Lalu Yadav Security Z category restored for Lalu Prasad Yadav and Rabri Devi । IMAGE : new indian express
Lalu Yadav Security: बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। राज्य सरकार ने 4 जुलाई 2026 को दोनों नेताओं को Z श्रेणी की सुरक्षा देने का आदेश जारी किया था। इसके साथ बुलेटप्रूफ गाड़ी और विशेष सुरक्षा टीम की सुविधा भी शामिल की गई। हालांकि लालू यादव की सुरक्षा से जुड़ा विवाद कम होने के बावजूद राबड़ी देवी का सरकारी बंगला राजनीतिक बहस का विषय बना रहा।
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एक महीने बाद बदला फैसला
Lalu Yadav Security मामले की शुरुआत 4 जून 2026 को हुई थी, जब बिहार सरकार ने दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों की Z Plus सुरक्षा हटा दी थी। सरकार ने इसे सुरक्षा समीक्षा के आधार पर लिया गया फैसला बताया था। इसके बाद लालू यादव की सुरक्षा को लेकर आरजेडी नेताओं ने सवाल उठाए। इसी दौरान राबड़ी देवी का सरकारी बंगला खाली कराने का मामला भी राजनीतिक विवाद की वजह बन गया।
सुरक्षा लौटाने से बढ़ा विवाद
Lalu Yadav Security में कटौती के बाद लालू परिवार ने नाराजगी जताते हुए बदली हुई सुरक्षा व्यवस्था स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। राबड़ी देवी ने अपने आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया। तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा लौटा दी थी। लालू यादव की सुरक्षा में बदलाव को आरजेडी ने राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया। वहीं राबड़ी देवी का सरकारी बंगला भी इस पूरे विवाद में चर्चा का केंद्र बना रहा।
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Z श्रेणी की सुरक्षा बहाल
Lalu Yadav Security पर 4 जुलाई को नया फैसला सामने आया। बिहार सरकार के गृह विभाग की विशेष शाखा ने राज्य सुरक्षा समिति की सिफारिश पर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को Z श्रेणी की सुरक्षा देने का आदेश जारी किया। लालू यादव की सुरक्षा में बुलेटप्रूफ वाहन और क्विक रिस्पांस टीम की व्यवस्था शामिल की गई। हालांकि राबड़ी देवी का सरकारी बंगला अलग प्रशासनिक मामला बना रहा।
सरकारी बंगले पर नाराजगी
Lalu Yadav Security के साथ सरकारी आवास का मुद्दा भी जुड़ा रहा। पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को खाली कराने के आदेश पर लालू परिवार ने आपत्ति जताई थी। यह आवास बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया था। सरकार ने राबड़ी देवी के लिए हार्डिंग रोड पर दूसरे आवास की व्यवस्था का हवाला दिया। लालू यादव की सुरक्षा के विवाद के बीच राबड़ी देवी का सरकारी बंगला सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव का विषय बन गया।
लालू ने सरकार पर उठाए सवाल
Lalu Yadav Security में कटौती और आवास से जुड़े फैसलों को लेकर लालू प्रसाद यादव ने तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा घटाने और आवास आवंटन रद्द करने के पीछे राजनीतिक कारण थे। हालांकि सरकार का पक्ष था कि ये प्रशासनिक फैसले हैं। लालू यादव की सुरक्षा और राबड़ी देवी का सरकारी बंगला दोनों मुद्दों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हुए।
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क्या है Z और Z Plus सुरक्षा?
Lalu Yadav Security मामले में Z और Z Plus का अंतर समझना जरूरी है। दोनों ही उच्च स्तर की वीआईपी सुरक्षा श्रेणियां हैं, लेकिन Z Plus को आमतौर पर अधिक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था माना जाता है। सुरक्षाकर्मियों की संख्या और सुविधाएं खतरे के आकलन पर निर्भर करती हैं। लालू यादव की सुरक्षा में पहले Z Plus श्रेणी थी, जबकि जुलाई में Z श्रेणी बहाल की गई। राबड़ी देवी का सरकारी बंगला सुरक्षा श्रेणी से अलग सरकारी आवास के नियमों से जुड़ा विषय है।
सुरक्षा पर राजनीति क्यों?
Lalu Yadav Security को लेकर आरजेडी का आरोप था कि विपक्षी नेताओं की सुरक्षा घटाना गलत है। दूसरी ओर, सरकार ने सुरक्षा समीक्षा को अपने निर्णय का आधार बताया। किसी भी प्रमुख राजनीतिक व्यक्ति की सुरक्षा का फैसला संभावित खतरे को ध्यान में रखकर होना चाहिए। लालू यादव की सुरक्षा के साथ राबड़ी देवी का सरकारी बंगला भी बिहार की राजनीति में प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक मतभेदों की चर्चा का हिस्सा बना।
आगे क्या होगा?
Lalu Yadav Security मामले में जुलाई 2026 का आधिकारिक आदेश एक महत्वपूर्ण बदलाव था। इससे यह साफ हुआ कि सुरक्षा व्यवस्था समय-समय पर बदली जा सकती है। हालांकि लालू यादव की सुरक्षा को लेकर भविष्य में कोई भी बदलाव संबंधित सरकारी आदेश पर निर्भर करेगा। वहीं राबड़ी देवी का सरकारी बंगला किसके कब्जे में रहेगा, यह आवास आवंटन और संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई से तय होगा।
-समाप्त-
