Greater Noida factory fire Firefighters at rescue operation after wall collapse
Greater Noida Factory Fire: ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माण फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने मंगलवार तड़के दर्दनाक मोड़ ले लिया। आग बुझाने पहुंचे दमकलकर्मी जब लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहे थे, तभी फैक्ट्री परिसर की एक दीवार और लोहे का भारी बीम अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस हादसे में पांच Firefighters मलबे की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल सभी कर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो दमकलकर्मियों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन अन्य का उपचार जारी है। अधिकारियों के अनुसार घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
यह घटना न केवल औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी बताती है कि जान जोखिम में डालकर दूसरों की सुरक्षा करने वाले Firefighters किन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
रात में लगी आग, कई फायर टेंडरों को भेजा गया मौके पर
पुलिस के अनुसार 3 और 4 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र स्थित ILGIM कंपनी में आग लगने की सूचना मिली। यह कंपनी इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माण का कार्य करती है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर सर्विस, एंबुलेंस और राहत दल घटनास्थल के लिए रवाना हुए।
आग तेजी से फैली हुई थी, इसलिए स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई फायर टेंडरों को मौके पर भेजा गया। Firefighters ने कई घंटों तक लगातार मशक्कत करते हुए आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया। लंबे अभियान के बाद आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया, लेकिन इसी दौरान बड़ा हादसा हो गया।
Greater Noida Factory Fire बुझाते समय अचानक गिरी दीवार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब दमकलकर्मी फैक्ट्री के एक हिस्से में आग बुझाने का काम कर रहे थे, तभी कंपनी की एक साइड की दीवार और उसके साथ जुड़ा भारी लोहे का बीम अचानक गिर पड़ा। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वहां मौजूद पांच Firefighters मलबे के नीचे दब गए।
मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों और राहत टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। भारी मलबे को हटाकर सभी घायलों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
दो Firefighters ने उपचार के दौरान तोड़ा दम
घायलों की पहचान मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार, अमित कुमार और रोहित यादव के रूप में हुई।
अस्पताल में इलाज के दौरान फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं राजपाल सिंह, मनीष कुमार और अमित कुमार का इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
Read: 50 हजार का इनामी बदमाश विपुल उर्फ ‘खूनी’ एनकाउंटर में ढेर, मेरठ STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
दमकल विभाग के दो कर्मियों की शहादत से पुलिस, प्रशासन और फायर सर्विस विभाग में शोक की लहर है। अधिकारियों ने उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को श्रद्धांजलि दी है।
SDRF और पुलिस ने संभाला मोर्चा
Greater Noida Factory Fire की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। राहत एवं बचाव कार्य को तेज करने के लिए SDRF की टीम को भी लगाया गया। पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई अन्य कर्मचारी या व्यक्ति फंसा न हो।
घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेकर राहत अभियान चलाया गया। कुछ घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। इसके बाद विशेषज्ञ टीमों ने फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण शुरू किया।
आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके से साक्ष्य जुटा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह भी देखा जा रहा है कि फैक्ट्री में अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन किया गया था या नहीं। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि आग के दौरान दीवार और लोहे का भारी बीम आखिर क्यों गिरा।
यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस Greater Noida Factory Fire के बाद एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक और केमिकल से जुड़ी फैक्ट्रियों में अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और भवन की संरचनात्मक मजबूती का समय-समय पर ऑडिट होना बेहद जरूरी है।
यदि आग के दौरान भवन का कोई हिस्सा कमजोर होकर गिर जाता है तो इससे राहत एवं बचाव अभियान में लगे Firefighters और कर्मचारियों दोनों की जान खतरे में पड़ सकती है।
READ MORE: जालौन में विकास का नया सूर्य: ₹1,274 करोड़ की 374 परियोजनाओं से बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर
शहीद Firefighters की बहादुरी को सलाम
दमकल विभाग के अधिकारी लगातार इस बात पर जोर देते हैं कि Firefighters हर आपदा में सबसे पहले मौके पर पहुंचकर दूसरों की जान बचाने का प्रयास करते हैं। कई बार उन्हें विषैले धुएं, तेज लपटों और कमजोर इमारतों के बीच काम करना पड़ता है।
Greater Noida Factory Fire ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि आपदा के समय राहत कार्य में जुटे ये कर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सुरक्षा के लिए आगे बढ़ते हैं। इस हादसे में दो बहादुर दमकलकर्मियों की शहादत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।
पुलिस और अग्निशमन विभाग ने बताया कि Greater Noida Factory Fire की विस्तृत जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आग लगने के वास्तविक कारणों, भवन की स्थिति और सुरक्षा मानकों के पालन से जुड़े सभी पहलुओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज और शहीद दमकलकर्मियों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है.
Today Haryana News| The World News Insights | TV TODAY BHARAT NEWS | LATEST BOLLYWOOD NEWS |COMMONWEALTH GAME 2026 | SPORT NEWS | CRIME NEWS|UTTAR PRADESH |UTTARAKHAND UPDATE |CM YOGI BREAKING |EXPLAINER TV TODAY BHARAT|WEB STORY |NATIONAL NEWS TODAY | Business Bharat
