Haryana CM Saini flags off Rewari half marathon as Rao Inderjit Singh’s absence sparks debate.(PC- social media)
Haryana BJP Politics: हरियाणा के रेवाड़ी में रविवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य स्तरीय हाफ मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘हरियाणा उदय अभियान’ के तहत आयोजित इस बड़े कार्यक्रम में करीब 60 हजार लोगों की भागीदारी बताई गई। सरकार ने इस आयोजन को युवाओं को नशे से दूर रखने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के अभियान से जोड़ा। हालांकि, मैराथन के खेल और सामाजिक संदेश के बीच एक राजनीतिक तस्वीर भी चर्चा का विषय बन गई। गुरुग्राम से सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इसके बाद एक बार फिर Haryana BJP Politics और दक्षिण हरियाणा में पार्टी की अंदरूनी स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
CM नायब सैनी ने रेवाड़ी से दिखाई हाफ मैराथन को हरी झंडी
रेवाड़ी के राव तुलाराम स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय हाफ मैराथन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर दौड़ के लिए रवाना किया। कार्यक्रम में युवाओं, विद्यार्थियों और आम लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। इस मैराथन का मुख्य उद्देश्य हरियाणा में नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना बताया गया। सरकार की ओर से युवाओं को संदेश दिया गया कि खेल, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूरी बनाई जा सकती है।
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लेकिन आयोजन के राजनीतिक महत्व को देखते हुए राव इंद्रजीत सिंह की अनुपस्थिति ने Haryana BJP Politics में एक नई बहस छेड़ दी। रेवाड़ी और अहीरवाल क्षेत्र में राव इंद्रजीत की मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती है। ऐसे में मुख्यमंत्री के बड़े कार्यक्रम में उनका मौजूद नहीं होना स्वाभाविक रूप से राजनीतिक चर्चाओं का कारण बन गया।
अहीरवाल के बड़े नेता की गैरमौजूदगी ने बढ़ाए सवाल
दक्षिण हरियाणा का अहीरवाल क्षेत्र लंबे समय से राव इंद्रजीत सिंह की राजनीतिक ताकत का केंद्र माना जाता रहा है। रेवाड़ी, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में उनका प्रभाव बीजेपी की क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है।
इसी वजह से जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रेवाड़ी पहुंचे और राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, तब राव इंद्रजीत सिंह की गैरमौजूदगी पर लोगों की नजर गई। राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे कि क्या यह केवल व्यस्तता या निजी कारणों की वजह से हुआ या फिर इसके पीछे पार्टी के भीतर कोई राजनीतिक संदेश छिपा है।
हालांकि, राव इंद्रजीत सिंह की ओर से इस कार्यक्रम में शामिल न होने को लेकर तत्काल कोई स्पष्ट राजनीतिक बयान सामने नहीं आया। इसके बावजूद उनकी अनुपस्थिति ने Haryana BJP Politics को लेकर अटकलों को जरूर हवा दे दी है।
राव इंद्रजीत की गैरमौजूदगी पर CM सैनी ने नहीं दिया जवाब
कार्यक्रम के दौरान जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से राव इंद्रजीत सिंह के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। मुख्यमंत्री बिना टिप्पणी किए आगे बढ़ गए।
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सीएम की इस चुप्पी के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं। सवाल उठने लगे कि क्या राव इंद्रजीत पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं? क्या दक्षिण हरियाणा में बीजेपी के भीतर समन्वय को लेकर कोई समस्या है? या फिर अलग-अलग नेताओं की गैरमौजूदगी को जरूरत से ज्यादा राजनीतिक रंग दिया जा रहा है? फिलहाल इन सवालों का कोई आधिकारिक जवाब नहीं है, लेकिन Haryana BJP Politics में राव इंद्रजीत और पार्टी नेतृत्व के रिश्तों को लेकर चर्चाएं पहले भी सामने आती रही हैं।
पहले भी कई कार्यक्रमों से दूर रहे राव इंद्रजीत
