Yamuna Expressway Bus Fire after double-decker sleeper bus caught fire in Greater Noida
Yamuna Expressway Bus Fire: ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक चलती डबल डेकर स्लीपर AC बस में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। हादसा इतना भयावह था कि यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बस में करीब 35 यात्री सवार थे। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई। इनमें आठ पुरुष और एक महिला शामिल हैं। कई यात्री घायल भी हुए हैं।
हादसे के बाद बचकर निकली एक लड़की ने घटना की भयावहता बताई है। उसका कहना है कि आग लगने के बाद उसे सामान तो दूर, जूते पहनने का भी समय नहीं मिला। वह सिर्फ अपना मोबाइल लेकर बस से बाहर निकल पाई। एक अन्य व्यक्ति ने उसे बाहर खींचकर बचाया।
सो रही थी लड़की, दरवाजा बजने पर खुली आंख
बस में सवार रिंकी राजपूत ने बताया कि वह नोएडा से अपने घर जा रही थी। हादसे के समय वह बस में सो रही थी। अचानक किसी ने दरवाजा बजाया। इसके बाद उसकी आंख खुली। आंख खुलते ही उसे बस में भीड़ और अफरा-तफरी दिखाई दी। चारों तरफ धुआं फैल चुका था। लोग बाहर निकलने के लिए एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे।
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रिंकी के मुताबिक, उसने अपना कोई सामान नहीं उठाया। यहां तक कि उसे जूते पहनने का भी मौका नहीं मिला। वह सिर्फ फोन लेकर बाहर निकल गई। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उसे खींचकर बस से बाहर निकाला। उसने बताया कि आग ड्राइवर की सीट के आसपास लगी थी। उसके पीछे काफी यात्री मौजूद थे। उसे आशंका है कि इनमें से कई लोग बाहर नहीं निकल पाए।
दिल्ली से महोबा जा रही थी डबल डेकर बस
Yamuna Expressway Bus Fire की यह घटना दयानतपुर गांव के पास हुई। बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से रवाना हुई थी। इसका रास्ता नोएडा होते हुए महोबा तक था। रिपोर्टों के मुताबिक बस एक निजी ट्रैवल कंपनी की थी। इसका रजिस्ट्रेशन बिहार का बताया जा रहा है। बस में करीब 35 यात्री मौजूद थे।
दयानतपुर के पास पहुंचते ही बस से अचानक धुआं उठने लगा। कुछ ही समय में धुआं आग की लपटों में बदल गया। आग तेजी से फैलने लगी। बस में सवार लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई।
बताया गया है कि चालक ने बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया। इसके बाद यात्रियों ने बाहर निकलने की कोशिश शुरू की। कुछ लोग खिड़कियां तोड़कर बाहर निकले। कुछ यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई।
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आग इतनी तेज थी कि संभलने का मौका नहीं मिला
Yamuna Expressway Bus Fire में सबसे बड़ी चुनौती तेजी से फैलती आग और धुआं था। बस के अंदर कुछ ही समय में धुआं भर गया। इससे यात्रियों को सांस लेने और बाहर निकलने में परेशानी हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग के दौरान बस से तेज आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। घटनास्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। जिन यात्रियों को बाहर निकलने का मौका मिला, उन्होंने आसपास मौजूद लोगों और सुरक्षा कर्मियों की मदद ली। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
चार फायर टेंडर और पानी के टैंकर पहुंचे
आग की सूचना मिलते ही यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम सक्रिय हो गई। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए कई फायर टेंडर और पानी के टैंकर लगाए गए। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद बस को ठंडा किया गया।
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बचाव दल ने बस के अंदर जाकर यात्रियों की तलाश की। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया। मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
हादसे के बाद करीब 20 मिनट रोका गया ट्रैफिक
Yamuna Expressway Bus Fire के बाद सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए यातायात रोकना पड़ा। जेवर टोल और फलेदा कट के आसपास करीब 20 मिनट तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
आग बुझने और राहत कार्य शुरू होने के बाद यातायात सामान्य कर दिया गया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। घटना के कारण कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई। बाद में स्थिति सामान्य होने लगी।
पुलिस खंगाल रही बस के दस्तावेज
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस बस से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की जांच कर रही है।इसमें परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा और चालक का लाइसेंस शामिल है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बस का वास्तविक मालिक कौन है और उसे किस कंपनी या ऑपरेटर की ओर से चलाया जा रहा था। बस का रजिस्ट्रेशन बिहार का बताया गया है। ऐसे में उसके स्वामित्व और संचालन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
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आग कैसे लगी, इसका जवाब अभी बाकी
Yamuna Expressway Bus Fire में सबसे अहम सवाल आग लगने की वजह को लेकर है। शुरुआती रिपोर्टों में शॉर्ट सर्किट की आशंका का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इसे अंतिम कारण नहीं माना जा सकता।
पुलिस तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आग की वास्तविक वजह पता लगाने में जुटी है। बस की स्थिति, वायरिंग और अन्य तकनीकी हिस्सों की भी जांच की जा सकती है। फिलहाल पुलिस का ध्यान हादसे के कारणों के साथ यह पता लगाने पर भी है कि बस में सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था।
एक लड़की की कहानी ने दिखाया हादसे का खौफ
इस हादसे से बची रिंकी की कहानी बताती है कि आग कितनी तेजी से फैली। सोते हुए यात्री को कुछ ही क्षण में अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। न सामान बचाने का समय मिला और न जूते पहनने का। सिर्फ मोबाइल लेकर वह बाहर निकल पाई। उसके पीछे मौजूद कई यात्रियों का क्या हुआ, यह सवाल हादसे की गंभीरता को और बढ़ाता है।
Yamuna Expressway Bus Fire के बाद अब पुलिस की जांच से यह साफ होगा कि आग की शुरुआत कैसे हुई और बस में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं। फिलहाल हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों तक सूचना पहुंचाने और घायलों के उपचार पर प्रशासन का ध्यान है।
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