Trump Midterm Election 2026: 5 Reasons Behind Republican Party's Defeat (Pic-x)
US Midterm Election 2026: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लिया। इस हार के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ट्रंप की लोकप्रियता और उनकी पार्टी को इतना नुकसान क्यों हुआ? एसोसिएटेड प्रेस (AP) के वोटर पोल में अमेरिकी जनता ने इसके कई कारण (US Midterm Election 2026) बताए हैं।
सर्वे के मुताबिक, महंगाई, सरकारी भ्रष्टाचार, ट्रंप की नीतियों और उनके पसंदीदा उम्मीदवारों की कमजोर छवि ने रिपब्लिकन पार्टी की मुश्किलें बढ़ाईं। बड़ी संख्या में मतदाता ट्रंप के कामकाज से खुश नहीं दिखे। लोगों की नाराजगी खासतौर पर रोजमर्रा की बढ़ती कीमतों और चुनावी वादे पूरे नहीं होने को लेकर थी। आइए समझते हैं कि वे कौन सी 5 वजहें रहीं, जिन्होंने चुनाव में (US Midterm Election 2026) रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान पहुंचाया।
1. महंगाई ने बिगाड़ा ट्रंप की पार्टी का खेल
अमेरिकी मतदाताओं के लिए महंगाई सबसे बड़े मुद्दों में शामिल रही। किराने का सामान, पेट्रोल, बिजली और कार की मरम्मत जैसी जरूरतों पर बढ़ते खर्च ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया। टेक्सास में करीब 20 फीसदी मतदाताओं ने माना कि (US Midterm Election 2026) महंगाई से उनके परिवार को बहुत ज्यादा परेशानी हुई।
इनमें से लगभग 75 फीसदी लोगों ने डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स तालारिको का समर्थन किया। महंगाई से मध्यम स्तर की परेशानी बताने वाले मतदाताओं में भी तालारिको को बहुमत मिला। देशभर में करीब दो-तिहाई मतदाताओं ने कहा कि ट्रंप की नीतियों से अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ। इनमें लगभग 80 फीसदी लोगों ने डेमोक्रेट (US Midterm Election 2026) उम्मीदवारों को वोट दिया।
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2. भ्रष्टाचार के आरोपों से बढ़ी नाराजगी
सरकारी भ्रष्टाचार भी चुनाव में बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया। आधे से ज्यादा मतदाताओं ने कहा कि संसद के लिए वोट देते समय उनके लिए भ्रष्टाचार सबसे अहम मुद्दों में था। ट्रंप के मीम कॉइन और Cryptocurrency से एक अरब डॉलर से ज्यादा कमाने, व्हाइट हाउस में बॉलरूम बनाने के लिए बड़ी कंपनियों से चंदा मांगने और उनके परिवार व सहयोगियों के कारोबार को लेकर भी सवाल उठे। सर्वे में करीब दो-तिहाई मतदाताओं ने कहा कि ट्रंप की प्राथमिकताएं सही नहीं हैं। इस वर्ग के ज्यादातर लोगों ने (US Midterm Election 2026) डेमोक्रेट उम्मीदवारों का साथ दिया।
3. राष्ट्रपति पर निगरानी नहीं रखने से नाराज वोटर्स
सर्वे में करीब 70 फीसदी मतदाताओं का मानना था कि अमेरिकी संसद राष्ट्रपति के फैसलों की जांच करने और उन पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त काम नहीं कर रही है। हैरानी की बात यह है कि इनमें करीब 40 फीसदी रिपब्लिकन मतदाता भी शामिल थे। ट्रंप के सरकारी कर्मचारियों की छंटनी, दूसरे देशों के सामान पर Tariffs लगाने और ईरान के साथ युद्ध शुरू करने जैसे फैसलों पर भी चर्चा रही। इसके अलावा फेडरल रिजर्व, कैनेडी सेंटर और स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन को लेकर (US Midterm Election 2026) उनके कदम भी विवादों में रहे।
4. डेमोक्रेट्स को वोट मिला
रिपब्लिकन पार्टी की हार का मतलब यह नहीं है कि अमेरिकी जनता पूरी तरह डेमोक्रेट्स के साथ है। सर्वे के मुताबिक, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, स्वास्थ्य सेवाओं, टैक्स और इमिग्रेशन जैसे मुद्दों पर करीब 20 फीसदी मतदाताओं को कोई भी पार्टी बेहतर नहीं लगी। इसके बावजूद इनमें से ज्यादातर लोगों ने डेमोक्रेट उम्मीदवारों को (US Midterm Election 2026) वोट दिया।
करीब आधे मतदाताओं की डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रति सकारात्मक राय थी, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के लिए यह आंकड़ा लगभग 40 फीसदी रहा। मेन में भी बदलाव चाहने वाले मतदाताओं ने डेमोक्रेट ट्रॉय जैक्सन का समर्थन किया, जबकि उम्मीदवार के अनुभव को अहम मानने वालों ने रिपब्लिकन सांसद सुसान (US Midterm Election 2026) कॉलिन्स को चुना।
5. ट्रंप के पसंदीदा उम्मीदवार भी बने हार की वजह
चुनाव में ट्रंप के समर्थन वाले कुछ उम्मीदवारों की छवि भी पार्टी के लिए परेशानी बनी। दक्षिण कैरोलिना में डार्लिन ग्राहम को लेकर करीब 60 फीसदी मतदाताओं ने कहा कि उनके पास सीनेटर बनने का पर्याप्त अनुभव नहीं है। टेक्सास में ट्रंप ने जॉन कॉर्निन के बजाय केन पैक्सटन का समर्थन किया। पैक्सटन के पुराने विवादों और महाभियोग की कार्रवाई (US Midterm Election 2026) को लेकर सवाल उठे।
करीब दो-तिहाई मतदाताओं ने उन्हें सीनेटर बनने के लिए जरूरी चरित्र वाला उम्मीदवार नहीं माना। नॉर्थ कैरोलिना में भी करीब 60 फीसदी मतदाताओं ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइकल व्हाटली को ट्रंप का जरूरत से ज्यादा समर्थन (US Midterm Election 2026) करने वाला बताया। यहां डेमोक्रेट रॉय कूपर को जीत मिली।
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डेमोक्रेट्स के सामने भी बड़ी चुनौती
रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद डेमोक्रेट्स के सामने भी कई चुनौतियां हैं। मतदाता चाहते हैं कि संसद राष्ट्रपति के फैसलों पर नजर रखे और उनकी जांच करे। अब दोनों सदनों में बहुमत मिलने के बाद डेमोक्रेट्स से इन उम्मीदों को पूरा करने की जिम्मेदारी होगी। कुल मिलाकर, AP Voter Poll के नतीजे बताते हैं कि महंगाई, भ्रष्टाचार, नीतियों और उम्मीदवारों की छवि ने रिपब्लिकन पार्टी के खिलाफ माहौल बनाया। हालांकि, डेमोक्रेट्स की जीत के बावजूद अमेरिकी जनता की उनसे भी कई उम्मीदें (US Midterm Election 2026) बाकी हैं।







