Supreme Court Cancels Anant Singh’s Bail: 3 Key Arguments by Bihar Government (Pic-x)
Anant Singh bail cancelled: मोकामा विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) को दुलारचंद यादव हत्याकांड (Dularchand Yadav Murder Case) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ा झटका लगा है। पटना हाईकोर्ट से मार्च 2026 में मिली उनकी जमानत शीर्ष अदालत ने रद्द कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। साथ ही बिहार पुलिस को इस मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले में बिहार की सम्राट चौधरी सरकार (Bihar Government) ने भी सुप्रीम कोर्ट में अनंत सिंह की जमानत का विरोध किया था। सरकार ने 24 अक्टूबर को अदालत में हलफनामा दाखिल कर उनके खिलाफ दर्ज 62 आपराधिक मामलों, दुलारचंद यादव हत्याकांड में दाखिल चार्जशीट और जांच में सामने आए आरोपों का जिक्र किया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास और मामले (Anant Singh bail cancelled) की गंभीरता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों रद्द की अनंत सिंह की जमानत?
दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) के जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत देते समय उनके पुराने आपराधिक मामलों पर ठीक से विचार नहीं किया। सुनवाई के दौरान जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने मामले (Anant Singh bail cancelled) की गंभीरता और अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास को अहम माना।
अदालत ने यह भी कहा कि हत्या के मामले को केवल राजनीतिक विवाद या चुनावी रंजिश के नजरिए से नहीं देखा जा सकता। अनंत सिंह की ओर से दलील दी गई थी कि घटना चुनाव के दौरान हुई थी और इसी वजह से उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस आधार पर मामले की गंभीरता को नजरअंदाज (Anant Singh bail cancelled) करने से इनकार किया।
बिहार सरकार ने SC में रखीं ये 3 अहम दलीलें
बिहार सरकार ने अपने हलफनामे में अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई और उनके आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी तीन प्रमुख बातें अदालत के सामने रखीं। (Anant Singh bail cancelled)
- जनवरी 2026 में दाखिल हो चुकी थी चार्जशीट
सरकार ने बताया कि दुलारचंद यादव हत्याकांड की जांच के दौरान एसडीपीओ और एसपी स्तर पर निगरानी की गई थी। इसके बाद जनवरी 2026 में अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। सरकार का कहना था कि जांच में अनंत सिंह का नाम आरोपी के तौर पर सामने आया है। (Anant Singh bail cancelled)
- अनंत सिंह के खिलाफ दर्ज हैं 62 आपराधिक मामले
बिहार सरकार ने अदालत को बताया कि अनंत सिंह के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत अलग-अलग आरोपों में कुल 62 आपराधिक मामले (Anant Singh bail cancelled) दर्ज हैं। सरकार ने उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को जमानत रद्द करने की मांग का एक अहम आधार बनाया।
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- सरकार ने जमानत रद्द करने की मांग की
सरकार का कहना था कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह पर लगे आरोप गंभीर हैं और जांच में उनके खिलाफ आरोप सामने आए हैं। ऐसे में उन्हें जमानत पर बाहर रखना उचित नहीं है। इसी आधार पर बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Anant Singh bail cancelled) से पटना हाईकोर्ट के जमानत आदेश को रद्द करने की मांग की थी।
1 दिसंबर तक सरेंडर का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने परिवार में बेटी की शादी का हवाला देते हुए तुरंत सरेंडर नहीं करने के लिए समय मांगा था। अदालत ने इस अनुरोध पर उन्हें 1 दिसंबर तक का समय दिया।इसके साथ ही बिहार पुलिस को दुलारचंद यादव हत्याकांड की जांच चार महीने में पूरी करने का आदेश दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की (Anant Singh bail cancelled) सुनवाई होगी।
हाईकोर्ट के फैसले पर SC की अहम टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत देते समय उनके आपराधिक इतिहास और आरोपों की गंभीरता पर पर्याप्त विचार नहीं किया। अदालत के इस फैसले के बाद दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह की जमानत समाप्त हो गई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच पूरी होना बाकी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, बिहार पुलिस को चार महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी। इसके बाद अदालत में आगे की कानूनी (Anant Singh bail cancelled) कार्रवाई होगी।
