मेरठ|14 अगस्त 2026 : STF Meerut Unit स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ के जांबाजों की बहादुरी को सम्मान मिला है। STF Meerut Unit के चार पुलिसकर्मियों को खतरनाक अभियानों में अदम्य साहस दिखाने के लिए Medal for Gallantry (GM) से सम्मानित किया गया है। सम्मान पाने वालों में एसटीएफ फील्ड यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह, शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल संजय सिंह शामिल हैं। इनमें बृजेश कुमार सिंह के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्हें दूसरी बार गैलेंट्री मेडल मिला है।
अपराधियों के सामने डटकर खड़ी रही STF टीम
STF Meerut Unit लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ अभियानों में सक्रिय रही है। इस दौरान कई ऑपरेशन ऐसे रहे, जिनमें पुलिसकर्मियों को बेहद जोखिम भरे हालात का सामना करना पड़ा। गोलियों की बौछार के बीच मोर्चा संभालना और अपनी जान की परवाह किए बिना कार्रवाई करना आसान नहीं होता।
स्वतंत्रता दिवस पर मिला यह सम्मान इन्हीं साहसिक अभियानों की पहचान है। इन पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग मुठभेड़ों और ऑपरेशन के दौरान जिस बहादुरी का परिचय दिया, उसी के लिए उन्हें Medal for Gallantry प्रदान किया गया है।
अनिल दुजाना ऑपरेशन में शहीद इंस्पेक्टर सुनील और दीपक की बहादुरी
STF Meerut Unit के शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार को 4 मई 2023 को मेरठ के जानी क्षेत्र में हुए ऑपरेशन के लिए गैलेंट्री मेडल मिला है। इस अभियान में एसटीएफ टीम का सामना कुख्यात गैंगस्टर अनिल नागर उर्फ अनिल दुजाना से हुआ था।

मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मोर्चा संभाला। कार्रवाई में अनिल दुजाना मारा गया। उसके खिलाफ हत्या, सुपारी लेकर हत्या, रंगदारी और लूट सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए गए थे।
इस ऑपरेशन में शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार की भूमिका को देखते हुए उन्हें Gallantry Medal के लिए चुना गया। इंस्पेक्टर सुनील कुमार अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण पुलिस बल के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
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भोजपुर ऑपरेशन में भी दिखा STF का साहस
STF Meerut Unit के लिए 10 नवंबर 2025 का भोजपुर ऑपरेशन भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में एसटीएफ टीम का सामना एक लाख रुपये के इनामी अपराधी आसिफ उर्फ टिड्डा और 50 हजार रुपये के इनामी दीनू से हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, दोनों अपराधियों पर करीब एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और रकम नहीं देने पर घर पर फायरिंग करने जैसे गंभीर आरोप थे। पुलिस टीम ने दोनों की घेराबंदी की। इसी दौरान मुठभेड़ शुरू हुई और दोनों इनामी अपराधी मारे गए।

पुलिस के अनुसार आसिफ के खिलाफ 66 और दीनू के खिलाफ 23 मुकदमे दर्ज थे। इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में दिखाई गई बहादुरी के लिए ASP बृजेश कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल संजय सिंह को Medal for Gallantry से सम्मानित किया गया।
ASP बृजेश कुमार सिंह को दूसरी बार मिला वीरता पदक
इस सम्मान के साथ ASP बृजेश कुमार सिंह के पुलिस करियर में वीरता का एक और अध्याय जुड़ गया है। उन्हें इससे पहले भी गैलेंट्री मेडल मिल चुका है। वर्ष 2018 में मेरठ के दौराला क्षेत्र में हुए एक चर्चित हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में उनकी भूमिका के लिए उन्हें पहला वीरता पदक मिला था।
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27 अप्रैल 2018 को दुल्हन महविश की हत्या और लूट की वारदात के बाद एसटीएफ फरार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। 29 मई 2018 को टीम को सूचना मिली कि मामले के मुख्य आरोपी हिमांशु उर्फ नरसी उर्फ टाइगर और धीरज मेरठ-करनाल रोड स्थित पदम कोल्ड स्टोरेज के सामने एक खंडहर में छिपे हुए हैं।

सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने मौके पर कार्रवाई की। पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों आरोपी मारे गए। इस ऑपरेशन में बृजेश कुमार सिंह की भूमिका और साहस को देखते हुए उन्हें पहली बार गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया था।
दूसरी बार सम्मान से बढ़ा गौरव
अब नवंबर 2025 के भोजपुर ऑपरेशन में साहसिक भूमिका के लिए दूसरी बार Gallantry Medal मिलने से बृजेश कुमार सिंह की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण सम्मान जुड़ गया है। लगातार दो अलग-अलग अभियानों में वीरता के लिए सम्मान मिलना उनके नेतृत्व और ऑपरेशन के दौरान दिखाई गई दृढ़ता को दर्शाता है।
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वहीं हेड कांस्टेबल दीपक कुमार के लिए भी यह सम्मान विशेष महत्व रखता है, क्योंकि उन्हें अनिल दुजाना और भोजपुर दोनों अभियानों में भूमिका के लिए सम्मानित किया गया है। हेड कांस्टेबल संजय सिंह को भोजपुर ऑपरेशन में साहसिक कार्रवाई के लिए यह सम्मान मिला है।
शहीद पुलिसकर्मी की बहादुरी को भी सलाम
गैलेंट्री मेडल की सूची में शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार का नाम शामिल होना इस सम्मान को और भावुक बना देता है। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हुए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों का बलिदान हमेशा याद किया जाता है।
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सुनील कुमार ने कर्तव्य निभाते हुए जिस साहस का परिचय दिया, उसे अब आधिकारिक सम्मान मिला है। यह पदक उनके परिवार के लिए भी गर्व और भावनाओं से जुड़ा क्षण है।

वीरता पदक सिर्फ सम्मान नहीं, जिम्मेदारी की पहचान
STF Meerut Unit के चार पुलिसकर्मियों को मिला यह सम्मान केवल एक पदक नहीं है। यह उन अभियानों की याद दिलाता है, जहां पुलिसकर्मियों ने कानून का पालन कराने के लिए अपनी सुरक्षा को पीछे रखा।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिलने वाला Medal for Gallantry पुलिस बल के उन जवानों के साहस और बलिदान को सामने लाता है, जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपराधियों के खिलाफ मोर्चा संभालते हैं। मेरठ एसटीएफ के इन चार जांबाजों की कहानी भी बताती है कि वर्दी की असली पहचान सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि साहस, कर्तव्यनिष्ठा और जनता की सुरक्षा के प्रति समर्पण है।
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