Ambala Building Collapse at a construction site in Dhulkot village
Ambala Building Collapse: हरियाणा के अंबाला में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। धूलकोट गांव में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं, 10 से ज्यादा मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव का काम शुरू किया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं।
Ambala Building Collapse की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया गया।
निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा
अधिकारियों के अनुसार, हादसा रविवार शाम से कुछ समय पहले हुआ। उस वक्त इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था। कई मजदूर अलग-अलग मंजिलों पर काम कर रहे थे। इसी दौरान इमारत के पीछे वाले हिस्से का लैंटर अचानक नीचे गिर गया।
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लैंटर गिरने के बाद दूसरी और पहली मंजिल का हिस्सा भी इसकी चपेट में आ गया। देखते ही देखते इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया। वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। एक घायल मजदूर के मुताबिक, कुछ श्रमिक भूतल पर काम कर रहे थे। वहीं कई मजदूर ऊपर की मंजिलों पर निर्माण कार्य में लगे थे। हादसे के समय तीसरी मंजिल पर लैंटर डालने का काम चल रहा था।
तीसरी मंजिल पर 17 मजदूर कर रहे थे काम
बताया गया कि रविवार को तीसरी मंजिल पर करीब 17 मजदूर लैंटर लगाने में जुटे थे। इसी दौरान पीछे की तरफ का लैंटर गिर गया। इसके बाद नीचे की मंजिलों पर भी दबाव पड़ा और उनके लैंटर टूटकर गिरने लगे।
पहली मंजिल पर करीब 10 से 12 मजदूर दीवारों पर प्लास्टर कर रहे थे। इमारत का हिस्सा गिरने के बाद ये मजदूर मलबे और सरियों के जाल में फंस गए। इनमें से छह मजदूर किसी तरह आगे की ओर कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। बाकी मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया।

दूसरी मंजिल का लैंटर कुछ दिन पहले ही डाला गया था
इस Ambala Building Collapse में निर्माण की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, दूसरी मंजिल का लैंटर करीब 10 से 12 दिन पहले ही डाला गया था। इसकी शटरिंग भी एक-दो दिन पहले हटाई गई थी।
इमारत का निर्माण करीब दो महीने से चल रहा था। हादसे के समय तीसरी मंजिल का लैंटर डाला जा रहा था। इसी दौरान अचानक ढांचा ढह गया। हादसे के कारणों की आधिकारिक जांच अभी जारी है। यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों और तकनीकी प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।
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अस्पताल में 12 घायल मजदूर पहुंचे
अंबाला की सिविल सर्जन रेणु बेरी ने बताया कि हादसे के बाद 12 घायल मजदूरों को अस्पताल लाया गया। इनमें से पांच का इलाज अभी जारी है। दो घायल मजदूरों को उनकी इच्छा के अनुसार अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दी गई। अस्पताल प्रशासन की ओर से घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि शाम के समय चार लोगों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उनके शवों को शवगृह में रखवाया गया। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई।
मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका
अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि राहत और बचाव अभियान लगातार चल रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
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पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मलबे में दो से तीन और लोगों के फंसे होने का पता चला था। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए गए। बचाव दल ने मलबे को सावधानी से हटाया ताकि अंदर फंसे लोगों को नुकसान न पहुंचे। Ambala Building Collapse के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित किया और बचाव दल को काम करने के लिए रास्ता उपलब्ध कराया।
प्रशासन की टीमों ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश की। भारी मलबे को हटाने के लिए मशीनों की मदद भी ली गई।
घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए बचाव अभियान में सावधानी बरती गई। क्योंकि इमारत का कुछ हिस्सा पहले ही गिर चुका था, इसलिए बाकी ढांचे के भी अस्थिर होने का खतरा बना हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।
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निर्माण सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
अंबाला में हुए इस हादसे ने निर्माणाधीन इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम कितने पर्याप्त थे, इसकी जांच की जा सकती है।
फिलहाल Ambala Building Collapse के पीछे वास्तविक कारण क्या था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों और निर्माण प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के लिए यह बड़ा सदमा है। वहीं, घायल मजदूरों का अस्पताल में उपचार जारी है। राहत एवं बचाव अभियान के बाद अब हादसे की जांच और जिम्मेदारी तय करने पर भी नजर रहेगी।
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