Nitish Kumar: Nitish Kumar addressing Bihar Assembly during February 2026 budget session । IMAGE: PTI
Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में विकास, कानून व्यवस्था और रोजगार हमेशा से बड़े मुद्दे रहे हैं। 5 फरवरी 2026 को बिहार विधानसभा के बजट सत्र में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला था। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान उन्होंने वर्ष 2005 से पहले के बिहार की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले लोग शाम होते ही घरों से निकलने में डरते थे। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और बिहार में रोजगार के क्षेत्र में अपनी सरकार के काम गिनाए। उनके इस भाषण के दौरान बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी हुई।
2005 से पहले कैसा था बिहार?
Nitish Kumar ने अपने भाषण में दावा किया कि 2005 से पहले बिहार में कानून व्यवस्था की हालत खराब थी। शाम पांच बजे के बाद लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। उन्होंने कहा कि उस समय सांप्रदायिक तनाव और अपराध की घटनाएं बड़ी समस्या थीं। उनकी सरकार बनने के बाद हालात में सुधार हुआ। बिहार विधानसभा में उन्होंने विपक्ष से पूछा कि सत्ता में रहते हुए उसने राज्य के विकास के लिए क्या किया था। बिहार में रोजगार और सुरक्षा को उन्होंने विकास की जरूरी शर्त बताया।
शिक्षा में बदलाव का दावा
Nitish Kumar ने शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने लड़कियों की पढ़ाई को बढ़ावा दिया। छात्राओं के लिए पोशाक योजना जैसी सुविधाएं शुरू की गईं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 से 2 लाख 58 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की गई। बिहार विधानसभा में उन्होंने कहा कि शिक्षक नियुक्तियों से सरकारी स्कूलों को मजबूती मिली है। बिहार में रोजगार बढ़ाने में शिक्षा विभाग की नियुक्तियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
73 हजार शिक्षकों को मौका
Nitish Kumar ने नियोजित शिक्षकों को सरकारी शिक्षक बनने का एक और अवसर देने की बात कही थी। उनके अनुसार करीब 2 लाख 66 हजार शिक्षक पहले ही निर्धारित प्रक्रिया में सफल हो चुके थे। लगभग 73 हजार शिक्षकों के लिए एक और अवसर देने की योजना थी। बिहार विधानसभा में इस घोषणा को शिक्षक हितों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। बिहार में रोजगार और नौकरी की स्थिरता के लिए यह महत्वपूर्ण विषय रहा है।
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लालू परिवार पर तीखा हमला
Nitish Kumar ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय अस्पतालों और अन्य सरकारी सुविधाओं की हालत खराब थी। राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री बनने का जिक्र करते हुए उन्होंने परिवारवाद पर सवाल उठाए। बिहार विधानसभा में उन्होंने विपक्ष के नेताओं को अपने पुराने कार्यकाल का हिसाब देने की चुनौती दी। बिहार में रोजगार सहित अन्य विकास कार्यों पर सरकार और विपक्ष के दावों को लेकर बहस जारी रही।
तेजस्वी पर निशाना
Nitish Kumar ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि साथ काम करने का अवसर मिलने के बाद भी कुछ नेताओं ने गलत राजनीतिक गतिविधियां कीं। सदन में टोका-टोकी के दौरान उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा कि वे उनके पिता की पीढ़ी के साथ काम कर चुके हैं। बिहार विधानसभा में इस टिप्पणी से राजनीतिक माहौल गरमा गया। बिहार में रोजगार और विकास की चर्चा के बीच व्यक्तिगत आरोप भी बहस का हिस्सा बने।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
Nitish Kumar ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दावा किया कि बिहार के सरकारी अस्पतालों की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। उन्होंने पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल को 5,000 बेड तक विकसित करने की योजना का जिक्र किया। इसके अलावा 12 संचालित मेडिकल कॉलेजों और 27 जिलों में नए मेडिकल कॉलेजों की योजनाओं का उल्लेख किया। बिहार विधानसभा में उन्होंने मुफ्त दवाओं और मरीजों की बढ़ती संख्या को उपलब्धि बताया। बिहार में रोजगार के नए अवसर स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार से भी जुड़ सकते हैं।
एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य
Nitish Kumar ने युवाओं के लिए बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में 10 लाख सरकारी नौकरियां और 40 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया। बिहार विधानसभा में उन्होंने राज्य की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने की योजना भी बताई। बिहार में रोजगार बढ़ाने के लिए सरकारी नियुक्तियों के साथ निजी क्षेत्र में अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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विकास पर सियासी बहस
Nitish Kumar के इस भाषण ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर विकास बनाम पुराने शासन की बहस को सामने रखा। उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की। बिहार विधानसभा में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर किए गए दावे आने वाले समय में भी राजनीतिक समीक्षा का आधार रहेंगे। बिहार में रोजगार बढ़ाने के घोषित लक्ष्यों को वास्तव में कितना हासिल किया गया, यह सरकारी आंकड़ों और योजनाओं की प्रगति से तय होगा।
अपडेट नोट: यह रिपोर्ट 5 फरवरी 2026 के विधानसभा भाषण पर आधारित है। अक्टूबर 2026 में इसे ऐतिहासिक और Evergreen संदर्भ के साथ प्रस्तुत किया गया है। बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री हैं, इसलिए नीतीश कुमार को इस पुरानी घटना के संदर्भ में तत्कालीन मुख्यमंत्री बताया गया है।
