Maths teacher Abhinay Sir addressing students on Paper Leak and NTA reforms during Rahul Gandhi's Chhatron Ki Goonj programme in Dehradun.
Maths Teacher Abhinay Sir : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उस समय माहौल गंभीर हो गया, जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले लोकप्रिय शिक्षक Maths Teacher Abhinay Sir ने मंच से Paper Leak को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि देश में Paper Leak अब एक अलग “उद्योग” का रूप ले चुका है और यदि इसे समय रहते नहीं रोका गया, तो इसका असर आने वाली पूरी पीढ़ी पर पड़ेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच उन्होंने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि केवल बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि व्यवस्था में जवाबदेही और ठोस सुधार की जरूरत है।
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राहुल गांधी ने मंच पर बुलाया, छात्रों के बीच रखा अपना पक्ष
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने विभिन्न छात्रों और शिक्षकों को मंच पर बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। इसी क्रम में Maths Teacher Abhinay Sir को भी आमंत्रित किया गया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज सबसे बड़ी चुनौती केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि ऐसी परीक्षा प्रणाली में भरोसा बनाए रखना है, जहां बार-बार Paper Leak जैसे मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन जब परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो जाता है तो उनकी मेहनत और विश्वास दोनों को गहरा नुकसान पहुंचता है।
‘Paper Leak’ आने वाली पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित करेगा
अपने संबोधन में Abhinay Sharma ने कहा कि Paper Leak का असर केवल वर्तमान परीक्षार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव आने वाले वर्षों तक महसूस किया जाएगा। उनके अनुसार यदि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता कमजोर होती है तो योग्य और मेहनती छात्रों का मनोबल टूटेगा।
उन्होंने कहा कि सरकारों को इस विषय को राजनीतिक बहस से ऊपर उठाकर गंभीर प्रशासनिक और संस्थागत चुनौती के रूप में देखना चाहिए। परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
‘Paper Leak अब उद्योग बन चुका है’
कार्यक्रम के दौरान सबसे चर्चित बयान देते हुए Maths Teacher Abhinay Sir ने कहा कि यदि विपक्ष के नेता, शिक्षक और छात्र लगातार Paper Leak के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, तो यह समझना होगा कि समस्या कितनी गंभीर हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि यह केवल अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि अब Paper Leak एक संगठित व्यवस्था या “उद्योग” का रूप ले चुका है। उनका कहना था कि जिन संस्थाओं और अधिकारियों को परीक्षा की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें अपनी जवाबदेही निभानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो देश की भर्ती और शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कमजोर हो सकता है।
NTA की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
अपने संबोधन के दौरान Abhinay Sharma ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं को अपनी गलतियों की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई परिस्थितियों में छात्रों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है, जबकि संस्थागत स्तर पर जवाबदेही स्पष्ट दिखाई नहीं देती। उनके अनुसार परीक्षा प्रणाली में सुधार केवल नई घोषणाओं से नहीं बल्कि मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था, तकनीकी सुरक्षा और पारदर्शी जांच प्रक्रिया से संभव होगा।
‘योग्य छात्रों का भविष्य सबसे बड़ा मुद्दा’
कार्यक्रम में मौजूद छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके युवा होते हैं। यदि मेहनती छात्रों को निष्पक्ष अवसर नहीं मिलेगा, तो इसका सीधा असर देश की शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और तकनीकी विकास पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि Paper Leak जैसी घटनाएं केवल एक परीक्षा को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि उन लाखों छात्रों के आत्मविश्वास को भी नुकसान पहुंचाती हैं, जो वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
कोचिंग और परीक्षा प्रणाली पर भी रखी राय
अपने संबोधन के दौरान Maths Teacher Abhinay Sir ने कहा कि यदि देश में पूरी तरह निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली स्थापित हो जाए और Paper Leak की घटनाएं पूरी तरह बंद हो जाएं, तो उन्हें भी खुशी होगी क्योंकि छात्रों को केवल मेहनत के आधार पर सफलता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी छात्रों को सही दिशा देना है और इसलिए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर आवाज उठाना भी उतना ही जरूरी है।
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शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे विवादों के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग लगातार बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित निगरानी, परीक्षा केंद्रों की पारदर्शिता और समयबद्ध जांच जैसी व्यवस्थाएं मजबूत किए बिना Paper Leak जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना आसान नहीं होगा।
इसी कारण शिक्षा जगत से जुड़े कई विशेषज्ञ लगातार संस्थागत सुधार, जवाबदेही और तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
छात्रों ने भी निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग दोहराई
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मौजूद कई छात्रों ने भी निष्पक्ष भर्ती और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो सबसे अधिक नुकसान मेहनती अभ्यर्थियों को होता है।
कार्यक्रम के दौरान उठे मुद्दों ने एक बार फिर Paper Leak और परीक्षा सुधार को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया। अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इन सवालों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत करने के लिए किस प्रकार के संस्थागत सुधार किए जाते हैं।
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