VB-G RAM G Scheme: Punjab government implementing VB-G RAM G Scheme from July 1, providing 125 days of guaranteed employment to rural families under the new rural livelihood mission.
VB-G RAM G Scheme: पंजाब सरकार ने आखिरकार VB-G RAM G Scheme को राज्य में लागू करने का फैसला कर लिया है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे पंजाब में प्रभावी हो जाएगी। दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले तक आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार इस कानून का खुलकर विरोध कर रही थी और विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव भी पारित किया गया था। अब उसी योजना को लागू करने का निर्णय राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
नई VB-G RAM G Scheme के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। यह व्यवस्था पहले लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) की जगह लाई गई है, जिसमें सालाना 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान था।
क्या है VB-G RAM G Scheme?
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई VB-G RAM G Scheme का पूरा नाम Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission है। यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे के निर्माण और आजीविका के स्थायी अवसर पैदा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, जल संरक्षण, तालाबों का पुनर्जीवन, पुल-पुलियों का निर्माण, स्कूलों और आंगनबाड़ी भवनों के विकास जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्र सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण रोजगार के साथ-साथ स्थानीय विकास को भी नई गति मिलेगी।
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पहले विरोध, अब लागू करने का फैसला
पंजाब सरकार का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्य ने पहले इस कानून का विरोध किया था। विधानसभा में पारित प्रस्ताव में सरकार ने तर्क दिया था कि VB-G RAM G Scheme से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों, अनुसूचित जाति समुदायों और ग्रामीण मजदूरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सरकार का कहना था कि लाखों ग्रामीण परिवार वर्षों से MGNREGA पर निर्भर हैं और नई व्यवस्था में उनके अधिकारों को लेकर कई आशंकाएं बनी हुई हैं। इसी कारण पंजाब समेत कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और झारखंड जैसे राज्यों ने भी इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए थे। हालांकि अब केंद्र सरकार की अधिसूचना और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंजाब सरकार ने योजना लागू करने का निर्णय लिया है।
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MGNREGA से कैसे अलग है नई योजना?
साल 2005 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने MGNREGA की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती थी। ग्रामीण भारत में यह कार्यक्रम सामाजिक सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था माना जाता था।
नई VB-G RAM G Scheme में रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाकर 125 कर दी गई है। इसके अलावा सरकार का दावा है कि इस योजना में तकनीक आधारित निगरानी, पारदर्शिता और विकास कार्यों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। हालांकि इसके परिणामों का सही आकलन आने वाले वर्षों में ही संभव होगा।
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केंद्र सरकार का दावा: बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने VB-G RAM G Scheme को ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ी पहल बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों के भविष्य से जुड़ा कार्यक्रम है।
उनके अनुसार इस योजना के माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इससे गांवों में रोजगार के स्थायी अवसर पैदा होंगे और स्थानीय स्तर पर विकास परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि योजना लागू होने के दौरान किसी भी मजदूर को रोजगार मिलने में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। मजदूरी भुगतान और रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू रहनी चाहिए।
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योजना के लिए बड़ा बजट आवंटन
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए VB-G RAM G Scheme के तहत 95,600 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया है। इसके अलावा MGNREGA के तहत पहले से जारी 30,000 करोड़ रुपये को जोड़कर कुल फंडिंग 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।
सरकार का कहना है कि यह राशि ग्रामीण रोजगार, बुनियादी ढांचा निर्माण और आजीविका से जुड़े विभिन्न कार्यों पर खर्च की जाएगी। बड़े बजट आवंटन को देखते हुए यह योजना आने वाले वर्षों में ग्रामीण विकास की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।
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ग्रामीण परिवारों की उम्मीदें बढ़ीं
पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में योजना को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग 125 दिनों के रोजगार प्रावधान को सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों को इसके क्रियान्वयन और भुगतान व्यवस्था को लेकर सवाल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि VB-G RAM G Scheme पारदर्शी तरीके से लागू की जाती है तो यह ग्रामीण बेरोजगारी कम करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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आगे क्या?
1 जुलाई से पंजाब में VB-G RAM G Scheme लागू होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती इसके प्रभावी संचालन की होगी। राज्य और केंद्र सरकार दोनों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचता है।
राजनीतिक विरोध और समर्थन के बीच शुरू होने जा रही यह योजना आने वाले समय में ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकती है। फिलहाल पंजाब में इसके लागू होने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक नई बहस को जन्म दे दिया है।
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