Commonwealth Games 2026: Neeraj Chopra and Yashveer Singh celebrating their medals at Commonwealth Games 2026 as India records a successful day in athletics and judo.
Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में आयोजित Commonwealth Games 2026 के आठवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को कई यादगार पल दिए। एथलेटिक्स, जूडो और फील्ड इवेंट्स में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का दम दिखाया और कुल छह पदक भारत की झोली में डाले। दिन का सबसे चर्चित मुकाबला पुरुष जेवलिन थ्रो रहा, जहां स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि युवा खिलाड़ी यशवीर सिंह ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज अपने नाम किया।
Commonwealth Games 2026 में भारतीय दल का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि कई युवा खिलाड़ियों ने पहली बार बड़े मंच पर अपनी क्षमता साबित की है। जूडो में इतिहास रचा गया, जबकि एथलेटिक्स में भी भारत को नई उपलब्धियां हासिल हुईं।
जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा को सिल्वर, यशवीर ने किया प्रभावित
Commonwealth Games 2026 के पुरुष जेवलिन थ्रो फाइनल में सभी की निगाहें ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा पर थीं। नीरज ने प्रतियोगिता में 85.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। हालांकि वह गोल्ड मेडल से चूक गए।
इस इवेंट में श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर का शानदार थ्रो करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। उनका प्रदर्शन पूरे मुकाबले में सबसे बेहतर रहा और उन्होंने प्रतियोगिता के शुरुआती चरण से ही बढ़त बनाए रखी।
वहीं भारत के युवा एथलीट यशवीर सिंह ने सभी को चौंका दिया। उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 85.41 मीटर का थ्रो किया और ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। Commonwealth Games 2026 में यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। खास बात यह रही कि यशवीर ने दबाव के बीच अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और अंतिम चरणों में पदक सुनिश्चित किया।
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नीरज चोपड़ा का लगातार शानदार प्रदर्शन
पिछले कुछ वर्षों में नीरज चोपड़ा भारतीय एथलेटिक्स का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेल और डायमंड लीग जैसे बड़े मंचों पर सफलता हासिल करने के बाद Commonwealth Games 2026 में भी उन्होंने पदक जीतकर अपनी निरंतरता साबित की है।
हालांकि इस बार उन्हें गोल्ड मेडल नहीं मिला, लेकिन 85 मीटर से अधिक का थ्रो यह दिखाता है कि वह अब भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ जेवलिन थ्रोअर्स में शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नीरज और अधिक मजबूत वापसी कर सकते हैं।
यशवीर सिंह बने भारत की नई उम्मीद
Commonwealth Games 2026 में यशवीर सिंह का प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। उन्होंने न केवल व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया बल्कि बड़े खिलाड़ियों के बीच दबाव झेलते हुए पदक भी जीता।
यशवीर की सफलता यह दर्शाती है कि भारत में जेवलिन थ्रो की नई पीढ़ी तेजी से आगे बढ़ रही है। नीरज चोपड़ा की प्रेरणा से देश में इस खेल के प्रति रुचि बढ़ी है और अब कई युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौती देने की स्थिति में पहुंच रहे हैं।
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तेजस्विन शंकर ने रचा इतिहास
Commonwealth Games 2026 में भारत के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि तेजस्विन शंकर ने हासिल की। उन्होंने डेकाथलॉन प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ खेलों के डेकाथलॉन इवेंट में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
तेजस्विन ने कुल 7976 अंक हासिल किए और तीसरे स्थान पर रहे। डेकाथलॉन दुनिया के सबसे कठिन एथलेटिक्स इवेंट्स में गिना जाता है क्योंकि इसमें खिलाड़ियों को दस अलग-अलग स्पर्धाओं में हिस्सा लेना पड़ता है।
Commonwealth Games 2026 में तेजस्विन का यह पदक भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले वह हाई जंप में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं।
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क्या होता है डेकाथलॉन?
डेकाथलॉन एक बहु-प्रतियोगी एथलेटिक्स इवेंट है जिसमें खिलाड़ियों को दस अलग-अलग स्पर्धाओं में प्रदर्शन करना होता है। इनमें 100 मीटर दौड़, लॉन्ग जंप, शॉटपुट, हाई जंप, 400 मीटर दौड़, 110 मीटर हर्डल्स, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जेवलिन थ्रो और 1500 मीटर दौड़ शामिल हैं।
हर इवेंट में प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाते हैं और अंत में कुल अंकों के आधार पर रैंकिंग तय होती है। Commonwealth Games 2026 में तेजस्विन शंकर ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए पोडियम तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
जूडो में भारत का स्वर्णिम दिन
Commonwealth Games 2026 के आठवें दिन जूडो में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने इतिहास रचते हुए कॉमनवेल्थ खेलों में जूडो में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता। उनकी जीत भारतीय जूडो के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
अस्मिता की सफलता के कुछ ही मिनट बाद हर्ष सिंह ने भी गोल्ड मेडल जीतकर भारत की खुशी दोगुनी कर दी। लगभग 15 मिनट के अंतराल में भारत को दो स्वर्ण पदक मिले, जिसने पूरे भारतीय दल का मनोबल बढ़ा दिया।
इसके अलावा यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल जीतकर जूडो में भारत के शानदार प्रदर्शन को और मजबूत बनाया। Commonwealth Games 2026 में जूडो टीम का यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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मेडल तालिका में भारत की स्थिति
आठवें दिन के मुकाबलों के बाद Commonwealth Games 2026 की पदक तालिका में भारत ने कुल 23 पदक अपने नाम कर लिए हैं। इनमें 5 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य पदक शामिल हैं।
भारतीय टीम फिलहाल शीर्ष 10 देशों में शामिल है और आने वाले दिनों में कई अन्य प्रतियोगिताओं में भी पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं। एथलेटिक्स, कुश्ती, बैडमिंटन और बॉक्सिंग जैसे खेलों में भारत के खिलाड़ी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
Commonwealth Games 2026 में अब तक का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय खेल लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा प्रतिभाएं भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने में सफल हो रही हैं।
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