Shaktikanta Das: मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल? शक्तिकांत दास के नाम की चर्चा क्यों तेज हुई
Shaktikanta Das : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में कई नाम सामने आ रहे हैं। इन्हीं में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व RBI गवर्नर और वर्तमान में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव-2 शक्तिकांत दास की हो रही है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है कि उन्हें वित्त मंत्री बनाया जाएगा। फिलहाल यह राजनीतिक और मीडिया चर्चाओं का विषय है।
लेकिन सवाल यह है कि आखिर शक्तिकांत दास का नाम इतनी मजबूती से क्यों लिया जा रहा है? क्या उनका अनुभव उन्हें इस पद का मजबूत दावेदार बनाता है? और क्या यह सच है कि उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए RBI गवर्नर का पद छोड़ा था?
आइए पूरी कहानी आसान भाषा में समझते हैं।
सबसे पहले जानिए कौन हैं शक्तिकांत दास?
Shaktikanta Das 1980 बैच के तमिलनाडु कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं। उनका जन्म 26 फरवरी 1957 को ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक और परास्नातक किया तथा बाद में लोक प्रशासन की पढ़ाई भी की।
करीब चार दशक के प्रशासनिक करियर में उन्होंने आर्थिक मामलों, राजस्व, निवेश, टैक्स और वित्तीय नीतियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पद संभाले। वे भारत सरकार में राजस्व सचिव और आर्थिक मामलों के सचिव भी रहे।
नोटबंदी और GST के समय निभाई अहम भूमिका
2016 की नोटबंदी और GST लागू करने की प्रक्रिया के दौरान Shaktikanta Das वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव थे। उस समय सरकार की ओर से मीडिया ब्रीफिंग में भी वे लगातार सामने आते थे। इसके बाद 2018 में उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक का 25वां गवर्नर नियुक्त किया गया।
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RBI गवर्नर के रूप में कैसा रहा कार्यकाल?
दिसंबर 2018 से दिसंबर 2024 तक Shaktikanta Das RBI गवर्नर के रूप में काम किया।
इसी दौरान देश ने कई बड़ी आर्थिक चुनौतियां देखीं—
- कोविड-19 महामारी
- वैश्विक महंगाई
- रूस-यूक्रेन युद्ध का आर्थिक असर
- बैंकिंग सेक्टर में सुधार
- डिजिटल पेमेंट्स का तेज विस्तार
उनके कार्यकाल में RBI ने कई बार रेपो रेट, बैंकिंग नियम और डिजिटल भुगतान से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें केंद्रीय बैंकिंग के क्षेत्र में कई सम्मान मिले और Global Finance ने लगातार दो वर्षों तक उन्हें A+ रेटिंग दी।
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क्या उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाकर पद छोड़ा था?
सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक चर्चाओं में यह दावा किया जाता है कि Shaktikanta Das ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए RBI गवर्नर का पद छोड़ा था।
लेकिन उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड में इस दावे की पुष्टि नहीं होती।
असलियत यह है कि उनका कार्यकाल दिसंबर 2024 में पूरा हुआ। इसके बाद सरकार ने संजय मल्होत्रा को नया RBI गवर्नर नियुक्त किया। इसके कुछ महीनों बाद फरवरी 2025 में केंद्र सरकार ने Shaktikanta Das को प्रधानमंत्री का प्रधान सचिव-2 नियुक्त कर दिया।
यदि उन्होंने सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाकर इस्तीफा दिया होता, तो उसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना असामान्य माना जाता। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता।
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फिर उनका नाम वित्त मंत्री के लिए क्यों लिया जा रहा है?
इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। पहला कारण उनका लंबा आर्थिक अनुभव है। वे वित्त मंत्रालय में कई वर्षों तक काम कर चुके हैं। आठ केंद्रीय बजट तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े रहे। टैक्स नीति, निवेश, विदेशी निवेश, बैंकिंग और आर्थिक सुधारों की उन्हें गहरी समझ है। दूसरा कारण यह माना जाता है कि वे सरकार और RBI के बीच बेहतर समन्वय बनाने वाले अधिकारी रहे हैं। तीसरा कारण यह है कि कोविड जैसी कठिन परिस्थितियों में उन्होंने संतुलित आर्थिक निर्णय लेने की छवि बनाई।
क्या बिना सांसद बने कोई वित्त मंत्री बन सकता है?
हां।
भारतीय संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति मंत्री बन सकता है, लेकिन यदि वह संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है तो उसे छह महीने के भीतर लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य बनना होता है। इसलिए यदि भविष्य में कभी Shaktikanta Das को मंत्री बनाया जाता है तो उन्हें भी छह महीने के भीतर संसद का सदस्य बनना होगा।
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क्या पहले भी RBI गवर्नर वित्त मंत्री बने हैं?
हां।
भारत के इतिहास में ऐसे उदाहरण मौजूद हैं।
- सी. डी. देशमुख पहले भारतीय RBI गवर्नर थे और बाद में वित्त मंत्री बने।
- डॉ. मनमोहन सिंह भी RBI गवर्नर रहने के बाद वित्त मंत्री बने और बाद में प्रधानमंत्री भी बने।
यदि भविष्य में Shaktikanta Das वित्त मंत्री बनते हैं तो वे इस सूची में शामिल होने वाले तीसरे पूर्व RBI गवर्नर होंगे।
वर्तमान में उनकी भूमिका क्या है?
फरवरी 2025 में केंद्र सरकार ने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रधान सचिव-2 नियुक्त किया। यह प्रधानमंत्री कार्यालय का अत्यंत प्रभावशाली पद माना जाता है, जहां से विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय और नीतिगत सलाह का महत्वपूर्ण काम होता है।
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क्या वास्तव में वित्त मंत्री बनेंगे?
इस समय इसका कोई आधिकारिक उत्तर नहीं है। मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर कई नाम चर्चा में रहते हैं। Shaktikanta Das का नाम भी उन्हीं चर्चाओं का हिस्सा है। जब तक प्रधानमंत्री कार्यालय या केंद्र सरकार आधिकारिक घोषणा नहीं करती, तब तक इसे केवल राजनीतिक अटकल या मीडिया रिपोर्ट के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Shaktikanta Das का प्रशासनिक और आर्थिक अनुभव निश्चित रूप से उन्हें देश के सबसे अनुभवी आर्थिक नीति-निर्माताओं में शामिल करता है। वित्त मंत्रालय, RBI और अब प्रधानमंत्री कार्यालय तीनों जगह उनका अनुभव उन्हें एक मजबूत प्रशासक की पहचान देता है।
हालांकि, यह दावा कि उन्होंने ‘बीजेपी पर आरोप लगाते हुए RBI गवर्नर का पद छोड़ा’ उपलब्ध सार्वजनिक तथ्यों से मेल नहीं खाता। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया और उसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय में नई जिम्मेदारी दी गई। वहीं, उनके वित्त मंत्री बनने की चर्चाएं फिलहाल केवल अटकलें हैं, अंतिम फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
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