यह पहला मौका नहीं है जब किसी बड़े सरकारी या पार्टी कार्यक्रम में राव इंद्रजीत सिंह की अनुपस्थिति चर्चा में आई हो। पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे अवसर आए हैं, जब उनके शामिल न होने को राजनीतिक नजरिए से देखा गया।
गुरुग्राम में विभाजन विभीषिका दिवस के कार्यक्रम के दौरान राव इंद्रजीत सिंह ने प्रोटोकॉल से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उस कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय स्तर के नेता भी मौजूद थे। राव इंद्रजीत की टिप्पणियों के बाद पार्टी के भीतर समन्वय और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका को लेकर बहस शुरू हुई थी। इसके अलावा जून में रेवाड़ी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भी राव इंद्रजीत शामिल नहीं हुए थे। उस समय उनके कार्यालय की ओर से उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई थी।
बावल के कार्यक्रम में भी गैरमौजूदगी बनी थी चर्चा
30 जून को बावल में आयोजित ‘खेत बचाओ’ कार्यक्रम में भी राव इंद्रजीत सिंह और रेवाड़ी जिले के कुछ स्थानीय बीजेपी नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठे थे। उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद थे।
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लगातार अलग-अलग कार्यक्रमों में उनकी अनुपस्थिति के कारण विपक्ष को भी बीजेपी पर निशाना साधने का मौका मिला। कांग्रेस ने कई मौकों पर इसे पार्टी के भीतर गुटबाजी और मतभेद से जोड़कर देखा।
हालांकि, बीजेपी की ओर से सार्वजनिक रूप से किसी बड़े मतभेद की पुष्टि नहीं की गई है। फिर भी दक्षिण हरियाणा की Haryana BJP Politics में राव इंद्रजीत की भूमिका को देखते हुए हर अनुपस्थिति राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाती है।
अहीरवाल में राव इंद्रजीत का राजनीतिक महत्व
राव इंद्रजीत सिंह दक्षिण हरियाणा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। अहीरवाल क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पहचान और जनाधार का असर लंबे समय से चुनावी राजनीति में दिखाई देता रहा है।
बीजेपी के लिए भी दक्षिण हरियाणा का यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में मुख्यमंत्री के दौरे और क्षेत्रीय कार्यक्रमों में राव इंद्रजीत की उपस्थिति या अनुपस्थिति को सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम से अधिक महत्व दिया जाता है।
रेवाड़ी की मैराथन में भी यही हुआ। एक ओर सरकार ने 60 हजार लोगों की भागीदारी और नशे के खिलाफ अभियान को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र राव इंद्रजीत की गैरमौजूदगी बन गई।
मैराथन के जरिए दिया गया ड्रग-फ्री हरियाणा का संदेश
राजनीतिक सवालों से अलग कार्यक्रम का मूल उद्देश्य सामाजिक जागरूकता रहा। हाफ मैराथन को ‘ड्रग-फ्री हरियाणा’ के संदेश के साथ आयोजित किया गया। युवाओं को नशे से दूर रहने और खेल तथा फिटनेस को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
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सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून और पुलिस कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज, परिवार, स्कूल और युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को सरकार ने इस अभियान के प्रति सकारात्मक संदेश के रूप में देखा।
खेल का मंच, लेकिन सियासत की चर्चा भी
रेवाड़ी में रविवार का आयोजन सामाजिक और खेल से जुड़ा था, लेकिन राव इंद्रजीत सिंह की अनुपस्थिति ने इसे राजनीतिक चर्चा में भी ला दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी, हजारों युवाओं की भागीदारी और नशे के खिलाफ संदेश के बावजूद दिनभर चर्चा का एक बड़ा विषय यही रहा कि अहीरवाल के प्रमुख नेता कार्यक्रम में क्यों नहीं पहुंचे।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राव इंद्रजीत सिंह स्वयं इस गैरमौजूदगी पर कोई स्पष्टीकरण देते हैं या नहीं। फिलहाल इतना तय है कि रेवाड़ी की हाफ मैराथन ने नशे के खिलाफ संदेश देने के साथ-साथ Haryana BJP Politics को लेकर भी एक नई राजनीतिक बहस शुरू कर दी है।
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