल क्षेत्र में भारी भूस्खलन के कारण सड़क किनारे स्थित एक पुरानी खाली इमारत क्षतिग्रस्त होकर ढह गई।
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स्थानीय प्रशासन के अनुसार जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां पहले से खतरे को देखते हुए दो रेस्टोरेंट, सड़क किनारे बने अस्थायी खोखे और मजदूरों के शेल्टर खाली करा दिए गए थे। इसी वजह से कोई जनहानि नहीं हुई।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आसपास होटल निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के कारण भी पहाड़ी कमजोर हुई, जिससे भूस्खलन की स्थिति बनी। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
बारिश के कारण बढ़ा भूस्खलन का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में मिट्टी की पकड़ कमजोर हो जाती है। इससे सड़कों के किनारे बने पुराने भवनों और ढलानों पर खतरा बढ़ जाता है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील इलाकों की निगरानी तेज कर दी है। जहां आवश्यकता महसूस हो रही है, वहां जेसीबी मशीनों और राहत टीमों को पहले से तैनात किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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प्रशासन ने जारी की सुरक्षा सलाह
बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की गई है।
इसके अलावा मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी हर अपडेट पर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करने को कहा गया है।
अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में मानसून अभी सक्रिय बना रहेगा और अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में तेज बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में Uttarakhand School Holiday जैसे एहतियाती फैसले आगे भी लिए जा सकते हैं यदि मौसम की स्थिति गंभीर बनी रहती है।
प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है और चारधाम यात्रा मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों तथा संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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