Mathura MG Gloster case FIR against Sahil and another accused at Jait Police Station । PHOTO: TEAM TTB
मथुरा। पहले पहचान बढ़ाई, फिर भरोसा जीता और उसके बाद परिवार के साथ बाहर जाने की बात कहकर करीब 15 दिन के लिए MG Gloster कार मांगी। आरोप है कि कार मिलने के बाद साहिल ने उसे वापस नहीं किया और लगातार टालमटोल करता रहा। Mathura MG Gloster Case में मथुरा के जैंत थाने में साहिल और सत्यम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) के तहत FIR दर्ज की गई है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि UP 16 EU 0080 नंबर की MG Gloster आखिर कहां है और किसके कब्जे में है।
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पहले जान-पहचान, फिर मांगी 15 दिन के लिए गाड़ी
Mathura MG Gloster Case में दर्ज FIR शिकायत के मुताबिक, साहिल सिंह को उत्तराखंड के रुद्रपुर क्षेत्र से जुड़ा बताया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि साहिल से उसकी पहले से जान-पहचान थी। इसी परिचय और विश्वास के आधार पर साहिल ने परिवार के साथ बाहर जाने की बात कहकर MG Gloster कार करीब 15 दिनों के लिए मांगी।
शिकायत के अनुसार, भरोसा करते हुए वाहन साहिल को दे दिया गया। 24 अप्रैल 2026 को कार उसके पास पहुंचाई गई। शुरुआत में सब सामान्य लगा, लेकिन तय समय बीतने के बाद जब वाहन वापस मांगा गया तो मामला उलझना शुरू हो गया।
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‘अगले हफ्ते लौटा दूंगा’… फिर शुरू हुई टालमटोल
Mathura MG Gloster Case में शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार वापस मांगने पर साहिल ने पहले अगले सप्ताह वाहन लौटाने की बात कही। इसके बाद भी जब गाड़ी नहीं लौटी तो कई बार संपर्क किया गया। आरोप है कि हर बार कोई न कोई आश्वासन मिलता रहा, लेकिन MG Gloster वापस नहीं की गई।
यहीं से मामला सामान्य लेन-देन या भरोसे के विवाद से आगे बढ़ गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस से कार बरामद कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। FIR में दर्ज घटनाक्रम से यह भी साफ होता है कि मामला लंबे समय तक वाहन वापस न मिलने के बाद पुलिस तक पहुंचा।
FIR में दो नाम, साहिल पर मुख्य आरोप
पुलिस रिकॉर्ड में Mathura MG Gloster Case में दो नाम दर्ज हैं साहिल और सत्यम। शिकायत में मुख्य रूप से साहिल के साथ परिचय, उसे वाहन देने और बाद में कार वापस न मिलने का पूरा घटनाक्रम दर्ज है।
FIR में साहिल का संबंध उत्तराखंड से बताया गया है, जबकि दूसरे नामजद सत्यम के बारे में सीमित जानकारी दर्ज है। पुलिस अब दोनों की भूमिका की जांच कर रही है। वाहन का नंबर UP 16 EU 0080 और मॉडल MG Gloster दर्ज है।
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गाड़ी के दुरुपयोग की आशंका भी जताई
मामले का एक गंभीर पहलू यह है कि शिकायतकर्ता ने FIR में आशंका जताई है कि कहीं वाहन का इस्तेमाल किसी अनुचित काम में न हो जाए या उससे कोई अप्रिय घटना न घट जाए।
BNS की धारा 316(2) में मुकदमा (Mathura MG Gloster Case)
जैंत थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) लगाई गई है। पुलिस रिकॉर्ड में जांच अधिकारी के रूप में उपनिरीक्षक संदीप राणा का नाम दर्ज है।
अब पुलिस की जांच का केंद्र तीन अहम सवाल हैं गाड़ी कहां है, किसके कब्जे में है और तय समय के बाद वाहन वापस क्यों नहीं किया गया।
Embassy के नाम पर भरोसा जीतने की चर्चा, लेकिन पुष्टि बाकी
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ लोग कथित तौर पर Embassy या प्रभावशाली संपर्कों से जुड़े फोटो दिखाकर पहले लोगों का भरोसा जीतते हैं और बाद में पैसे या महंगी वस्तुएं हासिल करने की कोशिश करते हैं।
हालांकि उपलब्ध FIR में किसी देशव्यापी गैंग, Embassy के नाम पर ठगी करने वाले संगठित नेटवर्क या अन्य राज्यों में इसी तरह की वारदातों की पुष्टि नहीं है। इसलिए पुलिस जांच पूरी होने से पहले इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता।
यदि जांच में ऐसे अन्य मामले, शिकायतें या पीड़ित सामने आते हैं तो पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती होगी कि क्या यह महज एक वाहन विवाद है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार की बरामदगी
फिलहाल पूरे मामले की सबसे बड़ी कड़ी MG Gloster है। अगर कार बरामद होती है तो उसके कब्जे, लोकेशन और इस्तेमाल को लेकर कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि वाहन एक ही जगह रखा गया है या उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया गया। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि दूसरे नामजद आरोपी की भूमिका क्या रही।
मामले में आरोपी पक्ष का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। साहिल और सत्यम पर लगे आरोप फिलहाल FIR में दर्ज आरोप हैं और अदालत में दोष सिद्ध होना बाकी है।
लेकिन इतना जरूर है कि इस मामले ने भरोसे के नाम पर कीमती वाहन देने से जुड़े जोखिम पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। 15 दिन के लिए दी गई MG Gloster महीनों बाद भी वापस नहीं लौटी अब मथुरा पुलिस को सिर्फ आरोपों की तह तक ही नहीं जाना है, बल्कि सबसे पहले यह पता लगाना है कि UP 16 EU 0080 आखिर है कहां।
समाप्त Mathura MG Gloster Case
