Form 6 SIR voter registration and Election Commission declaration update
Form 6 SIR: Special Intensive Revision यानी SIR के बीच Form 6 SIR को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा बदलाव किया है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां ऑनलाइन Form 6 से जुड़ा अतिरिक्त SIR घोषणापत्र हटा दिया गया है। यह बदलाव ECINET पोर्टल और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर किया गया है।
Form 6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में पहली बार नाम जुड़वाने या पात्र नागरिक के तौर पर नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। हालांकि, SIR के दौरान इसके ऑनलाइन संस्करण में एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी। इसमें आवेदक से पुराने SIR की मतदाता सूची से अपने या माता-पिता अथवा दादा-दादी/नाना-नानी के संबंध की जानकारी मांगी जा रही थी। अब SIR पूरा होने वाले राज्यों में यह अतिरिक्त हिस्सा उपलब्ध नहीं रहेगा।
किन राज्यों में हटाया गया Form 6 SIR घोषणापत्र?
चुनाव आयोग के इस कदम का सीधा संबंध SIR की स्थिति से है। जिन राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां सामान्य Form 6 के जरिए मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया जारी रहेगी। वहीं जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR अभी चल रहा है, वहां SIR से जुड़ी अतिरिक्त आवश्यकता लागू रह सकती है।
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आयोग के अनुसार गैर-SIR अवधि में मतदाता पंजीकरण के लिए Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। यानी सामान्य मतदाता पंजीकरण और SIR के दौरान होने वाली अतिरिक्त प्रक्रिया को अलग-अलग रखा गया है।
आखिर Form 6 में अतिरिक्त घोषणा क्यों जोड़ी गई थी?
Form 6 SIR विवाद की शुरुआत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में अतिरिक्त घोषणा जोड़े जाने से हुई। जुलाई 2026 में इस बदलाव की जानकारी सामने आई थी। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन Form 6 में एक नया सेक्शन जोड़ा गया था। इसमें आवेदक से पूछा जा रहा था कि उसका या उसके माता-पिता का नाम पिछली SIR प्रक्रिया में तैयार मतदाता सूची में था या नहीं।
इस घोषणा का उद्देश्य पुराने मतदाता रिकॉर्ड से आवेदक का संबंध स्पष्ट करना था। SIR के दौरान पुराने मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी का इस्तेमाल मतदाता सूची के सत्यापन में किया जा रहा है। हालांकि, इस अतिरिक्त प्रक्रिया को लेकर आयोग के भीतर भी सवाल उठे।
दो चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति
Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने Form 6 में SIR से संबंधित बदलाव को लेकर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट में उनके हवाले से इसे नियमों के अनुरूप न होने और बिना उचित प्रक्रिया के किए गए बदलाव के तौर पर सवाल उठाए जाने की बात कही गई।
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रिपोर्ट के अनुसार आपत्ति इस बात पर भी थी कि Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित वैधानिक फॉर्म में बदलाव के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है। इस मुद्दे ने चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा पैदा की।
चुनाव आयोग ने बदलाव को लेकर क्या कहा?
चुनाव आयोग ने सार्वजनिक रूप से कहा कि Form 6 के वैधानिक प्रारूप में बदलाव नहीं किया गया था। आयोग के अनुसार SIR के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया में एक अतिरिक्त घोषणा मांगी गई थी। आयोग ने यह भी कहा कि यह आवश्यकता SIR से संबंधित थी और गैर-SIR अवधि में सामान्य कानूनी Form 6 का इस्तेमाल किया जाएगा।
26 सितंबर की बैठक के बाद आयोग की ओर से SIR से जुड़े फैसलों पर स्पष्टीकरण भी दिया गया। आयोग ने कहा कि SIR से संबंधित निर्देशों को तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। यह बयान उन रिपोर्टों के बीच आया, जिनमें आयोग के भीतर फैसलों को लेकर मतभेदों का दावा किया गया था।
SIR प्रक्रिया से Form 6 का क्या संबंध है?
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक व्यापक तरीके से अपडेट करना है। इस प्रक्रिया में मौजूदा मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाता है। साथ ही पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने और गलत या अपात्र प्रविष्टियों को लेकर दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया भी होती है।
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Form 6 इस पूरी व्यवस्था में नए मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है। यदि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराना चाहता है, तो वह Form 6 के जरिए आवेदन कर सकता है। SIR के दौरान कुछ राज्यों में इस आवेदन के साथ पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित अतिरिक्त जानकारी भी मांगी गई।
ऑनलाइन प्रक्रिया में अब क्या बदलेगा?
SIR पूरा होने वाले राज्यों में ऑनलाइन Form 6 भरने वाले आवेदकों को अब अतिरिक्त SIR घोषणापत्र नहीं देना होगा। उन्हें निर्धारित कानूनी Form 6 की प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि SIR से जुड़े राज्यों में सभी प्रक्रियाएं एक जैसी होंगी। जिन राज्यों में SIR जारी है, वहां आयोग की तय प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त जानकारी मांगी जा सकती है। यही वजह है कि मतदाताओं को अपने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट या ECINET पर उपलब्ध मौजूदा निर्देशों को देखना जरूरी होगा।
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SIR को लेकर आगे भी जारी रहेगी प्रक्रिया
चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का कार्यक्रम अलग-अलग चरणों में चल रहा है। कुछ राज्यों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो चुकी है, जबकि कई अन्य राज्यों में ड्राफ्ट सूची, दावे-आपत्तियां और सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं।
ऐसे में Form 6 SIR से जुड़ा यह बदलाव उन क्षेत्रों के मतदाताओं के लिए खास महत्व रखता है जहां SIR पूरा हो चुका है। फिलहाल सामान्य मतदाता पंजीकरण के लिए Form 6 की प्रक्रिया जारी रहेगी। वहीं SIR वाले राज्यों में लागू अलग निर्देशों के अनुसार आवेदन करना होगा।
इस पूरे मामले में एक बात स्पष्ट है कि Form 6 का वैधानिक इस्तेमाल जारी है। बदलाव मुख्य रूप से SIR से जुड़ी अतिरिक्त ऑनलाइन घोषणा को लेकर है। चुनाव आयोग और संबंधित राज्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से आगे जारी होने वाले निर्देश इस प्रक्रिया को लेकर और स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
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