CEC Gyanesh Kumar: चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ता कई राज्यों में चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकालने पहुंचे। इस दौरान ‘वोट चोरी, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए गए।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। पार्टी ने इन मामलों की स्वतंत्र समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि आयोग के भीतर होने वाली टिप्पणियां और अलग-अलग राय सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग के मुताबिक अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
पटना से जम्मू तक सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
कांग्रेस के देशव्यापी प्रदर्शन का असर कई राज्यों में दिखाई दिया। पटना, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू, लखनऊ और गुवाहाटी समेत कई शहरों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया। पटना में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
Read: CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, केसी वेणुगोपाल ने गिरफ्तारी की मांग उठाई
जम्मू में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन भवन के बाहर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वहां पहुंचे और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच की जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने उठाया था CEC के इस्तीफे का मुद्दा
इस पूरे विवाद को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को और तेज कर दिया था। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट का भी हवाला दिया। कांग्रेस का कहना है कि रिपोर्ट में सामने आए सवालों का जवाब सार्वजनिक तौर पर दिया जाना चाहिए।
हालांकि, बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। उन्होंने रिपोर्ट के आधार पर आयोग के फैसलों पर सवाल उठाने की कांग्रेस की दलील पर भी आपत्ति जताई।
Read: ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे में इस्तीफे की मांग, CJP ने बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
14 फैसलों पर आपत्ति की रिपोर्ट से शुरू हुआ विवाद
विवाद की पृष्ठभूमि में द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट है। रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर आयोग के फैसलों और आदेशों को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, Form 6 में बदलाव और मतदाता सूची से जुड़े डेटा के केंद्रीकरण जैसे मुद्दों का जिक्र किया गया है।
इन रिपोर्टों के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी। हालांकि चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के आधार पर किसी संस्थागत टूट की बात से इनकार किया है। आयोग का कहना है कि बहु-सदस्यीय संस्था में आंतरिक विचार-विमर्श सामान्य प्रक्रिया है। अंतिम फैसले आयोग की मंजूरी से लिए जाते हैं।
महुआ मोइत्रा ने भी पुलिस में दी शिकायत
इसी विवाद के बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने में CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ शिकायत दी। उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमति का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने कई मामलों में आपत्ति दर्ज की थी। उन्होंने Form 6 और मतदाता सूची के डेटा से जुड़े सवाल भी उठाए। पुलिस की ओर से शिकायत पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताया है।
ALSO READ: बृजभूषण के आरोपों पर बाबा रामदेव का पलटवार, बोले- ‘मुझसे मिलकर दूर हुई गलतफहमी’
CJP ने भी दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
CEC के इस्तीफे की मांग केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं है। Cockroach Janta Party यानी CJP ने भी गुरुवार को CEC Gyanesh Kumar को 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया।
संगठन ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके बाद दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरने की भी बात कही गई है। CJP ने चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रोकने और जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने जैसी मांगें भी रखी हैं। ये संगठन के अपने दावे और मांगें हैं।
कांग्रेस ने आगे के प्रदर्शन का भी बनाया प्लान
कांग्रेस ने 25 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस समितियों को चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकालने का निर्देश दिया था। इसके बाद 28 सितंबर को जिला कांग्रेस समितियों को जिला मुख्यालयों तक मार्च निकालने के लिए कहा गया है। पार्टी का कहना है कि इन प्रदर्शनों के जरिए CEC Gyanesh Kumar को हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग उठाई जाएगी।
ALSO READ: Today Haryana News| The World News Insights | TV TODAY BHARAT NEWS | LATEST BOLLYWOOD NEWS
CEC का मेरठ-वाराणसी दौरा भी स्थगित
इस राजनीतिक विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त का उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया। CEC Gyanesh Kumar को 25 सितंबर को मेरठ में युवाओं के साथ संवाद करना था। इसके बाद 28 सितंबर को वाराणसी में भी ऐसा ही कार्यक्रम प्रस्तावित था। चुनाव आयोग ने दोनों कार्यक्रमों को स्थगित करने की जानकारी दी है। आयोग की ओर से कहा गया है कि कार्यक्रम स्थगित होने का कारण विवाद से जुड़ा होना जरूरी नहीं है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल CEC Gyanesh Kumar को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का विरोध जारी है। कांग्रेस सड़क से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस्तीफे और कार्रवाई की मांग उठा रही है। दूसरी ओर चुनाव आयोग अपने फैसलों को संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिए गए सर्वसम्मत निर्णय बता रहा है।
ऐसे में आने वाले दिनों में SIR, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमति का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में बना रह सकता है। कांग्रेस के 28 सितंबर के प्रस्तावित जिला स्तरीय मार्च और CJP के आगे के आंदोलन पर भी नजर रहेगी।
UTTAR PRADESH |UTTARAKHAND UPDATE |CM YOGI BREAKING |EXPLAINER TV TODAY BHARAT|WEB STORY |NATIONAL NEWS TODAY | Business Bharat

1 ने “CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी मार्च, ‘गिरफ्तार करो’ के नारे से गरमाई सियासत” पर विचार किया;