Mayor Pushyamitra Bhargav presenting Indore Development Report 2026 and outlining the city's 25-year development vision.
Indore Development Report: देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में अपनी पहचान बनाए रखने वाले इंदौर में नगर निगम परिषद के चार वर्ष पूरे होने पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपनी सरकार का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने दावा किया कि बीते चार वर्षों में केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने पर ही नहीं, बल्कि वर्ष 2047 तक के इंदौर को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं की मजबूत नींव रखी गई है। महापौर का कहना है कि शहर में जल आपूर्ति, सड़क, पुल, सीवरेज, स्वच्छता, डिजिटल सेवाओं और हरित ऊर्जा से जुड़े कई ऐसे फैसले लिए गए हैं, जिनका लाभ आने वाले 25 वर्षों तक शहरवासियों को मिलेगा।
स्वच्छता में नंबर वन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती थी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि वर्ष 2022 में जब नई परिषद ने कार्यभार संभाला था, तब इंदौर लगातार स्वच्छता सर्वेक्षण में देश का नंबर वन शहर था। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती इस उपलब्धि को बनाए रखने के साथ-साथ उसे और बेहतर बनाना था।
उन्होंने बताया कि केवल सफाई व्यवस्था को जारी रखना ही उद्देश्य नहीं था, बल्कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और नवाचारों को जोड़कर स्वच्छता मॉडल को भविष्य के अनुरूप तैयार किया गया। नगर निगम ने कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर कलेक्शन और नागरिक सहभागिता जैसे क्षेत्रों में भी लगातार सुधार किए।
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2047 के इंदौर को ध्यान में रखकर बनी विकास योजनाएं
महापौर ने कहा कि पिछले चार वर्षों में कई बड़े विकास कार्य एक साथ शुरू किए गए। इससे शहरवासियों को कुछ समय तक असुविधा का सामना करना पड़ा, लेकिन ये सभी परियोजनाएं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य केवल आज की समस्याओं का समाधान करना नहीं है, बल्कि आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मजबूत आधार तैयार करना है। इसी सोच के साथ ‘अनंत इंदौर’ की अवधारणा पर लगातार काम किया जा रहा है।
बढ़ती आबादी के लिए तैयार हो रहा नया इंफ्रास्ट्रक्चर
Indore Development Report के दौरान महापौर ने बताया कि वर्ष 2011 की तुलना में शहर में मकानों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है। बढ़ती आबादी को देखते हुए नगर निगम ने जल, सड़क और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है।
उन्होंने बताया कि नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर को प्रतिदिन लगभग 900 एमएलडी अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा। इसके लिए करीब 1600 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया है, जबकि एक हजार करोड़ रुपये के ब्लू बॉन्ड की तैयारी भी की जा रही है।
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सड़क, पुल और सीवरेज नेटवर्क पर विशेष फोकस
महापौर के अनुसार शहर में मास्टर प्लान के तहत 24 प्रमुख सड़कों का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के सहयोग से 16 नए पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है ताकि यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि नमामि गंगे और अमृत-2 जैसी योजनाओं के माध्यम से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट विकसित किए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में अब तक ड्रेनेज नेटवर्क नहीं पहुंचा था, वहां भी तेजी से सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी और जल संरक्षण को मिली प्राथमिकता
Indore Development Report में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों का भी विशेष उल्लेख किया गया। महापौर ने बताया कि शहर में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। इसके साथ ही एक लाख से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि शहर में एक लाख दस हजार से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, जिससे ऊर्जा की बचत के साथ बेहतर रोशनी भी सुनिश्चित हुई है। नगर निगम के पुराने दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन और रिकॉर्ड स्कैनिंग का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाई जा सके।
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जनसुविधाओं के विस्तार का भी दावा
महापौर ने बताया कि नगर निगम ने स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। शहर के सभी वार्डों तक संजीवनी क्लीनिक की सुविधा पहुंचाई गई है, जिससे लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही हैं।
इसके अलावा अंतिम संस्कार से जुड़ी सुविधाओं के लिए मोक्ष रथ जैसी जनसेवा योजनाओं का भी विस्तार किया गया है। उनका कहना है कि नगर निगम का उद्देश्य केवल विकास कार्य करना नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर और सरल सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।
चार वर्षों में तैयार हुई अगले 25 वर्षों की बुनियाद
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि पिछले चार वर्षों में किए गए अधिकांश कार्यों का वास्तविक लाभ आने वाले वर्षों में दिखाई देगा। उनका दावा है कि वर्तमान परिषद ने ऐसे प्रोजेक्ट शुरू किए हैं जो अगले 25 वर्षों तक इंदौर के विकास की दिशा तय करेंगे।
उन्होंने कहा कि अब नगर निगम का अगला लक्ष्य अधूरे विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करना और शहर को आधुनिक शहरी सुविधाओं के अनुरूप तैयार करना है।
आगे क्या रहेगा फोकस?
नगर निगम के अनुसार आगामी वर्षों में जल आपूर्ति, यातायात व्यवस्था, हरित ऊर्जा, डिजिटल प्रशासन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही बढ़ती आबादी को देखते हुए नई आधारभूत सुविधाओं का विस्तार भी प्राथमिकता में रहेगा।
Indore Development Report के जरिए नगर निगम ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि विकास योजनाओं को केवल वर्तमान तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक रणनीति तैयार की गई है। अब इन परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन और उनका जमीनी असर आने वाले वर्षों में शहर के विकास की दिशा तय करेगा.
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