Uttarakhand Weather Alert as heavy rain increases landslide and waterlogging risk
Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है, जबकि पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम अलग-अलग तरह की चुनौतियां पैदा कर रहा है। देहरादून मौसम केंद्र ने राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कई जिलों के लिए Yellow Alert जारी किया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।
Uttarakhand Weather Alert: इन जिलों में विशेष सतर्कता
Uttarakhand Weather Alert के तहत देहरादून, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। इन इलाकों में भारी बारिश के दौरान सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
Read: मृतक श्रमिकों के परिवारों को मिलेंगे ₹45 लाख, घायलों को ₹3.50 लाख की मदद
पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश होने पर कमजोर पहाड़ियों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। वहीं सड़क पर मलबा और पत्थर आने से यातायात बाधित होने की आशंका भी बनी रहती है। प्रशासन की ओर से लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की जा रही है।
देहरादून में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी देहरादून में आज आसमान आंशिक रूप से लेकर सामान्य रूप से बादलों से ढका रह सकता है। मौसम विभाग ने हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और चमक की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में बारिश का दौर अपेक्षाकृत तेज भी हो सकता है।
देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश के कारण तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है, हालांकि उमस की स्थिति बनी रह सकती है।
READ: 117 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, आखिरी 2 शव भी बरामद, 10 मजदूरों की मौत
पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा बढ़ा
Uttarakhand Weather Alert के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में सबसे बड़ी चिंता भूस्खलन को लेकर है। लगातार बारिश से पहाड़ी ढलानों की मिट्टी कमजोर हो जाती है। ऐसे में बारिश के दौरान या उसके बाद अचानक मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
खासकर उन मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है, जहां पहले भी भूस्खलन की घटनाएं होती रही हैं। बारिश के दौरान वाहन चालकों को तेज गति से बचना चाहिए और सड़क पर मलबा दिखाई देने पर आगे बढ़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहतर है।
नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से खतरा
प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के कारण नदी और नाले उफान पर हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में थोड़े समय में अधिक बारिश होने से जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में नदियों, गदेरों और बरसाती नालों के आसपास जाने से बचना जरूरी है।
READ: अमरनाथ ड्यूटी से लौटते वक्त ट्रेन हादसे में मौत, तिरंगे में लिपटे जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई
प्रशासन की ओर से भी लोगों को नदी किनारे पिकनिक या अन्य गतिविधियों से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर बच्चों और पर्यटकों को ऐसे स्थानों से दूर रखना जरूरी है, जहां अचानक पानी बढ़ने की आशंका रहती है।
मैदानी इलाकों में जलभराव की परेशानी
भारी बारिश का असर सिर्फ पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। मैदानी जिलों में भी तेज बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात की रफ्तार प्रभावित होती है और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है। ऐसे में लोगों को जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचना चाहिए।
आकाशीय बिजली को लेकर भी सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना भी जताई है। इसलिए बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, ऊंचे स्थान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।
ALSO READ: BOLLYWOOD NEWS |COMMONWEALTH GAME 2026 | SPORT NEWS | CRIME NEWS
किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम खराब होने पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना सबसे बेहतर विकल्प है।
प्रशासन और आपदा तंत्र अलर्ट
भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को सतर्क रखा गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क मार्गों की स्थिति पर नजर रखना और किसी भी आपात स्थिति में जल्द राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बारिश के दौरान सड़क बंद होने या भूस्खलन की स्थिति में यात्रियों को स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए। मौसम खराब होने पर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा की योजना बनाने से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेना भी जरूरी है।
लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
Uttarakhand Weather Alert को देखते हुए लोगों को विशेष रूप से पर्वतीय इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा टालने की सलाह दी जा रही है। यदि यात्रा जरूरी हो तो मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलें।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ों से मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा अचानक बढ़ सकता है। वहीं नदी-नालों का पानी भी तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बड़े हादसे को टालने में मदद कर सकती है।
फिलहाल उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहेगा।
UTTAR PRADESH |UTTARAKHAND UPDATE |CM YOGI BREAKING |EXPLAINER TV TODAY BHARAT|WEB STORY |NATIONAL NEWS TODAY | Business Bharat
