PM Modi Birthday 2026 and Ashirwad Ka Diya celebration in Delhi.(PC- PTI)
NGT International Conference 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित NGT International Conference 2026 का उद्घाटन किया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की ओर से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का विषय ‘The Future of Environment and Climate Dynamics’ रखा गया है। सम्मेलन 19 और 20 सितंबर को हो रहा है और इसमें पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, कानून और न्याय से जुड़े विशेषज्ञ भारत समेत कई देशों से हिस्सा ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और NGT के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। सम्मेलन का उद्देश्य अलग-अलग देशों और संस्थानों के अनुभवों को साझा करना तथा पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर चर्चा करना है।
पीएम मोदी ने कहा- भारत की परंपरा में प्रकृति का विशेष स्थान
NGT International Conference 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सभ्यता में प्रकृति और पर्यावरण के साथ संतुलन को लंबे समय से महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी सोच और अनुभव के आधार पर भारत आधुनिक जलवायु चुनौतियों के समाधान में अपनी भूमिका निभा रहा है।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटना किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसके लिए वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने और अलग-अलग देशों के अनुभवों से सीखने की जरूरत है। उन्होंने सम्मेलन को पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय संवाद को आगे बढ़ाने वाला मंच बताया।
कार्बन उत्सर्जन पर पीएम मोदी ने रखी भारत की बात
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विकासशील देशों पर कार्बन उत्सर्जन की जिम्मेदारी को लेकर होने वाली चर्चाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने भारत के प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन का हवाला देते हुए कहा कि देश का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन वैश्विक औसत की तुलना में काफी कम है।
प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े भारत के प्रयासों का जिक्र करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा और कम कार्बन वाली विकास व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास को साथ लेकर चलने की जरूरत है।
सोलर अलायंस से मिशन LiFE तक कई पहलों का जिक्र
NGT International Conference 2026 में प्रधानमंत्री ने पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी भारत की कई अंतरराष्ट्रीय पहलों का उल्लेख किया। इनमें International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure (CDRI), Global Biofuel Alliance, International Big Cat Alliance और Mission LiFE जैसी पहल शामिल हैं।
पीएम मोदी ने ‘One Sun, One World, One Grid’ की अवधारणा का भी जिक्र किया। इन पहलों के जरिए भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा, आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे, जैव ईंधन और टिकाऊ जीवनशैली जैसे मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की कोशिश की है।
पेरिस समझौते के लक्ष्यों का भी जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा और गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उत्सर्जन की तीव्रता कम करने की दिशा में भी काम किया है। उन्होंने पेरिस समझौते के तहत तय किए गए भारत के जलवायु लक्ष्यों को लेकर देश की प्रगति का उल्लेख किया।
हालांकि, जलवायु लक्ष्यों की उपलब्धियों को लेकर आंकड़ों और उनके आकलन का आधार महत्वपूर्ण होता है। इसलिए सम्मेलन में पर्यावरण नीति, वैज्ञानिक जानकारी और कानूनी व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल पर भी चर्चा हो रही है।
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17 देशों के न्यायिक प्रतिनिधि होंगे शामिल
NGT International Conference 2026 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में इसकी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी है। NGT के अनुसार सम्मेलन में 17 देशों के प्रतिष्ठित न्यायाधीश और न्यायिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा भारत के सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश, जिला अदालतों के न्यायाधीश, पर्यावरण विशेषज्ञ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और विभिन्न पर्यावरण संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
सम्मेलन का फोकस केवल पर्यावरण नीति तक सीमित नहीं है। इसमें पर्यावरण कानून, जलवायु न्याय, शासन व्यवस्था और विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में हैं।
चार तकनीकी सत्रों में पर्यावरण की बड़ी चुनौतियों पर चर्चा
दो दिवसीय NGT International Conference 2026 में चार प्रमुख तकनीकी सत्र रखे गए हैं। इनमें जलवायु न्याय और समानता, पर्यावरण कानून एवं शासन, वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियां और सहयोग तथा भविष्य के लिए वन संरक्षण जैसे विषय शामिल हैं।
NGT के मुताबिक, इन सत्रों का उद्देश्य पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के लिए व्यावहारिक सुझाव तैयार करना तथा अलग-अलग न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाना है।
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20 सितंबर को राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी समापन सत्र में शिरकत
सम्मेलन का समापन रविवार, 20 सितंबर को होगा। NGT की आधिकारिक जानकारी के अनुसार समापन सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी। उनके साथ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, NGT चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता भी मौजूद रहेंगे।
इस तरह NGT International Conference 2026 पर्यावरण और जलवायु से जुड़े मुद्दों पर न्यायिक, वैज्ञानिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण को एक मंच पर लाने का प्रयास है। सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं से पर्यावरण कानून, नीति निर्माण और उसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आगे की दिशा तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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