Shaam-e-Akhtari: Dr Soma Ghosh Pays Tribute to Begum Akhtar on Her 52nd Death Anniversary (Pic-PR)
Shaam-e-Akhtari: गजल की दुनिया की मशहूर गायिका बेगम अख्तर की 52वीं पुण्यतिथि पर दिल्ली में एक खास संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के समवेत सभागार में हुई ‘शाम-ए-अख्तरी’ में पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने अपनी गायकी से बेगम अख्तर को याद किया। उनकी भावपूर्ण आवाज और गजलों की प्रस्तुति ने वहां मौजूद संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस कार्यक्रम में संगीत के साथ सिनेमा का भी खास मेल देखने को मिला। डॉ. सोमा घोष और प्रो. शुभंकर घोष की ओर से बनाई गई फिल्म के जरिए बेगम अख्तर (Shaam-e-Akhtari) के जीवन, उनके संघर्ष और संगीत के सफर को दिखाया गया। फिल्म के दृश्यों के साथ सोमा घोष लाइव गायन करती रहीं। इस अनूठे प्रयोग ने दर्शकों को ऐसा अनुभव दिया, जैसे बेगम अख्तर की यादें एक बार फिर उनके सामने जीवंत हो उठी हों।
फिल्म और लाइव गायन के जरिए दिखाई बेगम अख्तर की कहानी
‘शाम-ए-अख्तरी’ की खास बात यह रही कि इसमें सिर्फ गजलें पेश नहीं की गईं, बल्कि बेगम अख्तर के जीवन के अलग-अलग दौर को भी संगीत के साथ जोड़ा गया। पर्दे पर उनके जीवन के अनछुए पहलुओं, संघर्ष और संगीत साधना की कहानी दिखाई गई। इसके साथ डॉ. सोमा घोष ने अपनी आवाज में उन भावनाओं को पेश किया, जो बेगम अख्तर की गायकी की पहचान रही हैं। उनकी जिंदगी के उतार-चढ़ाव के साथ संगीत में आए बदलावों को भी इस प्रस्तुति (Shaam-e-Akhtari) का हिस्सा बनाया गया। दर्शकों ने इस नए अंदाज की खूब सराहना की।
नई पीढ़ी को महान कलाकारों से जोड़ना चाहती हैं सोमा घोष
कार्यक्रम के दौरान पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने कहा कि आज की नई पीढ़ी भारतीय शास्त्रीय संगीत की महान हस्तियों और उनकी विरासत से धीरे-धीरे दूर होती जा रही है। ऐसे में उनकी कोशिश है कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान और बेगम अख्तर (Shaam-e-Akhtari) जैसे महान कलाकारों के जीवन और संगीत को युवाओं के सामने नए तरीके से रखा जाए।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि गायन के दौरान एक पल ऐसा लगा, जैसे बेगम अख्तर खुद उनके सामने आकर खड़ी हो गई हों। सोमा घोष ने बताया कि उन्होंने केवल उनके गीत गाने की जगह उनकी जिंदगी की कहानी को भी संगीत से जोड़ने की कोशिश की। उन्हें उम्मीद है कि यह प्रयास लोगों (Shaam-e-Akhtari) के दिलों तक पहुंचा होगा।

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कला और संस्कृति जगत की कई बड़ी हस्तियां पहुंचीं
इस आयोजन में कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। इनमें प्रख्यात शास्त्रीय नृत्यांगना और राज्यसभा की पूर्व सांसद पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हेमंत शर्मा तथा संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव अरविन्द कुमार मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के कला दर्शन विभाग की अध्यक्ष प्रो. डॉ. ऋचा काम्बोज के (Shaam-e-Akhtari) नेतृत्व में विभाग के सहयोग से किया गया।
कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बनाया शाम को यादगार
डॉ. सोमा घोष के साथ कई कलाकारों ने संगीत की प्रस्तुति में साथ दिया। नवाज़िश जब्बार हुसैन खान ने तबले पर, परमिता मुखर्जी ने हारमोनियम पर, उमेश कुमार साहू ने कीबोर्ड पर, काशिफ निज़ामी ने सारंगी पर और पंकज बनई ने साइड रिदम पर संगत की। वहीं आस्था गुप्ता और आंचल शर्मा ने नृत्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को और खास बनाया। विशाल पांडे ने पूरे आयोजन का संचालन किया।
कार्यक्रम के अंत में संगीत प्रेमियों ने डॉ. सोमा घोष और उनकी टीम के इस प्रयास की तारीफ की। ‘शाम-ए-अख्तरी’ ने बेगम अख्तर की संगीत विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की एक खास कोशिश पेश (Shaam-e-Akhtari) की। उनकी आवाज और गजलों की मिठास आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में मौजूद है।
News Source: ANI






