RBI MPC Meeting 2026: Sensex rallies ahead of RBI policy decision as investors gain nearly ₹4 lakh crore
RBI MPC Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के फैसले से पहले घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बुधवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 600 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि निवेशकों की संपत्ति में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया। बाजार की इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी और RBI की ओर से ब्याज दरों में स्थिरता बनाए रखने की उम्मीद को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI MPC Meeting का फैसला आने से पहले निवेशकों ने सतर्क लेकिन सकारात्मक रुख अपनाया है। बाजार की नजर केवल रेपो रेट पर ही नहीं, बल्कि केंद्रीय बैंक की भविष्य की नीति और महंगाई को लेकर दिए जाने वाले संकेतों पर भी टिकी हुई है।
सेंसेक्स में 600 अंकों से ज्यादा की छलांग
कारोबार की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 626 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ खुला और 79,000 के स्तर को पार कर गया। शुरुआती कारोबार में बाजार ने मजबूत खरीदारी के संकेत दिए, हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।
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दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी अपेक्षाकृत सीमित दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया। जानकारों का कहना है कि हाल के महीनों में बाजार की चाल कई बार मिश्रित रही है, लेकिन इस बार निवेशकों का फोकस पूरी तरह RBI MPC Meeting के नतीजों पर बना हुआ है।
निवेशकों की संपत्ति में 4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा
बाजार में आई शुरुआती तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को मिला। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बाजार खुलते ही लगभग 4 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया।
मार्केट कैप में इस बढ़ोतरी का मतलब है कि जिन निवेशकों ने पहले से बाजार में निवेश किया हुआ था, उनकी कुल संपत्ति में कुछ ही मिनटों में बड़ा उछाल देखने को मिला। विश्लेषकों का कहना है कि यदि RBI MPC Meeting के बाद केंद्रीय बैंक का रुख बाजार के अनुमान के अनुरूप रहता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी निवेशकों का भरोसा मजबूत बना रह सकता है।
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इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी
बुधवार के शुरुआती कारोबार में कई बड़े शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। भारती एयरटेल, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), लार्सन एंड टुब्रो (L&T), महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में 1 से 2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।
वहीं दूसरी ओर कुछ आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रहा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) सहित कुछ प्रमुख टेक शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक संकेतों और सेक्टर आधारित खरीदारी की वजह से अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रुझान दिखाई दिए।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़ी खरीदारी
केवल बड़े शेयरों में ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखी गई, जबकि कुछ वित्तीय और एफएमसीजी कंपनियों में हल्का दबाव बना रहा। बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक रही और बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों की तुलना में काफी अधिक रही।
RBI MPC Meeting पर क्यों टिकी है बाजार की नजर?
इस समय बाजार का सबसे बड़ा फोकस RBI MPC Meeting है। अधिकांश अर्थशास्त्रियों और बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि रिजर्व बैंक इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और इसे मौजूदा स्तर पर बनाए रख सकता है।
हालांकि निवेशकों की असली दिलचस्पी केंद्रीय बैंक की भविष्य की रणनीति में है। यदि RBI महंगाई को लेकर सख्त रुख अपनाता है या भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव के संकेत देता है, तो उसका असर शेयर बाजार, बैंकिंग सेक्टर और कर्ज की लागत पर भी दिखाई दे सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाया बाजार का भरोसा
बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी भी मानी जा रही है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल कम होने और महंगाई पर दबाव घटने की संभावना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट आय पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी सहारा
हाल के कारोबारी सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से खरीदारी बढ़ने के संकेत मिले हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटना भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
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यदि RBI MPC Meeting के बाद केंद्रीय बैंक स्थिर और संतुलित नीति अपनाता है, तो विदेशी निवेश का प्रवाह आगे भी जारी रह सकता है, जिससे बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिलने की संभावना है।
आगे क्या रहेगा निवेशकों का फोकस?
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर RBI की मौद्रिक नीति, महंगाई के ताजा आंकड़ों, वैश्विक आर्थिक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी रहेगी। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
फिलहाल बाजार में सकारात्मक माहौल जरूर दिखाई दे रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि RBI MPC Meeting के बाद आने वाली टिप्पणी और भविष्य की नीति संबंधी संकेत ही तय करेंगे कि यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ेगा। निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले बाजार की परिस्थितियों और जोखिमों का सावधानीपूर्वक आकलन करना चाहिए।
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