Uttarakhand Health Alert over rising COVID, swine flu and dengue cases.(pc- AI)
Uttarakhand Health Alert: उत्तराखंड में मानसून के साथ बढ़ रही मौसमी बीमारियों के बीच अब कोरोना संक्रमण के मामले भी सामने आने लगे हैं। प्रदेश में पहले से डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है और इसी बीच कोविड के नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
स्वाइन फ्लू और कोरोना के कई लक्षण एक जैसे होने के कारण मरीजों में भी भ्रम और चिंता की स्थिति बन रही है। ऐसे में Uttarakhand Health Alert के बीच डॉक्टर लोगों को लक्षणों को नजरअंदाज न करने और जरूरत पड़ने पर जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
कोरोना के मामलों ने बढ़ाई स्वास्थ्य विभाग की चिंता
मानसून के दौरान उत्तराखंड में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल फीवर, टाइफाइड और स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस बार इन मौसमी बीमारियों के साथ कोरोना संक्रमण के मामले भी सामने आने लगे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 226 कोरोना सैंपल की जांच की गई है, जिनमें 34 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें 13 मरीज देहरादून और 21 मरीज प्रदेश के दूसरे जिलों से हैं। राहत की बात यह है कि इनमें से 30 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि चार मरीजों का उपचार चल रहा है।
स्वाइन फ्लू के आंकड़े भी चिंता बढ़ा रहे
कोरोना के साथ स्वाइन फ्लू के मामलों में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 385 सैंपल की जांच की गई, जिनमें 181 मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए हैं।
इनमें अकेले देहरादून जिले के 122 मरीज शामिल हैं, जबकि 59 मरीज अन्य जिलों से हैं। संक्रमित 181 लोगों में से 118 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और 61 मरीजों का इलाज जारी है। स्वाइन फ्लू के कारण प्रदेश में दो मौतें भी दर्ज की गई हैं। 2 सितंबर को ही 83 सैंपल लिए गए, जिनमें 49 मरीजों की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आई।
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डेंगू के मरीज भी लगातार मिल रहे
प्रदेश में डेंगू का संक्रमण भी स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब तक 23,900 सैंपल की जांच की जा चुकी है। इनमें 124 लोगों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। डेंगू के 60 मरीज देहरादून में मिले हैं, जबकि 64 मरीज अन्य जिलों से हैं। संक्रमित मरीजों में से 111 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और 13 मरीजों का इलाज चल रहा है।
डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर-घर सर्वे कराया जा रहा है। अब तक 8,26,453 घरों का सर्वे किया जा चुका है। इस दौरान 14,956 घरों में मच्छरों का लार्वा मिला, जिसे नष्ट किया गया। वहीं 52,04,582 कंटेनरों की जांच में 18,764 कंटेनरों में लार्वा पाया गया।
कोरोना और स्वाइन फ्लू के लक्षणों में क्यों हो रहा भ्रम?
Uttarakhand Health Alert के बीच सबसे बड़ी समस्या यह है कि कोरोना और स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण काफी हद तक एक जैसे दिखाई दे सकते हैं। बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बंद होना, सिरदर्द, थकान और शरीर में दर्द जैसी शिकायतें दोनों संक्रमणों में देखी जा सकती हैं।
कुछ लोगों में सांस लेने में परेशानी या सीने में जकड़न जैसी समस्या भी हो सकती है। ऐसे में केवल लक्षण देखकर बीमारी की पहचान करना सही नहीं है। लगातार लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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डॉक्टरों ने दी मास्क और हाइजीन की सलाह
सचिवालय डिस्पेंसरी की चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना कोहली के मुताबिक मौजूदा समय में वायरल, स्वाइन फ्लू, डेंगू और कोविड के मामले सामने आ रहे हैं। अगर किसी व्यक्ति को दो से तीन दिन तक लगातार बुखार, सर्दी या जुकाम रहता है, तो उसे डॉक्टर से संपर्क कर जांच करानी चाहिए।
उन्होंने लोगों को मास्क पहनने, हाथों की सफाई रखने, ताजा घर का खाना खाने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की सलाह दी। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचने को कहा।
कोविड काल वाली सावधानियां फिर आएंगी काम
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. केसी पंत ने कहा कि कोरोना काल के दौरान अपनाई गई सावधानियां आज भी संक्रमण से बचाव में मददगार हो सकती हैं। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर शारीरिक दूरी रखना उपयोगी कदम हैं। अगर किसी व्यक्ति में बुखार के साथ खांसी, गले में दर्द या शरीर में दर्द जैसे लक्षण हैं, तो उसे अस्पताल जाकर डॉक्टर से जांच और उचित सलाह लेनी चाहिए।
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बच्चों और बुजुर्गों को लेकर विशेष सावधानी
दून अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने लोगों से बेवजह घबराने से बचने की अपील की है। हालांकि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को संक्रमण के दौरान विशेष सावधानी की जरूरत हो सकती है, खासकर ऐसे बुजुर्ग जिन्हें पहले से कोई गंभीर या पुरानी बीमारी है।
अगर किसी बच्चे को सर्दी, खांसी या बुखार है, तो संक्रमण फैलने से रोकने के लिए उसे कुछ दिनों तक स्कूल भेजने से बचना बेहतर है। परिवार के दूसरे सदस्यों को भी ऐसे मरीजों के संपर्क में सावधानी बरतनी चाहिए।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
Uttarakhand Health Alert के बीच लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे साफ-सफाई और व्यक्तिगत सुरक्षा पर ध्यान दें। हाथों को साबुन-पानी से धोते रहें, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें और खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकें। लक्षण होने पर घर पर आराम करें और दूसरों से दूरी बनाए रखें। पर्याप्त पानी और दूसरे तरल पदार्थ लेते रहें। तेज या लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी या हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।
उत्तराखंड में फिलहाल कोरोना, स्वाइन फ्लू और डेंगू के साथ कई मौसमी बीमारियां सक्रिय हैं। ऐसे में घबराने के बजाय सावधानी बरतना और लक्षणों को गंभीरता से लेना सबसे जरूरी है।
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