Kulgam terror attack: Security personnel at the site in Jammu and Kashmir after terrorists killed two migrant workers from Chhattisgarh.
Kulgam Terror Attack: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए Kulgam Terror Attack ने एक बार फिर आतंकवाद के क्रूर और अमानवीय चेहरे को सामने ला दिया है। इस हमले में छत्तीसगढ़ से रोजी-रोटी कमाने के लिए कश्मीर पहुंचे दो प्रवासी श्रमिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आतंकियों ने पहले श्रमिकों का विश्वास जीता, उनसे सामान्य बातचीत की और फिर पानी मांगने के बहाने बेहद नजदीक से गोलियां बरसा दीं। इस घटना ने न केवल दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया, बल्कि इंसानियत और भरोसे पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Kulgam Terror Attack में दो श्रमिकों की दर्दनाक मौत
जानकारी के अनुसार यह घटना शुक्रवार देर रात कुलगाम जिले के एक ईंट-भट्ठे पर हुई, जहां छत्तीसगढ़ के कई मजदूर काम कर रहे थे। मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के निवासी दीपक रात्रे और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निवासी भूपेंद्र भैना के रूप में हुई है। दोनों बेहतर रोजगार की तलाश में कश्मीर पहुंचे थे और पिछले कुछ समय से ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के समय वहां कई मजदूर मौजूद थे, जिन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों में उनके सामने इतनी बड़ी त्रासदी घटने वाली है।
पहले बातचीत, फिर भरोसा और उसके बाद हमला
प्रारंभिक जांच के अनुसार, हमले को अंजाम देने वाला आतंकी लतीफ बट करीब 15 से 20 मिनट तक श्रमिकों के बीच बैठा रहा। उसने सामान्य व्यक्ति की तरह मजदूरों से बातचीत की, उनका हालचाल पूछा और उनके नाम जाने। इस दौरान उसके पास एक काला बैग था, जिसमें उसने अपनी असॉल्ट राइफल छिपा रखी थी।
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान उसने मजदूरों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। इसी कारण वहां मौजूद श्रमिकों को उस पर कोई शक नहीं हुआ और माहौल सामान्य बना रहा। यही विश्वास आगे चलकर आतंकियों के लिए हमला करने का सबसे बड़ा हथियार बन गया।
पानी मांगने के बहाने रची गई खौफनाक साजिश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बातचीत खत्म होने के बाद आतंकी कमरे से बाहर निकलने लगा। तभी उसने कहा कि उसे प्यास लगी है और उसने पानी मांगा। जैसे ही एक श्रमिक की पत्नी पानी लेने के लिए कमरे के भीतर गई, आतंकी ने अचानक अपना हथियार निकाला और दोनों श्रमिकों पर बेहद करीब से गोलियां चला दीं।
Read :टीम में चयन नहीं होने से 17 वर्षीय महिला क्रिकेटर की मौत, नागपुर की घटना ने खेल जगत को झकझोरा
गोलियों की आवाज सुनते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर ने किसी को संभलने का मौका नहीं दिया और कुछ ही सेकंड में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया।
डेढ़ से दो साल का मासूम भी था मौजूद
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि वारदात के समय घटनास्थल पर लगभग डेढ़ से दो वर्ष का एक मासूम बच्चा भी मौजूद था। गोलीबारी के दौरान वह बेहद करीब था। हालांकि बच्चे को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन इस भयावह घटना ने वहां मौजूद सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आतंकियों ने जिस तरीके से पहले विश्वास हासिल किया और फिर हमला किया, उसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है।
हमले के बाद साथी आतंकी के साथ फरार हुआ हमलावर
सूत्रों के अनुसार, गोलीबारी के बाद हमलावर अपने एक अन्य साथी के साथ मौके से फरार हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। आसपास के जंगलों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि हमलावरों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
Read :4 साल पूरा बजट खर्च नहीं, 3 साल तय राशि से अधिक भुगतान, RTI से सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
सुरक्षा एजेंसियां इस Kulgam Terror Attack से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आतंकियों की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने जताया शोक, सहायता का ऐलान
इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने दोनों मृतक श्रमिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया। साथ ही दोनों मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है। राज्य सरकार ने अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस Kulgam Terror Attack ने एक बार फिर देश के विभिन्न राज्यों से कश्मीर में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोजगार की तलाश में हजारों मजदूर हर साल घाटी पहुंचते हैं और निर्माण कार्य, ईंट-भट्ठों तथा अन्य क्षेत्रों में काम करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
भरोसे पर हमला, इंसानियत हुई शर्मसार
कुलगाम में हुई यह घटना केवल एक आतंकी हमला नहीं, बल्कि भरोसे और मानवता पर किया गया हमला भी है। पहले बातचीत कर विश्वास जीतना और फिर पानी मांगने जैसे बहाने से निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाना आतंकवाद की क्रूर मानसिकता को दर्शाता है। Kulgam Terror Attack ने पूरे देश को झकझोर दिया है और यह याद दिलाया है कि आतंकवाद का कोई धर्म या मानवता नहीं होती। अब सभी की नजरें सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई पर हैं, ताकि इस कायराना हमले के दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे तक पहुंचाया जा सके।
Today Haryana News| The World News Insights | TV TODAY BHARAT NEWS | LATEST BOLLYWOOD NEWS |COMMONWEALTH GAME 2026 | SPORT NEWS | CRIME NEWS|UTTAR PRADESH |UTTARAKHAND UPDATE |CM YOGI BREAKING |EXPLAINER TV TODAY BHARAT|WEB STORY |NATIONAL NEWS TODAY | Business Bharat
