SIR Hearing in Supreme Court: CJI's Remarks on Rahul Gandhi, Notices to Election Commission and Centre (pic- Supreme Court Observer)
Supreme Court SIR hearing: सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों पर सुनवाई के दौरान कई अहम मुद्दे उठे। अदालत ने चार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस और चुनाव आयोग समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए। सुनवाई में अदालत की गरिमा, महिला पत्रकारों की सुरक्षा और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया जैसे मुद्दे सामने आए।
SIR को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के नेताओं की याचिका सहित कई मामलों पर सुनवाई हुई। आइए जानते हैं कि अदालत में क्या-क्या हुआ और किन मुद्दों पर (Supreme Court SIR hearing) जवाब मांगा गया।
राहुल गांधी को लेकर सुनवाई में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने कोर्ट परिसर में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे वकील आहत हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को पत्र भी लिखा गया है। उनका आरोप था कि अदालत को धमकाने की कोशिश की गई। इस पर CJI सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘कोर्ट को कोई धमका (Supreme Court SIR hearing) नहीं सकता है।’
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोग बाहर कुछ भी बोलते हैं, लेकिन अदालत में आने पर उनकी भाषा बदल जाती है। यह मामला राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और इंडिया ब्लॉक के नेताओं की उस याचिका (Supreme Court SIR hearing) की सुनवाई के दौरान चर्चा में आया, जिसमें चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए गए थे।
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महिला पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा
सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने महिला पत्रकारों से जुड़ी पुलिस कार्रवाई का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए और इस उद्देश्य से एक कमिटी गठित की जानी चाहिए। (Indira Jaising) उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला के साथ पुलिस ने (Supreme Court SIR hearing) उत्पीड़न किया।
जब उसने शिकायत की, तो उसके खिलाफ ही एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिया गया। बताया गया कि एसीपी विवेक भगत ने एफआईआर दर्ज करवाई है। (ACP Vivek Bhagat) इंदिरा जयसिंह ने यह भी कहा कि पुलिस अपने ही मामले की जांच खुद नहीं कर सकती। इसलिए जांच के लिए एक स्वतंत्र कमिटी (Independent Committee) बनाई जानी चाहिए।
सरकार ने कहा- पत्रकारों को गिरफ्तार नहीं करेंगे
महिला पत्रकारों से जुड़े मामले पर सॉलिसिटर जनरल ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से सुझाए गए नामों से सरकार सहमत नहीं है। (Solicitor General) उन्होंने अदालत को बताया कि संबंधित महिला पत्रकारों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, लेकिन उन्हें जांच में सहयोग करना होगा। सरकार ने कहा कि पहले उसका जवाब देखा जाए और उसके बाद कमिटी गठित करने पर अदालत फैसला (Supreme Court SIR hearing) ले सकती है।
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SIR पर चुनाव आयोग से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं की SIR से संबंधित याचिका पर चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किया। याचिका में SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने के तरीके को चुनौती दी गई है। (Election Commission) इस मामले में अब संबंधित पक्षों को अदालत के सामने अपना जवाब देना होगा। विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल (Supreme Court SIR hearing) उठाए जा रहे हैं।
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ओवैसी की याचिका पर भी नोटिस
सुनवाई के दौरान असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) जैसे नेताओं की ओर से चुनाव आयोग से संबंधित विभिन्न याचिकाओं का मामला भी सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं पर केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को (Supreme Court SIR hearing) नोटिस जारी किए हैं।







